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अनियमितता, भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे सीएचसी प्रभारी
Updated Wed, 07 Mar 2018 12:16 AM IST
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गंगोह (सहारनपुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिर गए हैं। आरोप है कि वह पैसे लेकर किसी को भी फर्जी चोट दिखाकर मेडिकल सर्टिफिकेट जारी कर रहे हैं। शिकायतकर्ता द्वारा ऐसे ही एक सर्टिफिकेट की छायाप्रति सहित मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और जिलाधिकारी को पत्र प्रेषित कर कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अलावा अस्पताल में खड़े हरे-भरे पेड़ों को कटवाकर रकम डकारने का आरोप भी लगाया गया है।
गांव पीरमाजरा निवासी अफजल चौधरी ने प्रेषित किए गए पत्र में कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी करीब 10 वर्षों से यहां तैनात है। आरोप है कि वह अवैध रूप से रकम वसूलकर किसी को भी फर्जी चोट दिखाकर मेडिकल सर्टिफिकेट बना देते हैं। जच्चा-बच्चा वार्ड में भी प्रसूता के परिजनों से अवैध वसूली की जा रही है। अवैध रूप से अनेक युवक-युवतियों की नियुक्ति कर रखी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, विश्व स्वास्थ्य संगठन, प्रदेश स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा दी गई धनराशि भी हड़प ली गई। उधर, सीएचसी प्रभारी डा. अनवर अंसारी ने आरोपों को निराधार बताया, लेकिन उनके हस्ताक्षर युक्त कोरे सर्टिफिकेट के बारे में पूछे जाने पर वह कोई जवाब नहीं दे सके।
जनसुनवाई पोर्टल पर अपलोड किया कोरा सर्टिफिकेट
गंगोह। शिकायतकर्ता अफजल चौधरी ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत के साथ प्रभारी चिकित्सक द्वारा जारी किया गया उनके हस्ताक्षर युक्त कोरा सर्टिफिकेट भी सबूत के तौर पर अपलोड किया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री के विशेष सचिव द्वारा सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को मामला अग्रसारित करते हुए 23 मार्च तक जांच एवं कार्रवाई की तिथि नियत की है।
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गांव पीरमाजरा निवासी अफजल चौधरी ने प्रेषित किए गए पत्र में कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी करीब 10 वर्षों से यहां तैनात है। आरोप है कि वह अवैध रूप से रकम वसूलकर किसी को भी फर्जी चोट दिखाकर मेडिकल सर्टिफिकेट बना देते हैं। जच्चा-बच्चा वार्ड में भी प्रसूता के परिजनों से अवैध वसूली की जा रही है। अवैध रूप से अनेक युवक-युवतियों की नियुक्ति कर रखी है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, विश्व स्वास्थ्य संगठन, प्रदेश स्वास्थ्य मिशन की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा दी गई धनराशि भी हड़प ली गई। उधर, सीएचसी प्रभारी डा. अनवर अंसारी ने आरोपों को निराधार बताया, लेकिन उनके हस्ताक्षर युक्त कोरे सर्टिफिकेट के बारे में पूछे जाने पर वह कोई जवाब नहीं दे सके।
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जनसुनवाई पोर्टल पर अपलोड किया कोरा सर्टिफिकेट
गंगोह। शिकायतकर्ता अफजल चौधरी ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत के साथ प्रभारी चिकित्सक द्वारा जारी किया गया उनके हस्ताक्षर युक्त कोरा सर्टिफिकेट भी सबूत के तौर पर अपलोड किया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री के विशेष सचिव द्वारा सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को मामला अग्रसारित करते हुए 23 मार्च तक जांच एवं कार्रवाई की तिथि नियत की है।
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