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एक्टिव स्लीपर सेल से संपर्क में था रिजवान
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 28 Jan 2016 01:15 AM IST
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खतरनाक आतंकी संगठन आईएस से जुड़े रिजवान के सहारनपुर आकर दो दिन ठहरने और यहां हुई मीटिंग के खुलासे के बाद खुफिया एजेंसियां पड़ताल में जुट गई हैं। जांच में जुटे अफसरों का मानना है कि सहारनपुर सहित वेस्ट यूपी में एक्टिव स्लीपर सेल से रिजवान सीधा संपर्क में थणा। रुड़की से पकड़े गए चार संदिग्धों के साथ भी उसकी मीटिंग हुई थी।
ऐसे में अब उस मीटिंग और उसके बाद संदिग्धों के संपर्क में आए युवकों की भी तलाश की जा रही है। रिजवान सहित अन्य संदिग्ध आतंकियों के सहारनपुर कनेक्शन को फोकस कर जांच की जा रही है। उधर, केन्द्रीय खुफिया एजेंसियों का मानना है कि सहारनपुर में आतंकियों के स्लीपर सेल एक्टिव हो गए हैं। यही कारण है कि लगातार आतंकी संगठनो के सदस्य मददगारों से संपर्क साधने की कवायद में जुटे हैं।
कुशीनगर से गिरफ्तार आईएस के संदिग्ध आतंकी रिजवान के खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ी है। आतंकी कनेक्शनों के चलते पहले भी सुर्खियों में रहे सहारनपुर में संदिग्धों की गतिविधियों के चलते कई तरह की आशंकाएं सामने आ रही हैं। पड़ताल में जुटी एजेंसियों का मानना है कि आतंकी संगठनों का स्लीपर सेल से संपर्क है। यही कारण है कि मददगारों की शह पर संदिग्ध आसानी से यहां अपने मंसूबों को योजनाबद्ध कर पा रहे थे।
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रिजवान का देवबंद आना और दो दिन यहां रुकने के खुलासे के बाद इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि उसने प्रभावित युवकों से संपर्क किया हो।
आपको बता दें कि रुड़की से पकड़े गए चार आतंकियों की भी देवबंद में मीटिंग हुई थी। जांच एजेंसी मीटिंग वाली जगह और संदिग्धों के मददगारों तक पहुंचने के लिए क्लू तक पहुंचने में जुटी है।
आपको बता दें कि करीब डेढ़ साल पहले दिल्ली पुलिस ने आतंकी सुभान अैर उसके बेटे को भी यहां से गिरफ्तार किया था। इससे पहले भी जैश ए मोहम्मद के आतंकियों का ऑपरेशन भी स्लीपर सेल की मदद से हुआ था।
संपर्क साधने वाले युवकों की तलाश ः स्थानीय खुफिया एजेंसियां ऐसे युवकों की तलाश में हैं, जो लंबे समय से गायब हैं।
इसके अलावा आतंकी संगठनों से प्रभावित युवकों की तलाश के लिए सोशल साइट्स भी खंगाली जा रही है। कारण, विदेश में बैठे आतंकी सोशल साइट्स के जरिए ही युवकों को प्रभावित करने में जुटे हैं।
नेपाल से भी जुड़े हैं सहारनपुर के तार
संदिग्ध आतंकी रिजवान के नेपाल सीमा पर जाने और सहारनपुर आने के खुलासे के बाद एक नया क्लू सामने आया है। इससे पहले इंडियन मुजाहिद्दीन का सक्रिय सदस्य शेख एजाज सईद भी अगस्त 2014 में नेपाल सीमा पर गया था। वहां से वापसी में वह सीधा सहारनपुर आया था। हालांकि दिल्ली पुलिस ने उसे सहारनपुर स्टेशन पर ही दबोच लिया था। ऐसे में इस बात की आशंका जाहिर की जा रही है कि सहारनपुर का नेपाल सीमा से तार जुड़ा है।
अधिकारी कहिन
हमारी स्थानीय इकाई अपनी पड़ताल में जुटी है। इसके अलावा केन्द्रीय एजेसियां भी जांच कर रही हैं। इसमें हम हर पहलु को जांच के दायरे में रख रहे हैं। संदिग्धों पर हमारी पूरी नजर है। संदिग्धों की गिरफ्तारी और उनसे खुलासे से मिल रहे इनपुट के आधार पर हमारी जांच चल रही है।
- आरपी सिंह यादव, एसएसपी
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ऐसे में अब उस मीटिंग और उसके बाद संदिग्धों के संपर्क में आए युवकों की भी तलाश की जा रही है। रिजवान सहित अन्य संदिग्ध आतंकियों के सहारनपुर कनेक्शन को फोकस कर जांच की जा रही है। उधर, केन्द्रीय खुफिया एजेंसियों का मानना है कि सहारनपुर में आतंकियों के स्लीपर सेल एक्टिव हो गए हैं। यही कारण है कि लगातार आतंकी संगठनो के सदस्य मददगारों से संपर्क साधने की कवायद में जुटे हैं।
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कुशीनगर से गिरफ्तार आईएस के संदिग्ध आतंकी रिजवान के खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ी है। आतंकी कनेक्शनों के चलते पहले भी सुर्खियों में रहे सहारनपुर में संदिग्धों की गतिविधियों के चलते कई तरह की आशंकाएं सामने आ रही हैं। पड़ताल में जुटी एजेंसियों का मानना है कि आतंकी संगठनों का स्लीपर सेल से संपर्क है। यही कारण है कि मददगारों की शह पर संदिग्ध आसानी से यहां अपने मंसूबों को योजनाबद्ध कर पा रहे थे।
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रिजवान का देवबंद आना और दो दिन यहां रुकने के खुलासे के बाद इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि उसने प्रभावित युवकों से संपर्क किया हो।
आपको बता दें कि रुड़की से पकड़े गए चार आतंकियों की भी देवबंद में मीटिंग हुई थी। जांच एजेंसी मीटिंग वाली जगह और संदिग्धों के मददगारों तक पहुंचने के लिए क्लू तक पहुंचने में जुटी है।
आपको बता दें कि करीब डेढ़ साल पहले दिल्ली पुलिस ने आतंकी सुभान अैर उसके बेटे को भी यहां से गिरफ्तार किया था। इससे पहले भी जैश ए मोहम्मद के आतंकियों का ऑपरेशन भी स्लीपर सेल की मदद से हुआ था।
संपर्क साधने वाले युवकों की तलाश ः स्थानीय खुफिया एजेंसियां ऐसे युवकों की तलाश में हैं, जो लंबे समय से गायब हैं।
इसके अलावा आतंकी संगठनों से प्रभावित युवकों की तलाश के लिए सोशल साइट्स भी खंगाली जा रही है। कारण, विदेश में बैठे आतंकी सोशल साइट्स के जरिए ही युवकों को प्रभावित करने में जुटे हैं।
नेपाल से भी जुड़े हैं सहारनपुर के तार
संदिग्ध आतंकी रिजवान के नेपाल सीमा पर जाने और सहारनपुर आने के खुलासे के बाद एक नया क्लू सामने आया है। इससे पहले इंडियन मुजाहिद्दीन का सक्रिय सदस्य शेख एजाज सईद भी अगस्त 2014 में नेपाल सीमा पर गया था। वहां से वापसी में वह सीधा सहारनपुर आया था। हालांकि दिल्ली पुलिस ने उसे सहारनपुर स्टेशन पर ही दबोच लिया था। ऐसे में इस बात की आशंका जाहिर की जा रही है कि सहारनपुर का नेपाल सीमा से तार जुड़ा है।
अधिकारी कहिन
हमारी स्थानीय इकाई अपनी पड़ताल में जुटी है। इसके अलावा केन्द्रीय एजेसियां भी जांच कर रही हैं। इसमें हम हर पहलु को जांच के दायरे में रख रहे हैं। संदिग्धों पर हमारी पूरी नजर है। संदिग्धों की गिरफ्तारी और उनसे खुलासे से मिल रहे इनपुट के आधार पर हमारी जांच चल रही है।
- आरपी सिंह यादव, एसएसपी