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हर बवाल में हुई फायरिंग, पुलिस को नहीं मिला असलाह

Wed, 31 May 2017 12:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Wed, 31 May 2017 12:40 AM IST
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All the firing occurred, the police could not find Aslah
असलाह - फोटो : अमर उजाला
सहारनपुर में डेढ़ महीने में जिले में एक के बाद एक चार बार बवाल हुआ, हर बार जमकर फायरिंग की गई, हथियार लहराए गए, लेकिन पुलिस अभी तक एक भी असलाह बरामद नहीं कर पाई। पुलिस यह भी पता नहीं कर सकी कि बवाल करने वालों के पास इतने असलाह कहां से आए और किसने दिए ?
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सहारनपुर में 20 अप्रैल से बवाल का सिलसिला शुरू हुआ। 20 अप्रैल को सड़क दूधली में सांप्रदायिक बवाल हुए। जिसमें जमकर हथियारों का प्रदर्शन किया गया।

पुलिस दावा करती रही कि फायरिंग नहीं हुई, लेकिन पुलिस का यह दावा उस समय हवाई हो गया, जब सांसद के गनर के खिलाफ ही फायरिंग की कार्रवाई की गई। सांसद के सुरक्षा कर्मी ने भी बचाव में ही फायरिंग की थी।
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उस समय वहां बवाल कर रहे कई लोगों पर अवैध असलाह मौजूद थे, पुलिस के सामने खुलकर हथियार लहराए गए। लेकिन पुलिस एक भी असलाह बरामद नहीं कर सकी।

उसके बाद 5 मई को सड़क दूधली में हुए बवाल में तो कई राउंड फायरिंग हुई। यह सब पुलिस के सामने हुआ, लेकिन पुलिस किसी पर भी हाथ डालने की हिम्मत नहीं कर पाई।
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यही नहीं पुलिस बवाल के दौरान असलहों के डर से गांव में घुसने की हिम्मत नहीं जुटा पाई थी। लेकिन इस बवाल के बाद भी पुलिस असलाह बरामद नहीं कर सकी। 9 मई को तो बवालियों ने पुलिस पर भी फायरिंग की थी। 

 जहां से पुलिस अधिकारियों तक को भाग कर जान बचानी पड़ी। बवालियों के हाथों में हथियार देख पुलिस दूर-दूर हाी नजर आई, कोई उनके पास तक जाने की हिम्मत नहीं कर सका। लेकिन पुलिस यहां भी खाली हाथ रही।

उसके बाद 23 और 24 मई को तो गोलियों से दो युवकों को छलनी किया गया। जिसमें से 23 मई को गोली लगने से घायल हुए युवक आशीष की मौत भी हो गई। गोली चलाने के लिए असलहे का ही प्रयोग किया गया। 

 लेकिन पुलिस यहां भी सिर्फ हवा में ही दावे करत नजर आई। क्योंकि हर मामले में नामजद भी हुए, गिरफ्तार भी हुए, लेकिन असलाह कोई नहीं मिला। आखिर कहां से आए थे असलाह और फिर कहां चले गए, जो पुलिस एक चाकू तक बरामद नहीं कर पाई।


शब्बीरपुर गांव में शुरू हुए दंगे के बाद से क्षेत्र की बिगड़ती जा रही शांति व्यवस्था के मद्देनजर प्रशासन ने क्षेत्र के पांच गांवों के शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। थाना बड़गांव के शब्बीरपुर, शिमलाना, अंबेहटा चांद, महेशपुर के करीब 31 शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए जिला मजिस्ट्रेट के यहां भेज दिए गए हैं। 
 
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