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कहीं फिर कहर न बरपाए कोरोना, सावधान रहें
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कोरोना वायरस से बेखबर बिना मास्क के खादी आश्रम के बाहर खड़े लोग
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। कोरोना के मामले मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। वर्तमान में जनपद में कोरोना के तीन एक्टिव मरीज हैं, लेकिन लोग लापरवाही बरतने से बाज नहीं आ रहे हैं। अस्पतालों, बाजारों, दुकानों और मॉल आदि में लोग बिना मास्क के ही उमड़ रहे हैं, जबकि एनसीआर में शामिल महानगरों मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर में मास्क अनिवार्य कर दिया गया है।
जिले में अभी तक कोरोना के 39,060 मरीज मिल चुके हैं। इनमें 32,903 मरीज पहली दो लहरों में मिले थे, जबकि तीसरी लहर में 6,154 मरीज सामने आए। तीसरी लहर का अंतिम केस 26 मार्च 2022 को मिला था। उसके बाद से जनपद में कोरोना शांत चल रहा था, लेकिन अब फिर से कोरोना के केस मिलने शुरू हो गए हैं। छह वर्षीय बच्चे सहित तीन कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। खास बात यह है कि कोरोना के मरीज सामने आने के बावजूद लोगों पर कोई असर नजर नहीं आ रहा है। महानगर के प्रमुख बाजारों, सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों, शॉपिंग मॉल आदि में लोग बिना मास्क और बिना सोशल डिस्टेंसिंग के उमड़ रहे हैं। प्रशासनिक और पुलिस के स्तर से भी मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर सख्ती नहीं बरती जा रही है, जबकि एनसीआर में मास्क अनिवार्य किया जा चुका है।
36 शिक्षकों और छात्रों के नमूने लिए
कोरोना संक्रमित मिला छह वर्षीय बच्चा जनता रोड स्थित एक गांव के निजी स्कूल में पढ़ता है। ऐसे में चिकित्सा विभाग ने एहतियात के तौर पर स्कूल में जाकर 36 लोगों के नमूने लेकर आरटी-पीसीआर जांच के लिए भेजे हैं। इन 36 लोगों में शिक्षक और विद्यार्थी भी शामिल हैं।
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कोरोना से बचाव के लिए यह करें
-बेवजह भीड़ वाले क्षेत्रों जैसे शॉपिंग मॉल, बाजार, मेला, शादी समारोह, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा आदि जगहों पर न जाएं।
-घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाकर रखें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और हाथों को साफ करते रहें।
-बच्चों के साथ विशेष सावधानी बरतें, उनके भोजन में प्रोटीन युक्त चीजें शामिल करें।
-बच्चों में स्वच्छता खासकर हाथों को बार बार धुलने या सैनिटाइज करने की आदत डालें।
-यदि खांसी या जुकाम है तो योग्य चिकित्सक के परामर्श से इलाज कराएं।
-घर में किसी को लक्षण हैं तो बाकी लोग उससे दूरी बनाकर रखें।
-लापरवाही ठीक नहीं : सोढ़ी
एसबीडी जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन एवं पूर्व सीएमओ डॉ. बीएस सोढ़ी का कहना है कि कोरोना हर बार अपनी प्रकृति को बदल रहा है। बेशक तीसरी लहर में जान का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन हमें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। कोरोना से बचाव के लिए जारी दिशा निर्देशों का सभी को पालन करना चाहिए। चूंकि यह छुआछूत की बीमारी है। ऐसे में हमें केवल अपने बारे में नहीं, बल्कि अपनों के बारे में भी सोचना चाहिए।
अप्रैल माह में कोरोना के तीन मामले सामने आए हैं, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। वर्तमान में तीन एक्टिव मरीज हैं। कोरोना से निपटने के सभी इंतजाम हमारे पास हैं, लेकिन फिर भी लोगों को चाहिए कि वह कोरोना से बचाव के दिशा निर्देशों का पालन करते रहें।
शिवांका गौड़, नोडल अधिकारी।
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जिले में अभी तक कोरोना के 39,060 मरीज मिल चुके हैं। इनमें 32,903 मरीज पहली दो लहरों में मिले थे, जबकि तीसरी लहर में 6,154 मरीज सामने आए। तीसरी लहर का अंतिम केस 26 मार्च 2022 को मिला था। उसके बाद से जनपद में कोरोना शांत चल रहा था, लेकिन अब फिर से कोरोना के केस मिलने शुरू हो गए हैं। छह वर्षीय बच्चे सहित तीन कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। खास बात यह है कि कोरोना के मरीज सामने आने के बावजूद लोगों पर कोई असर नजर नहीं आ रहा है। महानगर के प्रमुख बाजारों, सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों, शॉपिंग मॉल आदि में लोग बिना मास्क और बिना सोशल डिस्टेंसिंग के उमड़ रहे हैं। प्रशासनिक और पुलिस के स्तर से भी मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर सख्ती नहीं बरती जा रही है, जबकि एनसीआर में मास्क अनिवार्य किया जा चुका है।
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36 शिक्षकों और छात्रों के नमूने लिए
कोरोना संक्रमित मिला छह वर्षीय बच्चा जनता रोड स्थित एक गांव के निजी स्कूल में पढ़ता है। ऐसे में चिकित्सा विभाग ने एहतियात के तौर पर स्कूल में जाकर 36 लोगों के नमूने लेकर आरटी-पीसीआर जांच के लिए भेजे हैं। इन 36 लोगों में शिक्षक और विद्यार्थी भी शामिल हैं।
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कोरोना से बचाव के लिए यह करें
-बेवजह भीड़ वाले क्षेत्रों जैसे शॉपिंग मॉल, बाजार, मेला, शादी समारोह, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा आदि जगहों पर न जाएं।
-घर से बाहर निकलते समय मास्क लगाकर रखें, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और हाथों को साफ करते रहें।
-बच्चों के साथ विशेष सावधानी बरतें, उनके भोजन में प्रोटीन युक्त चीजें शामिल करें।
-बच्चों में स्वच्छता खासकर हाथों को बार बार धुलने या सैनिटाइज करने की आदत डालें।
-यदि खांसी या जुकाम है तो योग्य चिकित्सक के परामर्श से इलाज कराएं।
-घर में किसी को लक्षण हैं तो बाकी लोग उससे दूरी बनाकर रखें।
-लापरवाही ठीक नहीं : सोढ़ी
एसबीडी जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन एवं पूर्व सीएमओ डॉ. बीएस सोढ़ी का कहना है कि कोरोना हर बार अपनी प्रकृति को बदल रहा है। बेशक तीसरी लहर में जान का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन हमें लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। कोरोना से बचाव के लिए जारी दिशा निर्देशों का सभी को पालन करना चाहिए। चूंकि यह छुआछूत की बीमारी है। ऐसे में हमें केवल अपने बारे में नहीं, बल्कि अपनों के बारे में भी सोचना चाहिए।
अप्रैल माह में कोरोना के तीन मामले सामने आए हैं, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है। वर्तमान में तीन एक्टिव मरीज हैं। कोरोना से निपटने के सभी इंतजाम हमारे पास हैं, लेकिन फिर भी लोगों को चाहिए कि वह कोरोना से बचाव के दिशा निर्देशों का पालन करते रहें।
शिवांका गौड़, नोडल अधिकारी।