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बदमाश से कहा, कार वापस दे तो कर दी हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 25 Apr 2017 12:28 AM IST
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हत्या में शामिल षडयंत्रकारी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर के गंगोह के गांव मानपुर थली की महिला ग्राम प्रधान राकेश बाला की हत्या रंजिश के चलते शामली के ईनामी बदमाश विपुल खूनी ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी।
प्रधान राकेश बाला बदमाशों पर लूटी गई एक कार को वापस करने का दबाव बना रही थी। पुलिस ने हत्या के षडयंत्र में शामिल एक बदमाश को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया है। विपुल सहित अन्य बदमाश अभी फरार है।
सीओ इंदु सिद्धार्थ ने कोतवाली में पत्रकारों के समक्ष खुलासा करते हुए बताया कि मुखबिर की सूचना पर करनाल हाईवे स्थित बीनपुर तिराहे से गांव गौसगढ़ निवासी मास्टर प्रवीण को गिरफ्तार किया गया।
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उससे पूछताछ में पता चला कि 31 मार्च को गांव मानपुर थली में प्रधान राकेश बाला की हत्या शामली जनपद के गांव भभीसा निवासी ईनामी बदमाश विपुल खूनी ने गांव उमरपुर निवासी सिद्धराम उर्फ काला एवं अन्य अज्ञात के साथ मिलकर की थी।
गिरफ्तार किया गया विपुल का मौसा गांव गौसगढ़ निवासी मास्टर प्रवीण हत्या के षडयंत्र में शामिल था। गिरफ्तार किए गए आरोपी का चालान कर जेल भेज दिया गया है।
कोतवाल योगेश शर्मा ने बताया कि पूछताछ में अभी केवल विपुल और काला के ही नाम सामने आए है। वह आरोपी मास्टर प्रवीण को कस्टडी रिमांड पर लेकर और पूछताछ करेंगे।
बताया कि काला और विपुल दोनो ही फरार चल रहे हैं। सहारनपुर के अलावा मुजफ्फरनगर और शामली जनपदों की पुलिस टीमें उनकी धरपकड़ के प्रयास में लगी है।
सीओ ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि हाल ही में विपुल की बहन का विवाह गांव मानपुर थली निवासी एक युवक से हुआ था। विपुल के खिलाफ दर्ज हत्या के एक मामले में कांधला पुलिस ने उसे पनाह देने के आरोप में विपुल की बहन के ससुर करणसिंह और मास्टर प्रवीण के कुछ अन्य रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर लिया था।
जिसकी सूचना करणसिंह की पुत्री ने मास्टर प्रवीण को देते हुए बताया कि प्रधान राकेश बाला ने ही उन्हें गिरफ्तार करवाया है और अब पुलिस तुम लोगों को भी किसी भी वक्त पकड़ सकती है।
इसके बाद मास्टर प्रवीण और विपुल ने मिलकर प्रधान राकेश बाला को रास्ते से हटाने का षड़यंत्र रचा और 31 मार्च की सुबह राकेश बाला की उसके घर में ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई।
यह थी हत्या की वजह
सीओ ने बताया कि 24 नवंबर को शामली जनपद के चौसाना क्षेत्र में मोहल्ला कोटला निवासी मोहित जिंदल से स्विफ्ट कार लूटी गई थी। मोहित जिंदल के परिवार के प्रधान राकेश बाला से पारिवारिक संबंध थे।
लूट के कुछ दिन बाद ही प्रधान राकेश बाला को उक्त कार अपने गांव के पास दिखाई दी थी। उसने डायल 100 पुलिस को सूचना देकर उक्त कार का पीछा किया था परंतु कार पकड़ में नहीं आ पाई थी।
इसके बाद प्रधान ने अपने सूत्रों से कार के बारे में पता लगाने के प्रयास शुरू कर दिए थे। प्रधान को पता चल गया था कि शामली जनपद के गांव भभीसा निवासी ईनामी बदमाश विपुल खूनी ने अपने साथियों के साथ मिलकर कार लूटी थी और वह उक्त कार में क्षेत्र के गांव गौसगढ़ निवासी अपने मौसा
मास्टर प्रवीण से मिलने आया था। इसके बाद दबंग महिला प्रधान राकेश बाला ने मास्टर प्रवीण पर उक्त कार को वापस कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। गांव में हुई पंचायत में कुछ लोगों ने कार को वापस कराने की जिम्मेदारी ली थी।
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प्रधान राकेश बाला बदमाशों पर लूटी गई एक कार को वापस करने का दबाव बना रही थी। पुलिस ने हत्या के षडयंत्र में शामिल एक बदमाश को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया है। विपुल सहित अन्य बदमाश अभी फरार है।
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सीओ इंदु सिद्धार्थ ने कोतवाली में पत्रकारों के समक्ष खुलासा करते हुए बताया कि मुखबिर की सूचना पर करनाल हाईवे स्थित बीनपुर तिराहे से गांव गौसगढ़ निवासी मास्टर प्रवीण को गिरफ्तार किया गया।
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उससे पूछताछ में पता चला कि 31 मार्च को गांव मानपुर थली में प्रधान राकेश बाला की हत्या शामली जनपद के गांव भभीसा निवासी ईनामी बदमाश विपुल खूनी ने गांव उमरपुर निवासी सिद्धराम उर्फ काला एवं अन्य अज्ञात के साथ मिलकर की थी।
गिरफ्तार किया गया विपुल का मौसा गांव गौसगढ़ निवासी मास्टर प्रवीण हत्या के षडयंत्र में शामिल था। गिरफ्तार किए गए आरोपी का चालान कर जेल भेज दिया गया है।
कोतवाल योगेश शर्मा ने बताया कि पूछताछ में अभी केवल विपुल और काला के ही नाम सामने आए है। वह आरोपी मास्टर प्रवीण को कस्टडी रिमांड पर लेकर और पूछताछ करेंगे।
बताया कि काला और विपुल दोनो ही फरार चल रहे हैं। सहारनपुर के अलावा मुजफ्फरनगर और शामली जनपदों की पुलिस टीमें उनकी धरपकड़ के प्रयास में लगी है।
सीओ ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि हाल ही में विपुल की बहन का विवाह गांव मानपुर थली निवासी एक युवक से हुआ था। विपुल के खिलाफ दर्ज हत्या के एक मामले में कांधला पुलिस ने उसे पनाह देने के आरोप में विपुल की बहन के ससुर करणसिंह और मास्टर प्रवीण के कुछ अन्य रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर लिया था।
जिसकी सूचना करणसिंह की पुत्री ने मास्टर प्रवीण को देते हुए बताया कि प्रधान राकेश बाला ने ही उन्हें गिरफ्तार करवाया है और अब पुलिस तुम लोगों को भी किसी भी वक्त पकड़ सकती है।
इसके बाद मास्टर प्रवीण और विपुल ने मिलकर प्रधान राकेश बाला को रास्ते से हटाने का षड़यंत्र रचा और 31 मार्च की सुबह राकेश बाला की उसके घर में ही गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई।
यह थी हत्या की वजह
सीओ ने बताया कि 24 नवंबर को शामली जनपद के चौसाना क्षेत्र में मोहल्ला कोटला निवासी मोहित जिंदल से स्विफ्ट कार लूटी गई थी। मोहित जिंदल के परिवार के प्रधान राकेश बाला से पारिवारिक संबंध थे।
लूट के कुछ दिन बाद ही प्रधान राकेश बाला को उक्त कार अपने गांव के पास दिखाई दी थी। उसने डायल 100 पुलिस को सूचना देकर उक्त कार का पीछा किया था परंतु कार पकड़ में नहीं आ पाई थी।
इसके बाद प्रधान ने अपने सूत्रों से कार के बारे में पता लगाने के प्रयास शुरू कर दिए थे। प्रधान को पता चल गया था कि शामली जनपद के गांव भभीसा निवासी ईनामी बदमाश विपुल खूनी ने अपने साथियों के साथ मिलकर कार लूटी थी और वह उक्त कार में क्षेत्र के गांव गौसगढ़ निवासी अपने मौसा
मास्टर प्रवीण से मिलने आया था। इसके बाद दबंग महिला प्रधान राकेश बाला ने मास्टर प्रवीण पर उक्त कार को वापस कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। गांव में हुई पंचायत में कुछ लोगों ने कार को वापस कराने की जिम्मेदारी ली थी।