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ग्रामीणों ने रोके खनिज लदे वाहन, हुआ हंगामा
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सरसावा (सहारनपुर)। खनिज सामग्री से लदी ट्रैक्टर ट्रालियां गांव के बीच से होकर गुजरने पर ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया और खनिज से लदे वाहन रोक दिए। खनन माफियाओं ने विरोध किया, तो वहां टकराव की स्थिति पैदा हो रही हैं।
खनन माफिया द्वारा यमुना किनारे खेतों से बालू उठाने के नाम पर मशीनों से रेत का अवैध खनन किया जा रहा है। खनिज सामग्री से लदी ट्रैक्टर ट्रालियां सड़कें तोड़ती हुई ग्राम झरौली एवं बहलोलपुर के बीच से गुजर रही हैं। इस वजह से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। बृहस्पतिवार रात ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया और रात करीब 11 बजे ग्रामीणों ने खनिज सामग्री से लदे वाहन रोक दिए। ग्रामीणों का कहना था कि निर्धारित मार्ग से वाहन निकाले जाएं, गांव के बीच से नहीं। ट्रालियां रुकने की जानकारी मिलने पर खनन माफिया भी पहुंचे तो ग्रामीणों के साथ नोकझोंक हुई। मामला बढ़ता देखकर कुछ ग्रामीणों ने स्थिति संभाली। बहलोलपुर गांव के प्रधान राजेंद्र, ग्रामीण बशेसर चौधरी, पप्पू चौधरी, धर्मित्तर चौधरी, करेषण, राजेंद्र, अकलचंद चौधरी, सोनू, राजकुमार, सुखबीर, अनिल, सतेंद्र, अरविंद, सत्यपाल, ओमपाल, ईश्वरचंद, राकेश आदि ने कहा कि रेत से लदी ट्रैक्टर ट्रालियां गांव से नहीं गुजरने देंगे। क्योंकि खनिज सामग्री ले जाने के लिए अलग मार्ग है। इन वाहनों की वजह से गांव की सड़के टूट रही हैं तथा रास्ते के आसपास के भवनों को भी खतरा है। उधर, एसओ सरसावा भूपेंद्र सिंह का कहना है कि रास्ते को लेकर मामूली विवाद हुआ था, जिसे सुलझा लिया गया है।
चार साल पूर्व हुआ था टकराव
करीब चार साल पूर्व भी ग्राम मंधोर में इसी प्रकार अवैध रेत खनन को लेकर खूनी संघर्ष हो गया था। तब अवैध हथियारो से हमला किया गया था, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे।
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खनन माफिया द्वारा यमुना किनारे खेतों से बालू उठाने के नाम पर मशीनों से रेत का अवैध खनन किया जा रहा है। खनिज सामग्री से लदी ट्रैक्टर ट्रालियां सड़कें तोड़ती हुई ग्राम झरौली एवं बहलोलपुर के बीच से गुजर रही हैं। इस वजह से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। बृहस्पतिवार रात ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया और रात करीब 11 बजे ग्रामीणों ने खनिज सामग्री से लदे वाहन रोक दिए। ग्रामीणों का कहना था कि निर्धारित मार्ग से वाहन निकाले जाएं, गांव के बीच से नहीं। ट्रालियां रुकने की जानकारी मिलने पर खनन माफिया भी पहुंचे तो ग्रामीणों के साथ नोकझोंक हुई। मामला बढ़ता देखकर कुछ ग्रामीणों ने स्थिति संभाली। बहलोलपुर गांव के प्रधान राजेंद्र, ग्रामीण बशेसर चौधरी, पप्पू चौधरी, धर्मित्तर चौधरी, करेषण, राजेंद्र, अकलचंद चौधरी, सोनू, राजकुमार, सुखबीर, अनिल, सतेंद्र, अरविंद, सत्यपाल, ओमपाल, ईश्वरचंद, राकेश आदि ने कहा कि रेत से लदी ट्रैक्टर ट्रालियां गांव से नहीं गुजरने देंगे। क्योंकि खनिज सामग्री ले जाने के लिए अलग मार्ग है। इन वाहनों की वजह से गांव की सड़के टूट रही हैं तथा रास्ते के आसपास के भवनों को भी खतरा है। उधर, एसओ सरसावा भूपेंद्र सिंह का कहना है कि रास्ते को लेकर मामूली विवाद हुआ था, जिसे सुलझा लिया गया है।
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चार साल पूर्व हुआ था टकराव
करीब चार साल पूर्व भी ग्राम मंधोर में इसी प्रकार अवैध रेत खनन को लेकर खूनी संघर्ष हो गया था। तब अवैध हथियारो से हमला किया गया था, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे।
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