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गिरफ्तार नहीं किया एक लाख का इनामी सुमित
ब्यूरो/ अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 09 Feb 2016 12:44 AM IST
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सहारनपुर में जिले के बड़गांव क्षेत्र निवासी एक कॉलेज की छात्रा से गैंगरेप कर उसका अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने के मामले में सनसनीखेज मामला सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई की कार्रवाई में यूपी एसटीएफ की टीम ने शनिवार को बड़गांव क्षेत्र के चार आरोपियों को तो जरूर हिरासत में लिया था। हालांकि इसमें एक लाख का इनामी घोषित किए गए सुमित नाम के किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया।
सीबीआई की जांच टीम से जुड़े सूत्रों और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने खुलासा किया है कि एमएमएस कांड के आरोपियों तक पहुंचने के लिए सीबीआई की ओर से एक पोस्टर सभी मीडिया माध्यमों से जारी किया गया था। इसमें गन्ने के खेत में खड़ा एक युवक नजर आ रहा है। इसके चित्र को इस्तेमाल करते हुए ही सीबीआई ने अपनी जांच शुरू करने के साथ ही एक लाख रुपये का इनाम दर्शाया था। हालांकि पोस्टर में दर्शाया जाने वाला आरोपी सुमित नहीं था, बल्कि यह युवक इस प्रकरण की पीड़ित छात्रा के पक्ष से ही था।
आरोपियों तक पहुंचने के लिए किया इस ट्रिक का इस्तेमाल
- सीबीआई और स्थानीय स्तर पर एमएमएस कांड की जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि गैंगरेप वाले वीडियो में इसी युवक की तस्वीर अधिक साफ आ रही थी। इसलिए वास्तविक आरोपियों को ट्रेस करने के लिए इस युवक की तस्वीर पोस्टर पर लगाई गई। इसी के सहारे जांच कर गैंगरेप के चार अन्य आरोपियों को पकड़ा गया। पकड़े गए आरोपियों में बड़गांव क्षेत्र निवासीसंजय कुमार, नीरज, अनुज और विनोद शामिल हैं।
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प्रेमी के साथ बाइक पर आई थी छात्रा
- एक वर्ष पुराने वीडियो के आधार पर की गई जांच में सामने आया कि कॉलेज की पीड़ित छात्रा प्रेमी के साथ बड़गांव क्षेत्र में आई थी। कुछ ग्रामीणों ने खेत में प्रेमी युगल को आपत्तिजनक अवस्था में देख लिया था। इसके बाद ही प्रेमी के साथ मारपीट की गई, जबकि छात्रा के साथ गैंगरेप कर उसकी अश्लील वीडियो बनाकर बाद में उसे वायरल किया गया। सीबीआई के एएसपी एन कृष्णमूर्ति, डीएसपी अमित कुमार, जांच अधिकारी दीपक कुमार, एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक अजय सहदेव सहित अन्य सदस्यों की टीम ने यह मामला खोलते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कराया।
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सीबीआई की जांच टीम से जुड़े सूत्रों और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने खुलासा किया है कि एमएमएस कांड के आरोपियों तक पहुंचने के लिए सीबीआई की ओर से एक पोस्टर सभी मीडिया माध्यमों से जारी किया गया था। इसमें गन्ने के खेत में खड़ा एक युवक नजर आ रहा है। इसके चित्र को इस्तेमाल करते हुए ही सीबीआई ने अपनी जांच शुरू करने के साथ ही एक लाख रुपये का इनाम दर्शाया था। हालांकि पोस्टर में दर्शाया जाने वाला आरोपी सुमित नहीं था, बल्कि यह युवक इस प्रकरण की पीड़ित छात्रा के पक्ष से ही था।
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आरोपियों तक पहुंचने के लिए किया इस ट्रिक का इस्तेमाल
- सीबीआई और स्थानीय स्तर पर एमएमएस कांड की जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि गैंगरेप वाले वीडियो में इसी युवक की तस्वीर अधिक साफ आ रही थी। इसलिए वास्तविक आरोपियों को ट्रेस करने के लिए इस युवक की तस्वीर पोस्टर पर लगाई गई। इसी के सहारे जांच कर गैंगरेप के चार अन्य आरोपियों को पकड़ा गया। पकड़े गए आरोपियों में बड़गांव क्षेत्र निवासीसंजय कुमार, नीरज, अनुज और विनोद शामिल हैं।
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प्रेमी के साथ बाइक पर आई थी छात्रा
- एक वर्ष पुराने वीडियो के आधार पर की गई जांच में सामने आया कि कॉलेज की पीड़ित छात्रा प्रेमी के साथ बड़गांव क्षेत्र में आई थी। कुछ ग्रामीणों ने खेत में प्रेमी युगल को आपत्तिजनक अवस्था में देख लिया था। इसके बाद ही प्रेमी के साथ मारपीट की गई, जबकि छात्रा के साथ गैंगरेप कर उसकी अश्लील वीडियो बनाकर बाद में उसे वायरल किया गया। सीबीआई के एएसपी एन कृष्णमूर्ति, डीएसपी अमित कुमार, जांच अधिकारी दीपक कुमार, एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक अजय सहदेव सहित अन्य सदस्यों की टीम ने यह मामला खोलते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कराया।