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कोरोना की दूसरी लहर में भी जारी है बच्चों का टीकाकरण अभियान
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सहारनपुर। कोरोना की दूसरी लहर में भी बच्चों का टीकाकरण जारी है। जनपद में प्रत्येक बुधवार और शनिवार को बच्चों को नियमित टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। जिला महिला अस्पताल के साथ ही देहात की सभी सीएचसी और पीएचसी तथा हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर भी टीके लगाए जा रहे हैं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि बीते वर्ष कोरोना के शुरुआती दौर में कुछ माह के लिए टीकाकरण प्रभावित हुआ था, मगर उसके बाद अभियान चलाकर इसे कवर किया गया था। तब से अब तक टीकाकरण नियमित रूप से जारी है। जनपद में बीते वर्ष दस अगस्त से पांच सितंबर तक विशेष अभियान चलाया गया। प्रत्येक बुधवार और शनिवार को नौ माह से पांच वर्ष तक के 4,38,356 बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी गई थी। सभी कुपोषित बच्चों का पुन: वजन, पहचान, प्रंधन और संदर्भन भी किया गया था। नियमित टीकाकरण के दौरान लक्षित बच्चों के साथ आंशिक प्रतिरक्षित (ड्रॉप आउट) बच्चों का प्रतिरक्षण कर शत प्रतिशत टीकाकरण कराया गया था। बाल्य रोगों की रोकथाम कर स्तनपान और ऊपरी आहार को बढ़ावा देने के लिए भी अभियान चलाया जा चुका है। इसके बाद मिजिल्स रुबेला टीकाकरण अभियान चलाया गया, जो 26 से 30 नवंबर तक चला था। मात्र पांच दिन में 1,93,213 बच्चों को टीका लगाया गया था। उन्होंने बताया कि नियमित टीकाकरण अभियान लगातार जारी है।
जिला महिला अस्पताल के साथ ही देहात के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर बुधवार और शनिवार को टीके लगाए जा रहे हैं।
2019 में आया था पहला स्थान
सहारनपुर। बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए सघन मिशन इंद्रधनुष के तहत वर्ष 2019 में चलाए गए टीकाकरण अभियान में सहारनपुर प्रदेश में अव्वल रहा था। इसमें नवजात से दो वर्ष तक के बच्चों को पोलियो, खसरा- रुबेला, रोटा वॉयरस, टिटनेस-डिप्थीरिया, काली खांसी आदि से बचाने के लिए संपूर्ण टीकाकरण अभियान चलाया गया था। पहला चरण दो से 12 दिसंबर, दूसरा चरण छह से 16 जनवरी, तीसरा चरण तीन से 12 फरवरी, चौथा चरण दो मार्च से 16 मार्च तक चला था। अभियान में सहारनपुर को प्रदेश में पहला स्थान मिला था।
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जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि बीते वर्ष कोरोना के शुरुआती दौर में कुछ माह के लिए टीकाकरण प्रभावित हुआ था, मगर उसके बाद अभियान चलाकर इसे कवर किया गया था। तब से अब तक टीकाकरण नियमित रूप से जारी है। जनपद में बीते वर्ष दस अगस्त से पांच सितंबर तक विशेष अभियान चलाया गया। प्रत्येक बुधवार और शनिवार को नौ माह से पांच वर्ष तक के 4,38,356 बच्चों को विटामिन ए की खुराक दी गई थी। सभी कुपोषित बच्चों का पुन: वजन, पहचान, प्रंधन और संदर्भन भी किया गया था। नियमित टीकाकरण के दौरान लक्षित बच्चों के साथ आंशिक प्रतिरक्षित (ड्रॉप आउट) बच्चों का प्रतिरक्षण कर शत प्रतिशत टीकाकरण कराया गया था। बाल्य रोगों की रोकथाम कर स्तनपान और ऊपरी आहार को बढ़ावा देने के लिए भी अभियान चलाया जा चुका है। इसके बाद मिजिल्स रुबेला टीकाकरण अभियान चलाया गया, जो 26 से 30 नवंबर तक चला था। मात्र पांच दिन में 1,93,213 बच्चों को टीका लगाया गया था। उन्होंने बताया कि नियमित टीकाकरण अभियान लगातार जारी है।
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जिला महिला अस्पताल के साथ ही देहात के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर बुधवार और शनिवार को टीके लगाए जा रहे हैं।
2019 में आया था पहला स्थान
सहारनपुर। बच्चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए सघन मिशन इंद्रधनुष के तहत वर्ष 2019 में चलाए गए टीकाकरण अभियान में सहारनपुर प्रदेश में अव्वल रहा था। इसमें नवजात से दो वर्ष तक के बच्चों को पोलियो, खसरा- रुबेला, रोटा वॉयरस, टिटनेस-डिप्थीरिया, काली खांसी आदि से बचाने के लिए संपूर्ण टीकाकरण अभियान चलाया गया था। पहला चरण दो से 12 दिसंबर, दूसरा चरण छह से 16 जनवरी, तीसरा चरण तीन से 12 फरवरी, चौथा चरण दो मार्च से 16 मार्च तक चला था। अभियान में सहारनपुर को प्रदेश में पहला स्थान मिला था।
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