{"_id":"5c840d89bdec2239135ea9c5","slug":"21552158089-saharanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिलाओं के वेश में दरगाह पहुंचे पुरूष जायरीन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
महिलाओं के वेश में दरगाह पहुंचे पुरूष जायरीन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महिलाओं के वेश में दरगाह पहुंचे पुरूष जायरीन, लोगों ने पुलिस को सौंपा
गंगोह (सहारनपुर)। हजरत कुतबे आलम की दरगाह में महिला श्रद्धालुओं के रूप में आए जायरीनों के पुरूष होने का खुलासा होते ही हड़कंप मच गया। बदमाश होने की आशंका में लोगों ने तीनों आरोपियों को पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो पता चला कि वे हरियाणा में नाचने गाने का काम करते हैं। बाद में पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।
क्षेत्रवासियों अनुसार शुक्रवार देर शाम तीन जायरीन महिलाओं के वेश में दरगाह हजरत कुतबे आलम पर जियारत को पहुंचे। यहां मत्था टेकने के बाद तीनों ने दरगाह में मौजूद सज्जादानशीं शाह महताब आलम के भाई शादाब जहां उर्फ पप्पू मियां से कहा कि वे हरियाणा से आए हैं। रात होने के कारण उन्होंने वहां जाने में असमर्थता जताई। उन्होंने रात को वहीं ठहरने की इजाजत मांगी। उनकी मजबूरी को देखते हुए पप्पू मियां ने अपने घर की बैठक में ही उन्हें ठहरने की इजाजत दे दी। इस दौरान एक ने स्वयं को नवविवाहिता बताया। कुछ ही देर में उनकी गतिविधियों को संदिग्ध समझकर घर की महिलाओं ने उनसे बात की। सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने खुद के पुरूष होने की बात कही। शोर सुनकर पड़ोस से भी काफी लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने तीनों को पकड़ लिया। सूचना पर पुलिस उन्हें कोतवाली ले आई। क्षेत्रवासियों ने आशंका जताई कि महिलाओं के वेष में जायरीन बनकर दरगाह में आने वाले लोग शातिर किस्म के अपराधी लगते हैं। इनका संबंध किसी बडे़ गैंग से हो सकता है। उधर, कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों के बारे में जानकारी लेने पर पता चला कि वे हरियाणा के इंद्री क्षेत्र के हैं। ये लोग नाच गाने का काम करते हैं। इंद्री थाने में संपर्क करने पर आरोपियों के बारे में कोई संदिग्ध सूचना नहीं मिली है। इसके आधार पर उन्हें छोड़ दिया गया है।
विज्ञापन
गंगोह (सहारनपुर)। हजरत कुतबे आलम की दरगाह में महिला श्रद्धालुओं के रूप में आए जायरीनों के पुरूष होने का खुलासा होते ही हड़कंप मच गया। बदमाश होने की आशंका में लोगों ने तीनों आरोपियों को पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो पता चला कि वे हरियाणा में नाचने गाने का काम करते हैं। बाद में पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।
क्षेत्रवासियों अनुसार शुक्रवार देर शाम तीन जायरीन महिलाओं के वेश में दरगाह हजरत कुतबे आलम पर जियारत को पहुंचे। यहां मत्था टेकने के बाद तीनों ने दरगाह में मौजूद सज्जादानशीं शाह महताब आलम के भाई शादाब जहां उर्फ पप्पू मियां से कहा कि वे हरियाणा से आए हैं। रात होने के कारण उन्होंने वहां जाने में असमर्थता जताई। उन्होंने रात को वहीं ठहरने की इजाजत मांगी। उनकी मजबूरी को देखते हुए पप्पू मियां ने अपने घर की बैठक में ही उन्हें ठहरने की इजाजत दे दी। इस दौरान एक ने स्वयं को नवविवाहिता बताया। कुछ ही देर में उनकी गतिविधियों को संदिग्ध समझकर घर की महिलाओं ने उनसे बात की। सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने खुद के पुरूष होने की बात कही। शोर सुनकर पड़ोस से भी काफी लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने तीनों को पकड़ लिया। सूचना पर पुलिस उन्हें कोतवाली ले आई। क्षेत्रवासियों ने आशंका जताई कि महिलाओं के वेष में जायरीन बनकर दरगाह में आने वाले लोग शातिर किस्म के अपराधी लगते हैं। इनका संबंध किसी बडे़ गैंग से हो सकता है। उधर, कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि आरोपियों के बारे में जानकारी लेने पर पता चला कि वे हरियाणा के इंद्री क्षेत्र के हैं। ये लोग नाच गाने का काम करते हैं। इंद्री थाने में संपर्क करने पर आरोपियों के बारे में कोई संदिग्ध सूचना नहीं मिली है। इसके आधार पर उन्हें छोड़ दिया गया है।
विज्ञापन