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रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर मामा-भांजे से हड़पे 12 लाख रुपये
Updated Sat, 22 Jul 2017 11:47 PM IST
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नौकरी लगवाने के नाम पर मामा-भांजे से हड़पे 12 लाख
देवबंद (सहारनपुर)। पुलिस ने अदालत के आदेश पर रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर मामा-भांजे से 12 लाख रुपये हड़पने के आरोप में छह लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
नन्हेड़ा टिपटॉन गांव निवासी आदेश कुमार ने एसीजेएम के यहां वाद दायर कर बताया था कि भाटौल गांव निवासी राजेंद्र, मनीष और प्रीत, नगर डेरा बसी पंजाब निवासी रमेश, बाबूराम, छोटा और सुदेश से उसकी जान पहचान है। दो मई को उक्त लोगों ने उसको रेलवे में नौकरी लगवाने की बात कही और उसकी एवज में एक आदमी के छह लाख रुपये मांगे। आदेश के मुताबिक उसने विश्वास करके अपने तथा हरिद्वार निवासी भांजे मिलन की नौकरी लगवाने के लिए उन्हें 12 लाख रुपये दे दिए। रुपये लेने के बाद उन्हें जल्द ही नियुक्ति पत्र देने को कहा गया। कुछ दिन बाद उक्त लोगों ने उसे नियुक्ति पत्र दे दिया। वह नियुक्ति पत्र लेकर रेलवे भर्ती बोर्ड एनसीआर हेडक्वार्टर सूबेदारगंज इलाहाबाद पहुंचा। जहां अधिकारियों ने उस पत्र को फर्जी बताते हुए उसे वहां से भगा दिया। जब उसने वापस आकर उक्त लोगों से इस संबंध में पूछताछ की तो वह गाली गलौज करने लगे तथा जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने अदालत के आदेश पर सभी लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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देवबंद (सहारनपुर)। पुलिस ने अदालत के आदेश पर रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर मामा-भांजे से 12 लाख रुपये हड़पने के आरोप में छह लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
नन्हेड़ा टिपटॉन गांव निवासी आदेश कुमार ने एसीजेएम के यहां वाद दायर कर बताया था कि भाटौल गांव निवासी राजेंद्र, मनीष और प्रीत, नगर डेरा बसी पंजाब निवासी रमेश, बाबूराम, छोटा और सुदेश से उसकी जान पहचान है। दो मई को उक्त लोगों ने उसको रेलवे में नौकरी लगवाने की बात कही और उसकी एवज में एक आदमी के छह लाख रुपये मांगे। आदेश के मुताबिक उसने विश्वास करके अपने तथा हरिद्वार निवासी भांजे मिलन की नौकरी लगवाने के लिए उन्हें 12 लाख रुपये दे दिए। रुपये लेने के बाद उन्हें जल्द ही नियुक्ति पत्र देने को कहा गया। कुछ दिन बाद उक्त लोगों ने उसे नियुक्ति पत्र दे दिया। वह नियुक्ति पत्र लेकर रेलवे भर्ती बोर्ड एनसीआर हेडक्वार्टर सूबेदारगंज इलाहाबाद पहुंचा। जहां अधिकारियों ने उस पत्र को फर्जी बताते हुए उसे वहां से भगा दिया। जब उसने वापस आकर उक्त लोगों से इस संबंध में पूछताछ की तो वह गाली गलौज करने लगे तथा जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने अदालत के आदेश पर सभी लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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