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दहेज के लिए पुत्र की हत्या करने वाले को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 15 Apr 2017 12:17 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : file photo
सहारनपुर में दहेज में मोटरसाइकिल एवं 51 हजार रुपये न लाने पर पति ने पत्नी के साथ मारपीट की और बलकटी से हमला कर दिया। जिससे पत्नी की गोद में 9 माह के बच्चे की मौत हो गई।
कोर्ट ने इस मामले में आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। रामपुर मनिहारन निवासी महिपाल ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी राखी की शादी रामपुर मनिहारन के मोहल्ला इकराम निवासी दीपक के साथ 2013 में हुई थी।
आरोप है कि दीपक दहेज के लिए राखी के साथ मारपीट करता था। इस दौरान उसके एक बेटा विवेक भी हो गया। लेकिन बेटा होने के बावजूद उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। दीपक ने 2014 के शुरू में राखी को मारपीट कर घर से निकाल दिया था।
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तब से वह अपने मायके में ही रह रही थी। 21 सितंबर 2014 को रिश्तेदारों के समझाने पर महिपाल ने अपने बेटे संजीव के साथ राखी को उसके ससुराल भिजवा दिया। उस समय राखी का बेटा विवेक 9 माह का था।
ससुराल में जाते ही शाम को फिर से विवाद हो गया। राखी का आरोप है कि रात को 8 बजे दीपक अधिक आक्रोशित हो गया और उस पर बलकटी से वार कर दिया। जिससे उसकी गोद में स्थित विवेक और वह घायल हो गए।
बाद में विवेक की अस्पताल जाते समय मौत हो गई। इस मामले में रामपुर मनिहारन में एफआईआर दर्ज कराई गई और मामला अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में पहुंचा।
एडीजीसी विक्रम सिंह वर्मा ने बताया कि कोर्ट में दोनों पक्षों की सुनवाई की गई। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने राखी पर बलकटी से हमला कर घायल करने के आरोप में दीपक को तीन साल का कारावास की सजा सुनाई है।
जबकि अपने बेटे विवेक की हत्या के मामले में कोर्ट ने दीपक को आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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कोर्ट ने इस मामले में आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। रामपुर मनिहारन निवासी महिपाल ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी राखी की शादी रामपुर मनिहारन के मोहल्ला इकराम निवासी दीपक के साथ 2013 में हुई थी।
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आरोप है कि दीपक दहेज के लिए राखी के साथ मारपीट करता था। इस दौरान उसके एक बेटा विवेक भी हो गया। लेकिन बेटा होने के बावजूद उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया। दीपक ने 2014 के शुरू में राखी को मारपीट कर घर से निकाल दिया था।
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तब से वह अपने मायके में ही रह रही थी। 21 सितंबर 2014 को रिश्तेदारों के समझाने पर महिपाल ने अपने बेटे संजीव के साथ राखी को उसके ससुराल भिजवा दिया। उस समय राखी का बेटा विवेक 9 माह का था।
ससुराल में जाते ही शाम को फिर से विवाद हो गया। राखी का आरोप है कि रात को 8 बजे दीपक अधिक आक्रोशित हो गया और उस पर बलकटी से वार कर दिया। जिससे उसकी गोद में स्थित विवेक और वह घायल हो गए।
बाद में विवेक की अस्पताल जाते समय मौत हो गई। इस मामले में रामपुर मनिहारन में एफआईआर दर्ज कराई गई और मामला अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में पहुंचा।
एडीजीसी विक्रम सिंह वर्मा ने बताया कि कोर्ट में दोनों पक्षों की सुनवाई की गई। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने राखी पर बलकटी से हमला कर घायल करने के आरोप में दीपक को तीन साल का कारावास की सजा सुनाई है।
जबकि अपने बेटे विवेक की हत्या के मामले में कोर्ट ने दीपक को आजीवन कारावास और 40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।