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चप्पलों में और बिना यूनिफॉर्म के विद्यालय पहुंच रहे बच्चे
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सहारनपुर। यूनिफॉर्म, स्वेटर, स्कूल बैग तथा जूतों और मौजों आदि का पैसा करीब साढ़े तीन माह पहले अभिभावकों के खातों में भेजे जाने के बाद भी बच्चे बिना यूनिफॉर्म और बिना जूतों के ही विद्यालय पहुंच रहे हैं। सर्दी के बावजूद अनेक बच्चे चप्पलों में और बिना स्वेटर के हैं। ऐसे में संबंधित अभिभावकों की नीयत और व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
जनपद में 1438 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनमें इस बार 2,17,313 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। बीते वर्षों में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूते, मौजे और स्वेटर आदि विभाग और विद्यालयों के द्वारा उपलब्ध कराए जाते थे, लेकिन इस बार प्रदेश सरकार ने प्रत्येक बच्चे की यूनिफॉर्म आदि का करीब 1100 रुपया उनके अभिभावकों के खातों में भेजा है। छह नवंबर 2021 को 1100-1100 रुपयों के रूप में अभिभावकों के खातों में करीब 15 करोड़ 18 लाख रुपया ट्रांसफर किया गया था। लेकिन संबंधित बच्चों में से 50 फीसदी से अधिक अभिभावकों ने अपने बच्चों को यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, स्वेटर आदि नहीं दिलाए हैं। नतीजा पैसा मिलने के बावजूद बच्चे चप्पलों में बिना स्वेटर और बिना यूनिफॉर्म के विद्यालय पहुंच रहे हैं। जो विद्यार्थी यूनिफॉर्म, जूतों या स्कूल बैग के साथ पहुंच रहे हैं। उनमें भी ज्यादातर का सामान बीते सत्र का है।
79,313 बच्चों को पैसा मिलने का इंतजार
जिले के परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या 2,17,313 है, जिनमें से 1,38,000 हजार बच्चों का पैसा सरकार द्वारा भेजा गया है। लेकिन शेष 79,313 विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को अभी तक पैसा नहीं मिला है। विभाग 79,313 विद्यार्थियों में से 40,000 विद्यार्थियों का डाटा करीब डेढ़ माह पहले शासन को भेज चुका है ।
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परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत बच्चों में से 70 फीसदी बच्चों की यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, स्वेटर जूतों आदि का पैसा उनके अभिभावकों के बैंक खातों में तीन माह पहले ट्रांसफर किया जा चुका है। शिक्षकों के द्वारा अभिभावकों को अपने बच्चों को यूनिफॉर्म, स्कूल बैग और स्वेटर आदि दिलवाने को कहा जा रहा है। शेष बच्चों का डाटा शासन को भेजा जा चुका है, जिनका पैसा जल्द उनके अभिभावकों के खातों में आने की उम्मीद है।
- अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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जनपद में 1438 परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनमें इस बार 2,17,313 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। बीते वर्षों में परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, जूते, मौजे और स्वेटर आदि विभाग और विद्यालयों के द्वारा उपलब्ध कराए जाते थे, लेकिन इस बार प्रदेश सरकार ने प्रत्येक बच्चे की यूनिफॉर्म आदि का करीब 1100 रुपया उनके अभिभावकों के खातों में भेजा है। छह नवंबर 2021 को 1100-1100 रुपयों के रूप में अभिभावकों के खातों में करीब 15 करोड़ 18 लाख रुपया ट्रांसफर किया गया था। लेकिन संबंधित बच्चों में से 50 फीसदी से अधिक अभिभावकों ने अपने बच्चों को यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, स्वेटर आदि नहीं दिलाए हैं। नतीजा पैसा मिलने के बावजूद बच्चे चप्पलों में बिना स्वेटर और बिना यूनिफॉर्म के विद्यालय पहुंच रहे हैं। जो विद्यार्थी यूनिफॉर्म, जूतों या स्कूल बैग के साथ पहुंच रहे हैं। उनमें भी ज्यादातर का सामान बीते सत्र का है।
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79,313 बच्चों को पैसा मिलने का इंतजार
जिले के परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या 2,17,313 है, जिनमें से 1,38,000 हजार बच्चों का पैसा सरकार द्वारा भेजा गया है। लेकिन शेष 79,313 विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को अभी तक पैसा नहीं मिला है। विभाग 79,313 विद्यार्थियों में से 40,000 विद्यार्थियों का डाटा करीब डेढ़ माह पहले शासन को भेज चुका है ।
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परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत बच्चों में से 70 फीसदी बच्चों की यूनिफॉर्म, स्कूल बैग, स्वेटर जूतों आदि का पैसा उनके अभिभावकों के बैंक खातों में तीन माह पहले ट्रांसफर किया जा चुका है। शिक्षकों के द्वारा अभिभावकों को अपने बच्चों को यूनिफॉर्म, स्कूल बैग और स्वेटर आदि दिलवाने को कहा जा रहा है। शेष बच्चों का डाटा शासन को भेजा जा चुका है, जिनका पैसा जल्द उनके अभिभावकों के खातों में आने की उम्मीद है।
- अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।