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सेंटर से गन्ना लेकर आए ट्रैक्टर चालक की ट्राली के नीचे दबने से मौत
Updated Sun, 04 Mar 2018 12:44 AM IST
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देवबंद (सहारनपुर)। सेंटर से गन्ना लेकर त्रिवेणी शुगर मिल में जा रहे ट्रैक्टर चालक की ट्राली के नीचे दबने से मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने वहां जमकर हंगामा किया। इतना ही नहीं उन्होंने मिल में तोड़फोड़ का प्रयास भी किया, लेकिन सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और हंगामा कर रहे लोगों को लाठियां फटकार कर हटाया। जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
डेहरा गांव निवासी संजय पुत्र राजबीर (35) बृहस्पतिवार की रात्रि गांव में सेंटर से गन्ना लेकर त्रिवेणी शुगर मिल पहुंचा था। अपनी बारी के इंतजार में उसने ट्रैक्टर ट्राली लाइन में खड़ा कर दिया और खुद लाइन में ही लगी एक ट्राली के नीचे सो गया। करीब 11 बजे नंबर आने पर जब चालक ट्रैक्टर लेकर चला तो संजय की आंख खुल गई और हड़बड़ी में उठने के चलते वे ट्राली से टकराकर पहिए के नीचे आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि घटना के बाद ट्रैक्टर चालक वहां से फरार हो गया। जैसे ही इसकी जानकारी संजय के परिजनों को हुई तो वह एक बसपा नेता और ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे तथा हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने मिल में घुसकर तोड़फोड़ का प्रयास भी किया। इस दौरान मिल प्रबंधतंत्र द्वारा पुलिस को सूचना दे गई। कुछ देर बाद ही सीओ सिद्धार्थ सिंह और कोतवाल पंकज कुमार त्यागी मय फोर्स मौके पर पहुंचे और गुस्साए लोगों को समझाने का प्रयास किया। जब वह नहीं माने तो पुलिस ने लाठियां फटकार कर उन्हें तितर-बितर किया। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुक्रवार की सुबह 11 बजे फिर से लोग प्रबंधतंत्र से वार्ता करने के लिए शुगर मिल पर जुट गए। जिसके बाद मिल के जीएम डीएन मिश्रा ने उनसे मुलाकात कर मृतक परिवार से सहानुभूति जताते हुए संजय की बेटी की पढ़ाई का खर्च वहन करने तथा 3 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की घोषणा की। जिसके बाद लोग लौट गए। पुलिस का कहना है कि जिस ट्राली के नीचे दबकर संजय की मौत हुई है उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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डेहरा गांव निवासी संजय पुत्र राजबीर (35) बृहस्पतिवार की रात्रि गांव में सेंटर से गन्ना लेकर त्रिवेणी शुगर मिल पहुंचा था। अपनी बारी के इंतजार में उसने ट्रैक्टर ट्राली लाइन में खड़ा कर दिया और खुद लाइन में ही लगी एक ट्राली के नीचे सो गया। करीब 11 बजे नंबर आने पर जब चालक ट्रैक्टर लेकर चला तो संजय की आंख खुल गई और हड़बड़ी में उठने के चलते वे ट्राली से टकराकर पहिए के नीचे आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि घटना के बाद ट्रैक्टर चालक वहां से फरार हो गया। जैसे ही इसकी जानकारी संजय के परिजनों को हुई तो वह एक बसपा नेता और ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंचे तथा हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने मिल में घुसकर तोड़फोड़ का प्रयास भी किया। इस दौरान मिल प्रबंधतंत्र द्वारा पुलिस को सूचना दे गई। कुछ देर बाद ही सीओ सिद्धार्थ सिंह और कोतवाल पंकज कुमार त्यागी मय फोर्स मौके पर पहुंचे और गुस्साए लोगों को समझाने का प्रयास किया। जब वह नहीं माने तो पुलिस ने लाठियां फटकार कर उन्हें तितर-बितर किया। बाद में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुक्रवार की सुबह 11 बजे फिर से लोग प्रबंधतंत्र से वार्ता करने के लिए शुगर मिल पर जुट गए। जिसके बाद मिल के जीएम डीएन मिश्रा ने उनसे मुलाकात कर मृतक परिवार से सहानुभूति जताते हुए संजय की बेटी की पढ़ाई का खर्च वहन करने तथा 3 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की घोषणा की। जिसके बाद लोग लौट गए। पुलिस का कहना है कि जिस ट्राली के नीचे दबकर संजय की मौत हुई है उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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