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बैट्री चुराने वाले गिरोह के दो सदस्य दबोचे
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 10 Apr 2016 11:51 PM IST
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thief arrested
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर के थाना कुतुबशेर पुलिस ने मोबाइल टॉवरों पर लगाई जाने वाली बैट्रियां चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के दो शातिरों से करीब दो लाख की कीमत की 24 बैट्रियां और अन्य सामान बरामद किया गया है।
इस गैंग का सरगना मेरठ का रहने वाला है। पुलिस शातिरों से पूछताछ कर गैंग से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों के बारे में छानबीन कर रही है।
थाना प्रभारी शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि फरवरी में गंगोह रोड स्थित गांव उनाली से एक कंपनी के टॉवर से बैट्री चोरी की गई थी। इसकी शिकायत थाने पर की गई थी। तब से बैट्री चुराने वालों की छानबीन चल रही थी।
उन्होंने बताया कि एक मुखबिर की सूचना पर एसएसआई धीरेंद्र सिंह, एसआई भूपेंद्र सिंह, अनीस अहमद, राजेंद्र, रवींद्र कुमार सहित अन्य सदस्यों की टीम ने ढोली खाल क्षेत्र में दबिश दी।
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यहां एक टॉवर से बैट्री चुराने की कोशिश करते समय ही गैंग सरगना सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 24 चुराई गई बैट्रियां और उनके लिफ्टिंग से जुड़ा अन्य सामान बरामद किया गया है।
इसकी कीमत करीब दो लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सचिन तोमर मेरठ के थाना मुंडाली क्षेत्र के गांव भगवानपुर का रहने वाला है जबकि उसका दूसरा साथी नकुड़ के खेड़की गांव का रहने वाला मोनू है।
कुतुबशेर पुलिस ने बताया कि सचिन तोमर टाटा कंपनी में संविदा पर टॉवर टेक्नीशियन का काम कर चुका है। उसे पता है कि टॉवर से बैट्री कैसे निकाली जाती है और कैसे फिट की जाती है। वह टेक्नीशियन से बैट्री चोर गिरोह का लीडर बन गया।
पुलिस को यह भी पता चला है कि टॉवरों से चुराई गई पुरानी बैटरियों को दूसरे टॉवरों में फिट कर उनकी नई बैट्रियों को बेच दिया जाता है। कुछ जगहों पर चुराई गई पुरानी बैट्रियों को ही सीधे बेच दिया गया।
नकुड़ के खेड़की का रहने वाला मोनू इस गैंग का इनफोर्मर रहा है। मोनू ऐसे टॉवरों को ट्रैस करता था जहां से आसानी से बैट्री को चुराया जा सके। उसकी फिजिकल रिपोर्ट के बाद ही बैट्री चोरी को अंजाम दिया जाता था।
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इस गैंग का सरगना मेरठ का रहने वाला है। पुलिस शातिरों से पूछताछ कर गैंग से जुड़े अन्य संभावित सदस्यों के बारे में छानबीन कर रही है।
थाना प्रभारी शैलेंद्र शर्मा ने बताया कि फरवरी में गंगोह रोड स्थित गांव उनाली से एक कंपनी के टॉवर से बैट्री चोरी की गई थी। इसकी शिकायत थाने पर की गई थी। तब से बैट्री चुराने वालों की छानबीन चल रही थी।
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उन्होंने बताया कि एक मुखबिर की सूचना पर एसएसआई धीरेंद्र सिंह, एसआई भूपेंद्र सिंह, अनीस अहमद, राजेंद्र, रवींद्र कुमार सहित अन्य सदस्यों की टीम ने ढोली खाल क्षेत्र में दबिश दी।
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यहां एक टॉवर से बैट्री चुराने की कोशिश करते समय ही गैंग सरगना सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 24 चुराई गई बैट्रियां और उनके लिफ्टिंग से जुड़ा अन्य सामान बरामद किया गया है।
इसकी कीमत करीब दो लाख रुपये आंकी जा रही है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सचिन तोमर मेरठ के थाना मुंडाली क्षेत्र के गांव भगवानपुर का रहने वाला है जबकि उसका दूसरा साथी नकुड़ के खेड़की गांव का रहने वाला मोनू है।
कुतुबशेर पुलिस ने बताया कि सचिन तोमर टाटा कंपनी में संविदा पर टॉवर टेक्नीशियन का काम कर चुका है। उसे पता है कि टॉवर से बैट्री कैसे निकाली जाती है और कैसे फिट की जाती है। वह टेक्नीशियन से बैट्री चोर गिरोह का लीडर बन गया।
पुलिस को यह भी पता चला है कि टॉवरों से चुराई गई पुरानी बैटरियों को दूसरे टॉवरों में फिट कर उनकी नई बैट्रियों को बेच दिया जाता है। कुछ जगहों पर चुराई गई पुरानी बैट्रियों को ही सीधे बेच दिया गया।
नकुड़ के खेड़की का रहने वाला मोनू इस गैंग का इनफोर्मर रहा है। मोनू ऐसे टॉवरों को ट्रैस करता था जहां से आसानी से बैट्री को चुराया जा सके। उसकी फिजिकल रिपोर्ट के बाद ही बैट्री चोरी को अंजाम दिया जाता था।