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हालात नहीं भांप पाई पुलिस
ब्यूरो/अमर उजाला, गागलहेड़ी
Updated Sat, 30 Apr 2016 12:46 AM IST
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गागलहेड़ी के घटकोली गांव में संघर्ष के बाद तैनात पुलिस बल।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दोपहर राजपूतों और दलितों में संघर्ष के बाद बसपा जिलाध्यक्ष जनेश्वर प्रसाद, जोन कोर्डीनेटर कुलदीप बालियान, विधायक प्रतिनिधि योगेश कुमार एवं यशवीर सिंह भी गांव पहुंचे और दलितों को समझा बुझा कर कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर दे दी।
मगर, दलित कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। पुलिस इस मामले में हालात नहीं भांप पाई। एक संगठन के कुछ लोगों ने भी गांव में लोगों को भड़काया और पुलिस इससे अनजान बनी रही।
दुश्मन की तरह पुलिस टीम पर हमला ः प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक पक्ष के युवक को कुछ लोग घेरकर मारपीट कर रहे थे। जैसे ही पुलिस ने उस युवक को छुड़ाने की कोशिश की तो भीड़ ने पुलिस पर दुश्मन की तरह हमला शुरू कर दिया। वहां मौजूद एक होमगार्ड ने बताया कि भीड़ ने पत्थर फेंकने के साथ लाठी डंडों से हमला कर दिया। पुलिसकर्मियों का किसी तरह भागकर जान बचानी पड़ी।
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एसडीएम और सीओ मौके से हुए गायब ः बेकाबू भीड़ ने जब हमला बोला तो वहां मौजूद एसडीएम सदर रामविलास यादव और सीओ आनंद पांडेय मौके से गायब हो गए।
पुलिस टीम ने बचाव में लाठी फटकारी मगर, अफसरों के गैरमौजूदगी से पुलिसकर्मियों का हौसला टूट गया। सबसे बड़ी बात यह है कि इस बवाल के बाद अफसर भी लापरवाह बने रहे। वहां से फोर्स कम होते ही दोबारा बवाल शुरू हो गया। सिपाहियों का कहना है कि दोबारा बवाल पर दो घंटे तक फोर्स नहीं पहुंची और अफसरों के नंबर बिजी आते रहे।
एसएसपी आरपी सिंह यादव ने बताया कि किसी खुराफाती ने बोर्ड और प्रतिमा पर कालिख लगा दी थी। पुलिस ने उसे साफ करा दिया, इसके बाद राजपूत और दलित समाज के लोगों में झगड़ा हुआ। दोनों ओर से पथराव हुआ है, मगर फायरिंग के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। एसओ फतेहपुर और एक सिपाही को भी चोटें आई हैं। गांव में भारी फोर्स तैनात है और अब हालात काबू में हैं।
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मगर, दलित कार्रवाई की मांग पर अड़े थे। पुलिस इस मामले में हालात नहीं भांप पाई। एक संगठन के कुछ लोगों ने भी गांव में लोगों को भड़काया और पुलिस इससे अनजान बनी रही।
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दुश्मन की तरह पुलिस टीम पर हमला ः प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक पक्ष के युवक को कुछ लोग घेरकर मारपीट कर रहे थे। जैसे ही पुलिस ने उस युवक को छुड़ाने की कोशिश की तो भीड़ ने पुलिस पर दुश्मन की तरह हमला शुरू कर दिया। वहां मौजूद एक होमगार्ड ने बताया कि भीड़ ने पत्थर फेंकने के साथ लाठी डंडों से हमला कर दिया। पुलिसकर्मियों का किसी तरह भागकर जान बचानी पड़ी।
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एसडीएम और सीओ मौके से हुए गायब ः बेकाबू भीड़ ने जब हमला बोला तो वहां मौजूद एसडीएम सदर रामविलास यादव और सीओ आनंद पांडेय मौके से गायब हो गए।
पुलिस टीम ने बचाव में लाठी फटकारी मगर, अफसरों के गैरमौजूदगी से पुलिसकर्मियों का हौसला टूट गया। सबसे बड़ी बात यह है कि इस बवाल के बाद अफसर भी लापरवाह बने रहे। वहां से फोर्स कम होते ही दोबारा बवाल शुरू हो गया। सिपाहियों का कहना है कि दोबारा बवाल पर दो घंटे तक फोर्स नहीं पहुंची और अफसरों के नंबर बिजी आते रहे।
एसएसपी आरपी सिंह यादव ने बताया कि किसी खुराफाती ने बोर्ड और प्रतिमा पर कालिख लगा दी थी। पुलिस ने उसे साफ करा दिया, इसके बाद राजपूत और दलित समाज के लोगों में झगड़ा हुआ। दोनों ओर से पथराव हुआ है, मगर फायरिंग के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं। एसओ फतेहपुर और एक सिपाही को भी चोटें आई हैं। गांव में भारी फोर्स तैनात है और अब हालात काबू में हैं।