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चिराग और शुभम ने रोशन किया नाम

Wed, 05 Aug 2020 12:21 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2020 12:21 AM IST
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Chirag and Shubham brighten the name
आईपीएस शुभम आर्य - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2019 का परिणाम घोषित कर दिया है, जिसमें सहारनपुर के चिराग जैन को 215 और शुभम आर्य को 652 वीं रैंक मिली है। शुभम आर्य बीते वर्ष भी आईपीएस में चयनित हुए थे और बिहार कैडर मिला था। बिहार में वह ट्रेनिंग कर रहे हैं, जबकि चिराग जैन को बीते वर्ष आईएफएस बनने पर मध्य प्रदेश कैडर मिला था। उनकी ट्रेनिंग देहरादून स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में चल रही है।
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चिराग जैन के पिता प्रवीण जैन प्रॉपर्टी कारोबारी हैं, इनका परिवार शहर की आवास विकास कालोनी में रहता है। चिराग जैन 2009 में सीबीएसई हाईस्कूल में जिला टॉपर भी बने थे। बीते वर्ष चिराग जैन को सिविल सेवा परीक्षा में 355 वीं रैंक मिली थी, जिसके आधार पर उन्हें इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस मिला था, जबकि आईएफएस में 10 वीं रैंक मिली थी। इसी के चलते उन्होंने आईएफएस का चयन किया था।
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वहीं, शहर के शाकंभरी विहार (पंत विहार) निवासी इंजीनियर कृष्णलाल आर्य के पुत्र शुभम आर्य को बीते वर्ष सिविल सेवा परीक्षा में 601 वीं रैंक मिली थी। आईपीएस का बिहार कैडर मिला था। इन दिनों शुभम आर्य बिहार में ट्रेनिंग कर रहे हैं। शुभम आर्य भी 2010 में आईसीएसई हाईस्कूल परीक्षा में जिला टॉपर बने थे।
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चिराग जैन
संघर्ष की कहानी
- सहारनपुर में प्राइवेट स्कूल से इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की। 2011 में आईआईटी कानपुर में चयन हुआ और 2015 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में जुट गए। कड़ी मेहनत करते रहे और 2019 में सिविल सेवा परीक्षा में 355 वीं रैंक मिली। इस बार 215 रैंक आने पर आईपीएस या फिर आईआरएस इनकम टैक्स मिलने की उम्मीद है।
किससे प्रेरणा मिली
माता सुरक्षा जैन और पिता प्रवीण जैन से प्रेरणा मिली। पिता ने खुद से पहले मेरे बारे में सोचा। पढ़ाई के लिए बचपन से सहयोग और मार्गदर्शन किया। अप्रैल 2019 में शादी हुई है तो, पत्नी ऐश्वर्य जैन ने भी बहुत सहयोग किया।
-- समाज के लिए क्या बदलाव चाहते हैं
- प्रारंभिक तौर पर नीतियों को प्रभावी रूप से लागू करना ही प्राथमिकता है। करियर की शुरुआत में नीतियों को लागू कराने की ही जिम्मेदारी होती है। जब खुद नीति बनाने में सहयोगी बनेंगे तो शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की जरूरत है, साथ ही पर्यावरण और वन को लेकर भी अच्छा कार्य करने की आवश्यकता है।
शुभम आर्य
संघर्ष की कहानी
- हाईस्कूल इंफैंट जीजस स्कूल और इंटरमीडिएट पाइनवुड स्कूल से 2012 में की। पिछले साल सिविल सेवा परीक्षा में 601 वीं रैंक मिली थी और आईपीएस की ट्रेनिंग बिहार में कर रहे हैं। वह बताते हैं कि परीक्षा का पैटर्न संघर्ष मांगता है। लगे रहना है, मेहनत करते रहना है। प्रयास करते रहो तो, रैंक और नंबर में बढ़ोत्तरी होती है। परिवार का पूरा सहयोग मिलता रहा।
-- किससे प्रेरणा मिली
- पिता कृष्णलाल आर्य मेरे प्रेरणास्रोत हैं, जिन्होंने जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमेशा प्रेरित किया। मां ने अंजली आर्या ने काफी प्रयास कर पढ़ाया है। माता पिता की प्रेरणा से ही इस मुकाम तक पहुंचे हैं।

-- समाज के लिए क्या बदलाव चाहते हैं
- फिलहाल आईपीएस की ट्रेनिंग चल रही है तो, उसके अनुसार ही कार्य करना है। बेहतर पुलिसिंग के साथ ही ऐसे लोगों को न्याय दिलाना है, जो न्याय से वंचित रहते हैं। समाज में पुलिस की छवि अच्छी रहे, इसके लिए कार्य करने की जरूरत है।

सिविल सेवा परीक्षा -- आईएफएस चिराग जैन

सिविल सेवा परीक्षा -- आईएफएस चिराग जैन- फोटो : SAHARANPUR

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