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सहारनपुर में पहले भी रचा गया ट्रेन को पलटने का षड्यंत्र

Thu, 20 Dec 2018 12:14 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 20 Dec 2018 12:14 AM IST
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सहारनपुर में पहले भी रचा गया ट्रेन को पलटने का षड्यंत्र
सहारनपुर। असामाजिक तत्वों द्वारा ट्रेनों को पलटने की साजिश पहले भी रची जा चुकी है। कई बार तो पत्र भेजकर धमकियां भी दी गईं हैं। ऐसे मामले रेलवे लाइनों के लिए बड़ा खतरा हैं। रेलवे और पुलिस की तरफ से ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
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सहारनपुर के नागल क्षेत्र में मंगलवार की रात रेलवे ट्रैक पर कंक्रीट के खंभे रखकर उत्कल एक्सप्रेस को पलटने की साजिश रची गई। ट्रैक भी टूट गया। गनीमत रही कि ट्रेन सकुशल ट्रैक से गुजर गई। पटरी से एक भी डिब्बा उतर जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब ट्रेन को पलटने की कोशिश की गई है। पिछले वर्ष दिल्ली से सहारनपुर आ रही जनता एक्सप्रेस रामपुर मनिहारान के पास पलटने की कोशिश की गई। यहां भी रेलवे ट्रैक पर लोहे के गार्डर रख दिए गए थे। इसके चलते ट्रेन को जोरदार झटका लगा और ट्रेन डगमगाने लगी थी। लोको पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से बच गया था। उसके कुछ दिन बाद ही देवबंद के निकट तल्हेड़ी बुजुर्ग से रात में 67 पेंड्रोल क्लिप निकाल लिए गए थे। ट्रेन के गुजरते समय झटके लगे तो इसका पता चला था। सरसावा में भी पेंड्रोल क्लिप निकाल लिए गए थे। कई बार रेलवे ट्रैक भी टूटे मिले।
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सिर्फ ट्रेनों को पलटने की ही सजिश नहीं की गई, बल्कि धमकियां भी दी गईं। पिछले वर्ष स्टेशन अधीक्षक को पत्र भेजकर खतौली जैसी दुर्घटना कराए जाने एवं स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसी वर्ष सितंबर में भी अंबाला कैंट स्टेशन पर रेलवे अधिकारियों को पत्र भेजकर सहारनपुर स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। उत्तराखंड में भी एक पत्र भेजकर इसी प्रकार की धमकी दी गई थी।

धमकियों और साजिशों से रेलवे प्रशासन की नींद उड़ी हुई है। हालांकि साजिश कामयाब नहीं हो सकी है, लेकिन असामाजिक तत्व लगातार षड्यंत्र रच रहे हैं। खुफिया विभाग को इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। कई बार तो इस प्रकार के पत्रों को मात्र अफवाह और सतर्कता की दृष्टि से खुद ही बनाई गई योजना बताकर हवा में उड़ा दिया जाता है। ऐसे में रेलवे सुरक्षा में कभी भी असामाजिक तत्व सेंध लगाकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।
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