फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Trains antisocial elements terror

ट्रेनों में असामाजिक तत्वों का आतंक

Sat, 03 Dec 2016 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Sat, 03 Dec 2016 12:10 AM IST
विज्ञापन
Trains antisocial elements terror
एक्सप्रेस ट्रेन
सहारनपुर में जहरखुरान, जेबतराश, अटैची चोर और झपटमार जैसे बदमाशों के साथ ही मनचलों और असामाजिक तत्वों के लगातार बढ़ते आतंक ने यात्रियों के लिए ट्रेनों में सफर ही मुश्किल कर दिया है।
विज्ञापन


आम यात्रियों, महिलाओं से लेकर सेना और पुलिस के जवान तक असामाजिक तत्वों का शिकार हो रहे हैं। लगातार हो रही घटनाओं ने रेलवे विभाग और जीआरपी की टेंशन बढ़ा दी है।
विज्ञापन


चार पांच महीनों में ही टपरी, नागल और देवबंद क्षेत्र में असामाजिक तत्वों ने महिलाओं से बदसलूकी, मारपीट, कहासुनी पर ट्रेन पर पथराव से लेकर सामान छीनकर भागने की घटनाओं को अंजाम दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इनमें पैसेंजर ट्रेनों की सुरक्षा तो भगवान भरोसे है, क्योंकि यह गाड़ी छोटे-छोटे स्टेशनों पर रुकती हैं। रात के समय आउटर पर यात्रियों के साथ ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया जाता है। टपरी, नागल और देवबंद में तो ऐसे तत्व अधिक सक्रिय हैं।

सहारनपुर रेलवे स्टेशन से रोजाना करीब 170 फेरों में ट्रेनें गुजरती हैं। इनमें प्रतिदिन 30 से 35 हजार यात्री सफर करते हैं। लेकिन, जीआरपी के पास ट्रेनों में ड्यूटी और सुरक्षा के लिए पर्याप्त फोर्स ही नहीं है।

थाना प्रभारी समेत 150 जवानों के भरोसे ही ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा टिकी है। एक्सप्रेस ट्रेनों में टिकट निरीक्षकों की दखल और स्टाफ की कमी ने भी जीआरपी के सामने ऐसे असामाजिक तत्वों से निपटने की चुनौती को बढ़ा दिया है।


जीआरपी थाना प्रभारी अशोक कुमार सिसौदिया मानते हैं कि कस्बों और देहाती इलाकों के स्टेशनों पर चौकसी के लिए अधिक फोर्स की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed