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हाथ में मेंहदी लगाए बैठी रह गई दुल्हन, नहीं उठ सकी डोली

Thu, 02 Nov 2017 12:30 AM IST
Updated Thu, 02 Nov 2017 12:30 AM IST
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हाथ में मेंहदी लगाए बैठी रह गई दुल्हन, नहीं उठ सकी डोली
सहारनपुर। हाथों में मेंहदी रचाए बैठी रही दुल्हन, लेकिन दहेज लोभियों की जिद के चलते डोली नहीं उठ सकी। दहेज लोभी अपनी जिद पर अड़े रहे। समझाने के बावजूद बारात लेकर नहीं पहुंचे। बाइक न मिलने पर रिश्ता तोड़ दिया और दिया हुआ सामान लौटा दिया।
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मोहल्ला हिम्मतनगर निवासी एक व्यक्ति की बेटी की बारात मंगलवार को दिन में मोहल्ला प्रभास लोक लेबर कालोनी से आनी थी। तैयारियां भी हो चुकी थीं। दुल्हन हाथों में मेंहदी लगाए, श्रंगार करे बैठी बारात के आने का इंतजार कर रही थी, लेकिन उसका इंतजार पूरा नहीं हो सका। दहेज लोभियों ने ऐन मौके पर सवा लाख रुपयों के साथ मोटरसाइकिल की मांग रख दी। गरीब परिवार इस मांग को पूरी नहीं कर पाया। जिस पर प्रभास कालोनी निवासी दूल्हा राजकुमार उर्फ भंडारी ने बारात लाने से इंकार कर दिया।
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मामला रात में थाना सदर पर पहुंचा। पुलिस ने लड़के के पिता श्रीराम, मां और बहनोई करण को थाना पर बुला लिया। जबकि दूल्हा राजकुमार फरार हो गया। लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि लड़का पक्ष के लोग लगातार दहेज की रकम बढ़ाते जा रहे थे। उसने सवा लाख रुपये नकद दे भी दिए और 25 हजार रुपये शादी के समय देने का वादा किया था। लेकिन लड़का और उसकी बहनोई नाखुश ही रहे। 30 अक्तूबर की शाम को श्रीराम ने उन्हें फोन किया किया कि लड़का, उसकी मां, बहन और बहनोई 25 हजार रुपसे और बाइक शादी से पहले ही दिए जाने की मांग कर रहे हैं। जबकि बारात 31 को दिन में आनी थी। अचानक डिमांड आने पर उन्होंने पूरी करने में असमर्थता जताई थी। जिस पर उन्होंने बारात लाने से इंकार कर दिया। बुधवार को दिन भर सदर कोतवाली में आरोपियों पर कार्रवाई करने की बजाय दोनों पक्षों में सुलह कराने की कोशिश चलती रही। कचहरी में एक अधिवक्ता के यहां मुंशी दूल्हे राजकुमार के पक्ष में कई अधिवक्ता भी पहुंच गए। लेकिन राजकुमार बारात लाने के लिए तैयार नहीं हुआ। उसने लड़की पक्ष की ओर से दिया गया सामान लौटा दिया और रिश्ता खत्म कर दिया। लड़की के पिता ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। उसने कहा कि वह काफी गरीब है और मुकदमा लड़ने की स्थिति में नहीं है। उसकी बेटी दहेज लोभियों के चंगुल में जाने से बच गई। वह इसी में संतुष्ट है। सदर कोतवाली प्रभारी यज्ञदत्त शर्मा का कहना है कि लड़का पक्ष के तीन लोगों को हिरासत में लिया गया था। लेकिन लड़की पक्ष ने समझौता कर लिया और अपना खर्चा लेकर रिश्ता खत्म करने में सहमति जताकर कार्रवाई कराने से इंकार कर दिया।
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