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तहसील आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे में 12 बरी
Updated Thu, 09 Nov 2017 12:42 AM IST
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बेहट (सहारनपुर)। 28 साल पहले बेहट में तहसील की मांग को लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री के समक्ष विरोध करते हुए काले झंडे दिखाने को लेकर पुलिस पर पथराव व पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने के मुकदमे में न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय के निर्णय में 12 आरोपियों को बरी कर दिया गया है। सात को कुछ धाराओं में दोष सिद्ध होने पर छह माह के प्रोबेशन पर बरी किया गया है।
वर्ष 1989 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने तहसील चिलकाना में बना दी थी, जिसका विरोध बेहट क्षेत्र के लोग कर रहे थे। इसी बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी चीनी मिल के शिलान्यास के लिए खुशहालपुर पहुंच रहे थे। मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने के लिए बेहट क्षेत्र के लोगों की भीड़ खुशहालपुर जाने की तैयारी में थी, जिसे गंदेवड़ में पुलिस बल पीएसी ने रोक लिया था। पुलिस के रोके जाने के बाद भीड़ ने जब विरोध प्रदर्शन शुरू किया, तो पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया, जिस पर भीड़ ने पथराव किया। दोनों ओर से कई लोग चोटिल हुए। इसी के तहत पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें 28 लोग नामजद किए गए थे। इस मुकदमे न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय के निर्णय में 12 आरोपियों को बरी कर दिया गया है। सात को कुछ धाराओं में दोष सिद्ध होने पर छह माह के प्रोबेशन पर बरी किया गया है, जबकि बाकि नौ आरोपियों की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई थी।
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वर्ष 1989 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने तहसील चिलकाना में बना दी थी, जिसका विरोध बेहट क्षेत्र के लोग कर रहे थे। इसी बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी चीनी मिल के शिलान्यास के लिए खुशहालपुर पहुंच रहे थे। मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने के लिए बेहट क्षेत्र के लोगों की भीड़ खुशहालपुर जाने की तैयारी में थी, जिसे गंदेवड़ में पुलिस बल पीएसी ने रोक लिया था। पुलिस के रोके जाने के बाद भीड़ ने जब विरोध प्रदर्शन शुरू किया, तो पुलिस ने लाठी चार्ज कर दिया, जिस पर भीड़ ने पथराव किया। दोनों ओर से कई लोग चोटिल हुए। इसी के तहत पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें 28 लोग नामजद किए गए थे। इस मुकदमे न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय के निर्णय में 12 आरोपियों को बरी कर दिया गया है। सात को कुछ धाराओं में दोष सिद्ध होने पर छह माह के प्रोबेशन पर बरी किया गया है, जबकि बाकि नौ आरोपियों की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई थी।
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