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दो बीडीओ, एडीओ और प्रधान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:30 AM IST
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दो बीडीओ, एडीओ और प्रधान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
गंगोह (सहारनपुर)। फर्जी तरीके से राशन की दुकान के आवंटन के मामले में कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन एवं वर्तमान बीडीओ, ग्राम सचिव एवं ग्राम प्रधान सहित अन्य ब्लाक अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इससे ब्लाक अधिकारियों में हडकम्प मच गया है।
बता दें कि करीब एक वर्ष पूर्व गंगोह ब्लाक के गांव ठोल्ला फतेहपुर निवासी पूर्व प्रधान महबूब अलवी ने जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में ग्राम प्रधान देशराज पर गांव में फर्जी प्रस्ताव के आधार पर जयप्रकाश के नाम उचित दर की दुकान का प्रस्ताव करने का आरोप लगाया था। आरोपी ग्राम प्रधान देशराज ने खुद को निर्दोष बताते हुए ग्राम सचिव योगेंद्र पर उसके फर्जी हस्ताक्षर एवं मोहर का इस्तेमाल करने का प्रयोग किया गया था।
शिकायतकर्ता ने बताया कि मामले की जांच के बाद ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सभी अंगूठे एवं हस्ताक्षर फर्जी पाए गए थे और इस प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया था। जांच में मामले का खुलासा होने के बाद तत्कालीन एसडीएम ने छह जनवरी 2017 को बीडीओ गंगोह को फर्जी प्रस्ताव लिखने वाले ग्राम पंचायत सचिव योगेंद्र कुमार का स्पष्टीकरण लेकर यथोचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि तत्कालीन बीडीओ राजीव कुमार और उनके बाद वर्तमान बीडीओ शौकत अली इस मामले को दबाए रहे। इन्होंने जांच को लटकाए रखा और एसडीएम को मामले से अवगत नही कराया। इसके चलते गांव में अभी तक राशन की दुकान का प्रस्ताव नहीं किया जा सका है। गांव की दुकान को बहलोलपुर की दुकान से संबद्ध किया गया है। इससे ग्रामीणों को भारी असुविधा उठानी पड़ी।
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डीएम के संज्ञान में मामला लाने के बावजूद कार्रवाई ना होती देख शिकायतकर्ता ने कोर्ट में वाद दायर किया। जिस पर कोर्ट ने पुलिस को आरोपियों तत्कालीन बीडीओ राजीव कुमार, वर्तमान बीडीओ शौकत अली, तत्कालीन ग्राम सचिव योगेंद्र, ग्राम प्रधान देशराज के अलावा अन्य ब्लाक अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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गंगोह (सहारनपुर)। फर्जी तरीके से राशन की दुकान के आवंटन के मामले में कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन एवं वर्तमान बीडीओ, ग्राम सचिव एवं ग्राम प्रधान सहित अन्य ब्लाक अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। इससे ब्लाक अधिकारियों में हडकम्प मच गया है।
बता दें कि करीब एक वर्ष पूर्व गंगोह ब्लाक के गांव ठोल्ला फतेहपुर निवासी पूर्व प्रधान महबूब अलवी ने जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में ग्राम प्रधान देशराज पर गांव में फर्जी प्रस्ताव के आधार पर जयप्रकाश के नाम उचित दर की दुकान का प्रस्ताव करने का आरोप लगाया था। आरोपी ग्राम प्रधान देशराज ने खुद को निर्दोष बताते हुए ग्राम सचिव योगेंद्र पर उसके फर्जी हस्ताक्षर एवं मोहर का इस्तेमाल करने का प्रयोग किया गया था।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि मामले की जांच के बाद ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सभी अंगूठे एवं हस्ताक्षर फर्जी पाए गए थे और इस प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया था। जांच में मामले का खुलासा होने के बाद तत्कालीन एसडीएम ने छह जनवरी 2017 को बीडीओ गंगोह को फर्जी प्रस्ताव लिखने वाले ग्राम पंचायत सचिव योगेंद्र कुमार का स्पष्टीकरण लेकर यथोचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि तत्कालीन बीडीओ राजीव कुमार और उनके बाद वर्तमान बीडीओ शौकत अली इस मामले को दबाए रहे। इन्होंने जांच को लटकाए रखा और एसडीएम को मामले से अवगत नही कराया। इसके चलते गांव में अभी तक राशन की दुकान का प्रस्ताव नहीं किया जा सका है। गांव की दुकान को बहलोलपुर की दुकान से संबद्ध किया गया है। इससे ग्रामीणों को भारी असुविधा उठानी पड़ी।
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डीएम के संज्ञान में मामला लाने के बावजूद कार्रवाई ना होती देख शिकायतकर्ता ने कोर्ट में वाद दायर किया। जिस पर कोर्ट ने पुलिस को आरोपियों तत्कालीन बीडीओ राजीव कुमार, वर्तमान बीडीओ शौकत अली, तत्कालीन ग्राम सचिव योगेंद्र, ग्राम प्रधान देशराज के अलावा अन्य ब्लाक अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।