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मिलावटी पनीर बेचने वाले दुकानदार को दो साल की सजा
Updated Thu, 15 Jun 2017 12:44 AM IST
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मिलावटी पनीर बेचने वाले दुकानदार को दो साल की सजा
सहारनपुर। मिलावटी पनीर के मामले में कोर्ट ने दो वर्ष के कारावास एवं दो हजार रुपये के दंड से दंडित दुकानदार थाना रामपुर मनिहारन के ग्राम घसौती निवासी अलीहसन की सजा के खिलाफ अपील को खारिज कर दिया है और सजा को बरकरार रखने के आदेश जारी किए हैं।
की अपील को अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश कुमार सिंघल ने खारिज कर दिया और एसीजेएम प्रथम के निर्णय को सही माना है।
8 मई 2005 को खाद्य निरीक्षक ने अलीहसन द्वारा बेचे जा रहे पनीर का सेंपल लेकर जांच के लिए भेजा। अली हसन के पास पनीर बेचने का कोई लाइसेंस भी नहीं था। पनीर की जांच की गई तो मिलावट पाई गई। खाद्य निरीक्षक ने अलीहसन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसका मुकदमा एसीजेएम प्रथम के यहां चला। जिसमें अली हसन को 2 वर्ष की सजा और दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। सहायक शासकीय अधिवक्ता जयवीर सिंह पुंडीर ने बताया कि सजा के खिलाफ अली हसन ने जिला जज केे यहां अपील की थी। जिसकी सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश कुमार सिंघल ने अपील को खारिज कर दिया और एसीजेएम प्रथम के निर्णय को सही मानते हुए सजा बरकरार रखी।
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सहारनपुर। मिलावटी पनीर के मामले में कोर्ट ने दो वर्ष के कारावास एवं दो हजार रुपये के दंड से दंडित दुकानदार थाना रामपुर मनिहारन के ग्राम घसौती निवासी अलीहसन की सजा के खिलाफ अपील को खारिज कर दिया है और सजा को बरकरार रखने के आदेश जारी किए हैं।
की अपील को अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश कुमार सिंघल ने खारिज कर दिया और एसीजेएम प्रथम के निर्णय को सही माना है।
8 मई 2005 को खाद्य निरीक्षक ने अलीहसन द्वारा बेचे जा रहे पनीर का सेंपल लेकर जांच के लिए भेजा। अली हसन के पास पनीर बेचने का कोई लाइसेंस भी नहीं था। पनीर की जांच की गई तो मिलावट पाई गई। खाद्य निरीक्षक ने अलीहसन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसका मुकदमा एसीजेएम प्रथम के यहां चला। जिसमें अली हसन को 2 वर्ष की सजा और दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। सहायक शासकीय अधिवक्ता जयवीर सिंह पुंडीर ने बताया कि सजा के खिलाफ अली हसन ने जिला जज केे यहां अपील की थी। जिसकी सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश मुकेश कुमार सिंघल ने अपील को खारिज कर दिया और एसीजेएम प्रथम के निर्णय को सही मानते हुए सजा बरकरार रखी।
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