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भीम आर्मी जिलाध्यक्ष के भाई की मौत से गरमा गया जिले का माहौल
Updated Thu, 10 May 2018 12:28 AM IST
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सहारनपुर। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल सिंह वालिया के भाई सचिन वालिया की गोली लगने से मौत होने के बाद जिले का माहौल गरमाता चला गया। जिले भर में दहशत का माहौल बन गया। शहर से लेकर देहात तक पुलिस तैनात कर दी गई।
महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम के आयोजन को लेकर भीम आर्मी जिलाध्यक्ष कमल सिंह वालिया ने पुलिस और प्रशासन को ज्ञापन देकर माहौल खराब होने की आशंका जताई थी। भीम आर्मी लगातार कार्यक्रम की अनुमति न दिए जाने की मांग कर रही थी। पुलिस और प्रशासन को अपनी तैयारियों पर पूरा भरोसा था। जिसके चलते प्रशासन ने कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति दे दी, लेकिन पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच रामनगर में ही सचिन वालिया की गोली लगने से मौत हो गई। हालांकि पुलिस ने मामले को संदिग्ध माना। सचिन के भाई एवं भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल सिंह वालिया ने राजपूत समाज के युवकों पर गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। देखते ही देखते जिले का माहौल बिगड़ने लगा। कुछ ही देर में जिले भर में सचिन की हत्या किए जाने की सूचना पहुंच गई। जगह-जगह से लोग इकट्ठा होने शुरू हो गए। रामनगर के लोग सड़कों पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही पुलिस, पीएसी और आरआरएफ भी मौके पर पहुंच गई। गांव के लोगों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन मामला शांत नहीं हो सका। धीरे-धीरे पूरा गांव जिला अस्पताल पहुंच गया और वहां नारेबाजी की।
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-। माहौल बिगड़ा तो राजपूतों को बदलना पड़ा रास्ता
महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम के दौरान जैसे ही कमल सिंह वालिया के भाई सचिन वालिया की मौत की सूचना मिली। कार्यक्रम में खलबली मच गई। आनन-फानन में कार्यक्रम को खत्म करने की घोषणा कर दी गई और माहौल खराब होने की बात कहते हुए रास्ता बदलकर घर जाने के लिए कहा गया। मंच से कहा गया कि शहर के हनुमान चौक से होकर कोई न जाए, दूसरे रास्ते से जाएं। बड़गांव की ओर जाने वाले लोग रामनगर, मल्हीपुर, नया गांव से होकर जाने की बजाय दिल्ली रोड से होकर जाएं। जिससे किसी प्रकार की घटना से बचा जा सके।
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--। दहशत का माहौल बना तो कर दी स्कूलों की छुट्टी
जिले में कुछ ही देर में दहशत का माहौल फैल गया। एक के बाद एक करके स्कूलों की छुट्टी होनी शुरू हो गई। बच्चों को सीधे घर जाने के निर्देश दे दिए गए। स्कूली वाहन चालकों को बच्चों का परिजनों के सुपुर्द करने के निर्देश दिए।
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महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम के आयोजन को लेकर भीम आर्मी जिलाध्यक्ष कमल सिंह वालिया ने पुलिस और प्रशासन को ज्ञापन देकर माहौल खराब होने की आशंका जताई थी। भीम आर्मी लगातार कार्यक्रम की अनुमति न दिए जाने की मांग कर रही थी। पुलिस और प्रशासन को अपनी तैयारियों पर पूरा भरोसा था। जिसके चलते प्रशासन ने कार्यक्रम के आयोजन की अनुमति दे दी, लेकिन पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच रामनगर में ही सचिन वालिया की गोली लगने से मौत हो गई। हालांकि पुलिस ने मामले को संदिग्ध माना। सचिन के भाई एवं भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल सिंह वालिया ने राजपूत समाज के युवकों पर गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी। देखते ही देखते जिले का माहौल बिगड़ने लगा। कुछ ही देर में जिले भर में सचिन की हत्या किए जाने की सूचना पहुंच गई। जगह-जगह से लोग इकट्ठा होने शुरू हो गए। रामनगर के लोग सड़कों पर पहुंच गए। सूचना मिलते ही पुलिस, पीएसी और आरआरएफ भी मौके पर पहुंच गई। गांव के लोगों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन मामला शांत नहीं हो सका। धीरे-धीरे पूरा गांव जिला अस्पताल पहुंच गया और वहां नारेबाजी की।
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-। माहौल बिगड़ा तो राजपूतों को बदलना पड़ा रास्ता
महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम के दौरान जैसे ही कमल सिंह वालिया के भाई सचिन वालिया की मौत की सूचना मिली। कार्यक्रम में खलबली मच गई। आनन-फानन में कार्यक्रम को खत्म करने की घोषणा कर दी गई और माहौल खराब होने की बात कहते हुए रास्ता बदलकर घर जाने के लिए कहा गया। मंच से कहा गया कि शहर के हनुमान चौक से होकर कोई न जाए, दूसरे रास्ते से जाएं। बड़गांव की ओर जाने वाले लोग रामनगर, मल्हीपुर, नया गांव से होकर जाने की बजाय दिल्ली रोड से होकर जाएं। जिससे किसी प्रकार की घटना से बचा जा सके।
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--। दहशत का माहौल बना तो कर दी स्कूलों की छुट्टी
जिले में कुछ ही देर में दहशत का माहौल फैल गया। एक के बाद एक करके स्कूलों की छुट्टी होनी शुरू हो गई। बच्चों को सीधे घर जाने के निर्देश दे दिए गए। स्कूली वाहन चालकों को बच्चों का परिजनों के सुपुर्द करने के निर्देश दिए।