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हरियाणा-पंजाब के रास्ते हो रही गोवंश की तस्करी

Tue, 07 Mar 2017 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Tue, 07 Mar 2017 12:15 AM IST
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Haryana-Punjab getting its progeny way trafficking
गोतस्करी को लेकर विरोध प्रकट करते सांसद। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर में बेहद संवेदनशील हो चुके सहारनपुर में हर दिन पंजाब-हरियाणा से बड़े पैमाने पर गोवंश तस्करी कर लाए जा रहे हैं। सीमाओं पर पुलिस की मिलीभगत के चलते तस्कर बेखौफ इस तरह की वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
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इस संवेदनशील मामले में पुलिस की लापरवाही के चलते कभी भी बड़ा बवाल हो सकता है। मगर, अफसर इन बातों से अनजान बने हैं। जबकि एक दिन पहले ही गोवंश तस्करों ने सहारनपुर में अलग-अलग जगहों पर तांडव किया।
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पुलिस टीम को भी कुचलने का प्रयास कर आसानी से फरार हो गए। उन मामलों में भी पुलिस के हाथ अब तक सफलता नहीं लग पाई है। तीन राज्यों की सीमा पर बसे सहारनपुर में बड़े पैमाने पर गोवंश तस्करी हो रही है।
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वेस्ट यूपी में पंजाब और हरियाणा से पशु लाए जाते हैं। इनमें दुधारू पशुओं के अलावा कटान के लिए भी पशु इन्हीं राज्यों से आते हैं। इसी की आड़ में तस्कर बड़े पैमाने पर गोवंश की तस्करी करने से नहीं चूक रहे हैं।

इतना ही नहीं, पुलिस की  लापरवाही से ना केवल तस्कर बेखौफ हो रहे हैं, बल्कि पुलिस पर भी हमलावर होने लगे हैं। दरअसल, पंजाब में पशु पैठ का बड़ा गढ़ है और सहारनपुर सहित पूरे वेस्ट यूपी में वहां से पशु लाए जाते हैं। 

ऐसे में यहां के तस्कर वहां से दुधारू पशुओं को भी दलालों के माध्यम से खरीद लेते हैं। इसके बाद वे अलग-अलग रास्तों से सहारनपुर में प्रवेश करते हैं और उसे कटान के लिए बेच देते हैं। इस पूरे मामले में पुलिस की संदिग्ध भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। 

सहारनपुर की सीमा हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल से मिलती है। सबसे बड़ी सीमा हरियाणा से जुड़ी होने के कारण उस रास्ते पर पशुओं और खासकर गोवंश की तस्करी होती है।

यमुना और खुली सीमाओं के चलते आसानी से तस्करी कर यहां प्रवेश कर जाते हैं। यही कारण है कि ज्यादातर गोवंश पकड़ने का मामला शहर के अंदर ही  सामने आता है।

गंगोह और नकुड़ के रास्ते ही तस्करों के लिए मुुफीद है। कारण यहां सीमाएं सुनसान होने के चलते बेरोकटोक होने के कारण आसनी से तस्करी हो जाती हैं।

रामपुर मनिहारान के ग्राम पहांसु और मानकमऊ में गोवंश तस्करों द्वारा ग्रामीणों पर फायरिंग और जानलेवा हमला करने के विरोध में सांसद राघव लखन पाल शर्मा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। 

मुलाकात में सांसद ने गोवंश तस्करों द्वारा जनपद में दिखाए जा रहे दुस्साहस पर एसएसपी के समक्ष नाराजगी जतायी। कहा कि पुलिस की ढिलाई के कारण जनपद में गौ तस्करों के हौसले बुलंद है।

जिस तरह से पहांसु में तस्करों द्वारा ग्रामीणों पर जानलेवा हमला किया गया, यह इसका प्रमाण है। उन्होंने कहा कि घटना में केवल एक व्यक्ति पकड़ा गया है, बाकी सारे फरार है।

जिन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार करके रासुका लगाई जाए। सांसद ने कहा कि गोहत्या पर पूर्णतया लगाम लगाना पुलिस का कर्तव्य है। ये जनपद की शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए भी आवश्यक है।


व्यापारी राकेश अरोड़ा हत्याकांड का अभी तक खुलासा न होने पर भी नाराजगी जताई। एसएसपी से मिलने वालों में देवेंद्र निम, राजेंद्र प्रधान, अनिल कोरी, ओमी पंवार, सचिन पंवार, कमलजीत सिंह, संदीप रावत, किशोर शर्मा, अमित त्यागी, शीतल विश्नोई, भूपेंद्र शर्मा, राजबीर सिंह, सूर्यकांत राणा, अमित चौधरी, भानू चौधरी आदि मौजूद रहे। 
 
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