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किसानों से समन्वय स्थापित कार्य करें अधिकारी: मंडलायुक्त

Sat, 13 Feb 2021 12:08 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 13 Feb 2021 12:08 AM IST
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Coordinate work with farmers: Officer: Mandalayukta
सहारनपुर। मंडलायुक्त एवी राजमौलि ने कहा कि सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए कृषि निर्यात बढ़ाने, विपणन और अन्य पहलुओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। मंडल में आम और बासमती चावल के निर्यात की अधिक संभावना है। इस बारे में किसानों को जागरूक किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से आंकड़ेबाजी से बाज आने और किसानों से समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए।
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शुक्रवार को अपने कैंप कार्यालय पर आयोजित कृषि निर्यात निगरानी समिति की बैठक में मंडलायुक्त ने उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति, निर्यात योग्य कृषि उत्पादों के लिए कलस्टर सुविधा, कलस्टर इकाई का गठन, जनपद स्तर पर निर्यात योग्य कृषि उत्पादों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नई कृषि निर्यात नीति के तहत किसान को दस लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल सकेगा। नए खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित किए जाएंगे। जिन्हें 40 प्रतिशत निर्यात करने पर प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। निर्यात हवाई जहाज से करने पर 10 रुपये प्रति किलो एवं सड़क और समुद्र के रास्ते से निर्यात करने पर पांच रुपये प्रति किलोग्राम प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सहायक कृषि विपणन अधिकारी कमल कांत त्यागी ने बताया कि निर्यात क्लस्टर के लिए कम से कम 50 हेक्टेयर की कृषि भूमि होनी चाहिए। इनके पास ही खाद्य प्रसंस्करण उद्योग भी लग सकेंगे। इस दौरान संयुक्त विकास आयुक्त सुनील कुमार श्रीवास्तव, संयुक्त कृषि निदेशक डीएस राजपूत आदि मौजूद रहे।
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कलस्टर एवं प्रसंस्करण पर जोर
मंडलायुक्त ने कहा कि मंडल में मत्स्य, पशुपालन, गन्ना, आम, लीची, आडू, सब्जियां, मशरूम, मत्स्य पालन, गुड़, बासमती चावल, मुर्गी पालन आदि के क्लस्टर बनाने और बासमती चावल के प्रसंस्करण इकाइयां लगाने की संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि सभी कलस्टरों के 20 प्रतिशत क्षेत्र में जैविक खेती की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में जैविक उत्पादों की मांग निरंतर बढ़ रही है। जैविक उत्पादों के बाजार में दाम भी अधिक मिलते हैं।
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