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खाते में आते ही निकाल ली सारी रकम
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 18 Apr 2017 01:37 AM IST
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बेसिक शिक्षा विभाग के सर्व शिक्षा अभियान और नगर निगम के खाते के चेक जैसे-जैसे गबन वाले तीनों खातों में लगते गए, तुंरत ही उन खातों से पैसे निकाल लिए गए। बैैंक ने ट्रांसफर किए पैसे वापस लाने का प्रयास भी किया, लेकिन बाद में उन खातों में पैसे ही नहीं मिले।
जिला बेसिक अधिकारी बुद्ध प्रिय सिंह के हस्ताक्षर कर सर्व शिक्षा अभियान के सिविल लाइन स्थित पंजाब नेशनल बैंक के खाते से निकाले गए 67.90 लाख रुपये 18 फर्जी चेकों से हस्ताक्षर कर निकाले गए। ये चेक 16 मार्च से 6 अप्रैल के बीच लगाए गए। ये सभी चेक बरेली के इज्ज्तनगर की पीएनबी के अतुल केबिल नेटवर्क खाते में, मेरठ के पीरशाह गेट स्थित पीएनबी के नेहा के खाते में और दीपक सैनी के नाम से दिल्ली के रानीबाग स्थित पीएनबी के खाते में जमा हुए।
इसके अलावा नगर निगम के भी चार फर्जी चेकों के माध्यम से नगरायुक्त के फर्जी हस्ताक्षर कर लगाए गए। इनमें से दो चेक 8.80 लाख रुपये के तो ट्रांसफर कर दिए गए। लेकिन 13 अप्रैल को लगाए गए चेक मौके पर ही रोक लिए गए जो 4.70 लाख और 4.80 लाख के थे। इससे नगर निगम के खाते से 8.80 लाख रुपये का गबन हुआ।
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ये चेक 7 अप्रैल, 10 अप्रैल और 13 अप्रैल को लगाए गए और सभी चेक अतुल केबल नेटवर्क के खाते में लगाए गए। बैंक ने गबन का खुलासा होने के बाद अधिकारियों को तीन दिन में सभी ट्रांसफर किए गए पैसे को वापस लाने का आश्वासन दिया गया। लेकिन बाद में जांच करने पर तीनों खातों में ट्रांसफर की गई रकम का एक रुपया भी नहीं मिला।
सूत्रों के अनुुसार जैसे-जैसे सहारनपुर से फर्जी चेक लगते गए वैसे-वैसे तुरंत ही संबंधित खातों से धनराशि निकाली जाती रही। इससे बैंकों की पैसे वापसी की उम्मीदों को झटका लगा है। 76.70 लाख की सरकारी धनराशि के गबन को लेकर पुलिस सख्ती बरतने की तैयारी कर रही है।
उधर, बैंक अधिकारियों ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए तीन दिन का समय मांगा था। बैंक अधिकारियों ने खुद ही जांच करके फर्जी चेकों से गबन करने वाले कर्मचारी एवं चेक लगाने वाले व्यक्ति की जानकारी देकर भेजी गई धनराशि को खातों में वापस किए जाने का आश्वासन दिया था।
बैंक अधिकारियों द्वारा दिया गया समय पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक बैंक अधिकारी किसी दोषी को पकड़ पाने में असमर्थ साबित हुए हैं। पुलिस बैंक अधिकारियाें के जवाब का इंतजार कर रही है। उनका जवाब मिलते ही पुलिस एक्शन में आ जाएगी।
ड्रॉप बॉक्स में डाले जाते रहे चेक
जितने भी फर्जी चेक सिविल लाइन पीएनबी बैंक से पास करके पैसों का गबन किया गया, वे सभी चेक किसी व्यक्ति द्वारा सीधे किसी कर्मचारी को नहीं दिए गए, बल्कि बैंक की स्लिप भरके उसमें चेक लगाकर उन्हें ड्रॉप बॉक्स में डाला गया। इससे यह भी पता नहीं चल सका कि किस व्यक्ति ने बैंक के कर्मचारियों तक चेक पहुंचाया।
समय खत्म, अब पुलिस करेगी कार्रवाई
एसएसपी लव कुमार का कहना है कि अधिकारियों ने तीन दिन का समय मांगा था। पुलिस ने भी तीन दिन का मौका दे दिया। लेकिन तीन दिन में बैंक अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके हैं। दिया गया समय पूरा हो चुका है। अब पुलिस अपनी कार्रवाई करेगी।
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जिला बेसिक अधिकारी बुद्ध प्रिय सिंह के हस्ताक्षर कर सर्व शिक्षा अभियान के सिविल लाइन स्थित पंजाब नेशनल बैंक के खाते से निकाले गए 67.90 लाख रुपये 18 फर्जी चेकों से हस्ताक्षर कर निकाले गए। ये चेक 16 मार्च से 6 अप्रैल के बीच लगाए गए। ये सभी चेक बरेली के इज्ज्तनगर की पीएनबी के अतुल केबिल नेटवर्क खाते में, मेरठ के पीरशाह गेट स्थित पीएनबी के नेहा के खाते में और दीपक सैनी के नाम से दिल्ली के रानीबाग स्थित पीएनबी के खाते में जमा हुए।
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इसके अलावा नगर निगम के भी चार फर्जी चेकों के माध्यम से नगरायुक्त के फर्जी हस्ताक्षर कर लगाए गए। इनमें से दो चेक 8.80 लाख रुपये के तो ट्रांसफर कर दिए गए। लेकिन 13 अप्रैल को लगाए गए चेक मौके पर ही रोक लिए गए जो 4.70 लाख और 4.80 लाख के थे। इससे नगर निगम के खाते से 8.80 लाख रुपये का गबन हुआ।
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ये चेक 7 अप्रैल, 10 अप्रैल और 13 अप्रैल को लगाए गए और सभी चेक अतुल केबल नेटवर्क के खाते में लगाए गए। बैंक ने गबन का खुलासा होने के बाद अधिकारियों को तीन दिन में सभी ट्रांसफर किए गए पैसे को वापस लाने का आश्वासन दिया गया। लेकिन बाद में जांच करने पर तीनों खातों में ट्रांसफर की गई रकम का एक रुपया भी नहीं मिला।
सूत्रों के अनुुसार जैसे-जैसे सहारनपुर से फर्जी चेक लगते गए वैसे-वैसे तुरंत ही संबंधित खातों से धनराशि निकाली जाती रही। इससे बैंकों की पैसे वापसी की उम्मीदों को झटका लगा है। 76.70 लाख की सरकारी धनराशि के गबन को लेकर पुलिस सख्ती बरतने की तैयारी कर रही है।
उधर, बैंक अधिकारियों ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए तीन दिन का समय मांगा था। बैंक अधिकारियों ने खुद ही जांच करके फर्जी चेकों से गबन करने वाले कर्मचारी एवं चेक लगाने वाले व्यक्ति की जानकारी देकर भेजी गई धनराशि को खातों में वापस किए जाने का आश्वासन दिया था।
बैंक अधिकारियों द्वारा दिया गया समय पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक बैंक अधिकारी किसी दोषी को पकड़ पाने में असमर्थ साबित हुए हैं। पुलिस बैंक अधिकारियाें के जवाब का इंतजार कर रही है। उनका जवाब मिलते ही पुलिस एक्शन में आ जाएगी।
ड्रॉप बॉक्स में डाले जाते रहे चेक
जितने भी फर्जी चेक सिविल लाइन पीएनबी बैंक से पास करके पैसों का गबन किया गया, वे सभी चेक किसी व्यक्ति द्वारा सीधे किसी कर्मचारी को नहीं दिए गए, बल्कि बैंक की स्लिप भरके उसमें चेक लगाकर उन्हें ड्रॉप बॉक्स में डाला गया। इससे यह भी पता नहीं चल सका कि किस व्यक्ति ने बैंक के कर्मचारियों तक चेक पहुंचाया।
समय खत्म, अब पुलिस करेगी कार्रवाई
एसएसपी लव कुमार का कहना है कि अधिकारियों ने तीन दिन का समय मांगा था। पुलिस ने भी तीन दिन का मौका दे दिया। लेकिन तीन दिन में बैंक अधिकारी कोई जवाब नहीं दे सके हैं। दिया गया समय पूरा हो चुका है। अब पुलिस अपनी कार्रवाई करेगी।