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बवाल के आरोपियों की गिरफ्तारी बनी पुलिस के लिए चुनौती
Updated Wed, 07 Jun 2017 12:53 AM IST
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बवाल के आरोपियों की गिरफ्तारी बनी पुलिस के लिए चुनौती
सहारनपुर। जिले का माहौल शांत करने की मुहिम में लगी पुलिस के लिए बवाल के आरोपियों की गिरफ्तारी करना चुनौती बन गया है। 20 अप्रैल से 23 मई तक हुए बवाल में कई प्रमुख चेहरे सामने आ चुके हैं, जिनमें नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। लेकिन, पुलिस की किसी पर भी हाथ डालने की हिम्मत नहीं हो पाई।
जिले में बवाल की शुरुआत 20 अप्रैल को सड़क दूधली प्रकरण से हुई थी। ग्राम सड़क दूधली में बवाल करने के अलावा एसएसपी आवास पर तोड़फोड़ के आरोप में सांसद राघव लखनपाल, उनके भाई राहुल लखनपाल, विधायक देवेंद्र निम, बिजेश सिंह, पूर्व विधायक महावीर राणा, राजीव गुंबर, जिलाध्यक्ष बिजेंद्र कश्यप, महानगर अध्यक्ष अमित गगनेजा, अशोक भारती के नाम शामिल हैं। अन्य लोगों के साथ उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई। लेकिन, आज तक पुलिस एक भी प्रमुख व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर सकी। इस मामले में अब तक सिर्फ 19 लोग ही गिरफ्तार हो सके।
सहारनपुर में 9 मई को हुए बवाल में बसपा के पूर्व विधायक रविंद्र कुमार मोल्हू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण, जिलाध्यक्ष कमल वालिया, राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन तथा मंजीत सिंह के खिलाफ एफआईआर हुई। बवाल के समय चंद्रशेखर समेत सभी पदाधिकारी पुलिस के सामने थे। बवाल के बाद भी चंद्रशेखर और अन्य पदाधिकारियों ने कई बार पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। पुलिस ने किसी को पकड़ने की हिम्मत नहीं दिखाई।
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अन्य आरोपियों को पुलिस रात में दबिश देकर गिरफ्तार कर रही है, लेकिन इन प्रमुख चेहरों के सामने होते हुए भी पकड़ पाने में असमर्थ है। सांसद, विधायक, पूर्व विधायक सभी पुलिस के सामने हैं। यही नहीं भीम आर्मी के चंद्रशेखर को छोड़कर अन्य पदाधिकारी लगातार शहर और आसपास के गांवों में बैठकें कर रहे हैं। लेकिन पुलिस उनको गिरफ्तार करने के लिए एक कदम भी नहीं बढ़ा पा रही है।
अब तक 180 से अधिक गिरफ्तार
पुलिस का दावा है कि अब तक 46 मामले दर्ज हो चुके हैं और 180 से अधिक लोग गिरफ्तार भी हो चुके हैं। अन्य लोगों की पुलिस तलाश कर रही है। रात में दबिश दे रही है, जनपद में ही नहीं दूसरे जिलों और राज्यों तक पुलिस दौड़ लगा रही है। जबकि, प्रमुख नामजद पुलिस के सामने हैं।
जांच कर सभी पर हो रही है कार्रवाई
एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि धीरे-धीरे जांच आगे बढ़ रही है और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जा रहा है, उनको गिरफ्तार किया जा रहा है। नेता दोषी पाए जाएंगे तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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सहारनपुर। जिले का माहौल शांत करने की मुहिम में लगी पुलिस के लिए बवाल के आरोपियों की गिरफ्तारी करना चुनौती बन गया है। 20 अप्रैल से 23 मई तक हुए बवाल में कई प्रमुख चेहरे सामने आ चुके हैं, जिनमें नेताओं और पार्टी पदाधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। लेकिन, पुलिस की किसी पर भी हाथ डालने की हिम्मत नहीं हो पाई।
जिले में बवाल की शुरुआत 20 अप्रैल को सड़क दूधली प्रकरण से हुई थी। ग्राम सड़क दूधली में बवाल करने के अलावा एसएसपी आवास पर तोड़फोड़ के आरोप में सांसद राघव लखनपाल, उनके भाई राहुल लखनपाल, विधायक देवेंद्र निम, बिजेश सिंह, पूर्व विधायक महावीर राणा, राजीव गुंबर, जिलाध्यक्ष बिजेंद्र कश्यप, महानगर अध्यक्ष अमित गगनेजा, अशोक भारती के नाम शामिल हैं। अन्य लोगों के साथ उनके खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई। लेकिन, आज तक पुलिस एक भी प्रमुख व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं कर सकी। इस मामले में अब तक सिर्फ 19 लोग ही गिरफ्तार हो सके।
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सहारनपुर में 9 मई को हुए बवाल में बसपा के पूर्व विधायक रविंद्र कुमार मोल्हू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण, जिलाध्यक्ष कमल वालिया, राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन तथा मंजीत सिंह के खिलाफ एफआईआर हुई। बवाल के समय चंद्रशेखर समेत सभी पदाधिकारी पुलिस के सामने थे। बवाल के बाद भी चंद्रशेखर और अन्य पदाधिकारियों ने कई बार पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की। पुलिस ने किसी को पकड़ने की हिम्मत नहीं दिखाई।
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अन्य आरोपियों को पुलिस रात में दबिश देकर गिरफ्तार कर रही है, लेकिन इन प्रमुख चेहरों के सामने होते हुए भी पकड़ पाने में असमर्थ है। सांसद, विधायक, पूर्व विधायक सभी पुलिस के सामने हैं। यही नहीं भीम आर्मी के चंद्रशेखर को छोड़कर अन्य पदाधिकारी लगातार शहर और आसपास के गांवों में बैठकें कर रहे हैं। लेकिन पुलिस उनको गिरफ्तार करने के लिए एक कदम भी नहीं बढ़ा पा रही है।
अब तक 180 से अधिक गिरफ्तार
पुलिस का दावा है कि अब तक 46 मामले दर्ज हो चुके हैं और 180 से अधिक लोग गिरफ्तार भी हो चुके हैं। अन्य लोगों की पुलिस तलाश कर रही है। रात में दबिश दे रही है, जनपद में ही नहीं दूसरे जिलों और राज्यों तक पुलिस दौड़ लगा रही है। जबकि, प्रमुख नामजद पुलिस के सामने हैं।
जांच कर सभी पर हो रही है कार्रवाई
एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि धीरे-धीरे जांच आगे बढ़ रही है और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जा रहा है, उनको गिरफ्तार किया जा रहा है। नेता दोषी पाए जाएंगे तो उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।