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20 साल की उम्र में ही शाहिद बन गया था डकैत

Sat, 17 Dec 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Sat, 17 Dec 2016 12:04 AM IST
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At the age of 20 became a dacoit Shahid
खुलासा करते एसएसपी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार पश्चिमी यूपी के लूट, डकैती एवं हत्या समेत सौ से अधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले तीन डकैतों में शामिल शाहिद उर्फ कबूतर उर्फ कमल हसन 20 साल की उम्र में ही डकैत बन गया था।
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उसका नाम सबसे पहले वर्ष 2011 में मेरठ के ग्राम लड़पुरा में उम्मेद प्रधान के यहां पड़ी डकैती में सामने आया। तभी से ही पुलिस उसकी तलाश में थी, लेकिन उसे अब तक पकड़ा नहीं जा सका।  
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एसएसपी मनोज तिवारी के अनुसार मेरठ के ग्राम हाजीपुर थाना खरखौदा निवासी शाहिद उर्फ कबूतर ने मेरठ के ग्राम लड़पुरा में उम्मेद प्रधान के यहां डकैती डाली।

इस डकैती में उसके साथ अकरम, रिहान जो मुकीम गैंग के थे, आशु, सादाब उर्फ खलीफा, आशिफ एवं अरशद शामिल रहे। इनमें शाहिद को छोड़कर पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लेकिन शाहिद पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा।
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शुरू में शाहिद मुकीम गैंग के साथ घटनाओं को अंजाम देता रहा। उसके बाद शाहिद ने रिहान, मुनव्वर उर्फ मान्ना, मरगूब, शाहिद लंगड़ा के साथ मिलकर नया गैंग बना लिया एवं डकैती की घटनाओं को अंजाम देता रहा। अन्य लोग तो पकड़े जाते रहे, लेकिन शाहिद पुलिस को चकमा देता रहा। 

 वर्ष 2011 से वह लगातार गैंग एवं नाम बदल-बदल कर डकैती की घटना करता रहा। शाहिद ने कई नाम बदले। इसे शाहिद उर्फ कबूतर उर्फ कमल हसन उर्फ गद्दी उर्फ नेपाली उर्फ ठाकुर उर्फ सारिक उर्फ सिक्कू के नाम से भी डकैतियां डाली।


कोई भी एक दूसरे का नाम नहीं लेता था, सभी बदमाश एक दूसरे को कोड वर्ड से बुलाते थे। छह साल से कई जिलों की पुलिस शाहिद की तलाश कर रही थी।
नाम की बजाय कोडवर्ड से बुलाते हैं एक-दूसरे को

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीन डकैतों ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि डकैती डालते समय वह एक दूसरे का नाम नहीं लेते थे। बल्कि नाम की बजाय कोड वर्ड से बुलाते थे। किसी को ठाकुर, नेता, मोटा, बड़े वाला, लंगड़ा, कबूतर, छोटा जैसे नाम से पुकारते है। जिस कारण कोई भी पुलिस को उनका सही नाम नहीं बता सका। इसी के चलते 12 हजार का ईनामी शाहिद बचता रहा।
 
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