{"_id":"322b7d6219c0f5ba40b0deca70a4cfa5","slug":"cm-statement-on-the-high-court-bench-simmer-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट बेंच पर सीएम के बयान से उबाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट बेंच पर सीएम के बयान से उबाल
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 12 Dec 2015 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट की बेंच न बनाए जाने के मुख्यमंत्री अखिलेेश यादव के बयान के बाद से अधिवक्ताओं में उबाल है।
अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को कार्य का बहिष्कार करते हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया। इस संबंध में डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए बेंच की मांग दोहराई गई। साथ ही मुख्यमंत्री के बयान को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की नौ करोड़ जनता की मंशा के खिलाफ करार दिया।
डीएम पवन कुमार को सौंपे गए ज्ञापन में सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन ने कहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के अधिवक्ता 40 साल से हाईकोर्ट बेंच की मांग करते आ रहे हैं। इस आंदोलन में अधिवक्ताओं को आम जनता के साथ ही राजनीतिक दलों और अन्य संगठनों का साथ मिल रहा है।
यदि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेंच बनती है तो इससे पश्चिमी यूपी के करीब नौ करोड़ लोगों को लाभ पहुंचेगा, जिन्हें हाईकोर्ट जाने के लिए सात सौ किलोमीटर दूर इलाहाबाद जाना पड़ता है, जिसमें उनको समय और धन दोनों गवाने पड़ते हैं। कई बार पीड़ित इलाहाबाद के दूर होने की वजह से न्याय से वंचित हो जाते हैं।
विज्ञापन
ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष सिद्धार्थ शंकर त्यागी, महासचिव आदित्य सिंह, संजय सिंह वर्मा, अशोक पोसवाल, सतीश चौधरी, इंद्रपाल सिंह, रणधीर सिंह आदि थे। उधर, मुख्यमंत्री के बयान के बाद एसोसिएशन की बैठक को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष सिद्धार्थ शंकर त्यागी ने मुख्यमंत्री के बयान की निंदा की। कहा कि उनका बयान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों की मंशा के खिलाफ है।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पास किया। उन्होंने कार्य बहिष्कार किया, जिससे विभिन्न कार्यों के लिए कचहरी पहुंचने वालों को परेशानी हुई।
उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग दोहराई। बैठक में अध्यक्ष एसएस त्यागी, रणधीर सिंह, राहुल त्यागी, नरेंद्र कुमार, मेघराज, आकाश अग्रवाल, बृजपाल सिंह, रमेशचंद गुप्ता, सुरेंद्र पाल सिंह, सुशील कुमार गोयल, अमित गुप्ता, एकता शर्मा, पालम राणा, शिव कुमार, प्रवीन चौधरी आदि अधिवक्ता थे।
विज्ञापन
अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को कार्य का बहिष्कार करते हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया। इस संबंध में डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए बेंच की मांग दोहराई गई। साथ ही मुख्यमंत्री के बयान को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की नौ करोड़ जनता की मंशा के खिलाफ करार दिया।
डीएम पवन कुमार को सौंपे गए ज्ञापन में सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन ने कहा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 22 जिलों के अधिवक्ता 40 साल से हाईकोर्ट बेंच की मांग करते आ रहे हैं। इस आंदोलन में अधिवक्ताओं को आम जनता के साथ ही राजनीतिक दलों और अन्य संगठनों का साथ मिल रहा है।
विज्ञापन
यदि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेंच बनती है तो इससे पश्चिमी यूपी के करीब नौ करोड़ लोगों को लाभ पहुंचेगा, जिन्हें हाईकोर्ट जाने के लिए सात सौ किलोमीटर दूर इलाहाबाद जाना पड़ता है, जिसमें उनको समय और धन दोनों गवाने पड़ते हैं। कई बार पीड़ित इलाहाबाद के दूर होने की वजह से न्याय से वंचित हो जाते हैं।
विज्ञापन
ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष सिद्धार्थ शंकर त्यागी, महासचिव आदित्य सिंह, संजय सिंह वर्मा, अशोक पोसवाल, सतीश चौधरी, इंद्रपाल सिंह, रणधीर सिंह आदि थे। उधर, मुख्यमंत्री के बयान के बाद एसोसिएशन की बैठक को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष सिद्धार्थ शंकर त्यागी ने मुख्यमंत्री के बयान की निंदा की। कहा कि उनका बयान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों की मंशा के खिलाफ है।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पास किया। उन्होंने कार्य बहिष्कार किया, जिससे विभिन्न कार्यों के लिए कचहरी पहुंचने वालों को परेशानी हुई।
उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग दोहराई। बैठक में अध्यक्ष एसएस त्यागी, रणधीर सिंह, राहुल त्यागी, नरेंद्र कुमार, मेघराज, आकाश अग्रवाल, बृजपाल सिंह, रमेशचंद गुप्ता, सुरेंद्र पाल सिंह, सुशील कुमार गोयल, अमित गुप्ता, एकता शर्मा, पालम राणा, शिव कुमार, प्रवीन चौधरी आदि अधिवक्ता थे।