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डिडौली में परिवार 387 शौचालय बना दिए 571
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sun, 04 Sep 2016 01:37 AM IST
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गांव में अभिलेखों में मात्र 387 परिवार और ग्राम पंचायत सचिव ने 571 शौचालय की सूची थमा दी। सीडीओ एवं डीडीओ ने गांव का निरीक्षण किया एवं रिपोर्ट मांगी तो मामले का खुलासा हुआ। डीडीओ ने मामले की जांच बैठा दी है और ग्राम पंचायत सचिव एवं लिपिक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की। बीडीओ को भी प्रतिकूल प्रविष्टि जारी कर दी है।
मुख्य विकास अधिकारी दीपक मीणा और जिला विकास अधिकारी विक्रम सिंह ने ग्राम जौला डिडौली में गांव में चल रही विकास योजनाओं का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव देशराज से गांव के शौचालयों के बारे में जानकारी की तो जवाब सुनकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
जिला विकास अधिकारी ने बताया कि गांव में 387 परिवार हैं, जबकि ग्राम पंचायत सचिव ने बताया कि उसने 571 शौचालय बनवा दिए हैं, जिनमें कुछ निर्माणाधीन हैं। इन सभी शौचालयों का बजट भी जारी कर दिया गया है। जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है। जिला विकास अधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायत सचिव और लिपिक बिना किसी सर्वे के ही मनमर्जी के आंकड़े बता रहे हैं। जो कि भारी लापरवाही है।
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उन्होंने कहा कि गांव में परिवारों से अधिक 571 शौचालय नहीं बन सकते। जबकि कुछ पहले से भी बने होंगे। इसलिए पहले इस मामले की जांच कराई जा रही है। फिलहाल ग्राम पंचायत अधिकारी देशराज और लिपिक विजयपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। बीडीओ को भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
मुख्य विकास अधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि उन्होंने शौचालयों की जांच के लिए टीम गठित कर दी है। परिवारों की संख्या से अधिक शौचालय बनवाए गए हैं। टीम को पात्रता की जानकारी दी गई है, जिससे लाभार्थियों का पता चल सके।
गांव में हौसला पोषण मिशन का भोजन भी नहीं बन रहा
सहारनपुर। ग्राम जौला डिडौली में सीडीओ दीपक मीणा एवं जिला विकास अधिकारी विक्रम सिंह ने गांव में हौसला पोषण मिशन की जानकारी ली। लोगों ने बताया कि गांव में आंगनबाड़ी केंद्र पर हौसला पोषण मिशन का भोजन बनाया नहीं जा रहा। अभी तक वहां शुरू ही नहीं किया गया। जिस पर सीडीओ ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं।
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मुख्य विकास अधिकारी दीपक मीणा और जिला विकास अधिकारी विक्रम सिंह ने ग्राम जौला डिडौली में गांव में चल रही विकास योजनाओं का निरीक्षण करने के लिए पहुंचे। उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव देशराज से गांव के शौचालयों के बारे में जानकारी की तो जवाब सुनकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
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जिला विकास अधिकारी ने बताया कि गांव में 387 परिवार हैं, जबकि ग्राम पंचायत सचिव ने बताया कि उसने 571 शौचालय बनवा दिए हैं, जिनमें कुछ निर्माणाधीन हैं। इन सभी शौचालयों का बजट भी जारी कर दिया गया है। जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है। जिला विकास अधिकारी ने बताया कि ग्राम पंचायत सचिव और लिपिक बिना किसी सर्वे के ही मनमर्जी के आंकड़े बता रहे हैं। जो कि भारी लापरवाही है।
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उन्होंने कहा कि गांव में परिवारों से अधिक 571 शौचालय नहीं बन सकते। जबकि कुछ पहले से भी बने होंगे। इसलिए पहले इस मामले की जांच कराई जा रही है। फिलहाल ग्राम पंचायत अधिकारी देशराज और लिपिक विजयपाल के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। बीडीओ को भी प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
मुख्य विकास अधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि उन्होंने शौचालयों की जांच के लिए टीम गठित कर दी है। परिवारों की संख्या से अधिक शौचालय बनवाए गए हैं। टीम को पात्रता की जानकारी दी गई है, जिससे लाभार्थियों का पता चल सके।
गांव में हौसला पोषण मिशन का भोजन भी नहीं बन रहा
सहारनपुर। ग्राम जौला डिडौली में सीडीओ दीपक मीणा एवं जिला विकास अधिकारी विक्रम सिंह ने गांव में हौसला पोषण मिशन की जानकारी ली। लोगों ने बताया कि गांव में आंगनबाड़ी केंद्र पर हौसला पोषण मिशन का भोजन बनाया नहीं जा रहा। अभी तक वहां शुरू ही नहीं किया गया। जिस पर सीडीओ ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं।