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Saharanpur News: आम खाने में सावधानी जरूरी, बीमारियों से बनेगी दूरी
Mon, 23 Jun 2025 12:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Mon, 23 Jun 2025 12:25 AM IST
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सहारनपुर। आम के सीजन से पहले ही बाजार में दुकानों और रेहड़ियों पर सजे पीले और सुंदर आम सभी को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि यह आम आपके लिवर और गुर्दों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। जी हां, इन दिनों बाजार में बिक रहे ज्यादातर आम कैल्शियम कार्बाइड से पके हुए हैं, जिनका सेवन आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे में आम खरीदते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
आम का सीजन चल रहा है। फिलहाल लोकल आम नहीं आया है। ज्यादातर आम बाहर का बताया जा रहा है। यही बताकर दुकानदार बेच रहे हैं। इनमें से ज्यादातर आम कैल्शियम कार्बाइड से पका हुआ है, जो सेहत के लिए खतरनाक है। यदि ऐसे आम का ज्यादा सेवन किया जाए तो यह लिवर और गुर्दों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिसके कई गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर राठी बताते हैं कि कार्बाइड से पका आम खान से पेट में अल्सर, गैस, जलन, किडनी और लिवर पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि केमिकल से पकाए गए आम में नेचुरल मिठास और पोषण की मात्रा भी कम होती है। उधर, खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई कदम इस दिशा में नहीं उठाया गया है।
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-- केमिकल युक्त फलों को कैसे पहचानें
प्राचार्य डॉ. सुधीर राठी ने कहा कि कार्बाइड व केमिकल से पकाए गए फलों की पहचान बेहद आसान है। केमिकल से पकाए गए फलों का रंग बेहद चटक होगा। इसे धुलकर ही खाना जरूरी है, क्योंकि धुलने से केमिकल का असर कुछ हद तक समाप्त हो जाता है।
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जिले में अभी आम का एक भी नमूना नहीं लिया जा सका है। बारिश हो रही है। कार्बाइड से आम पकाने की कोई शिकायत नहीं आई है। अगर ऐसा है तो टीम भेजकर नमूने लिए जाएंगे।
- धनंजय शुक्ला, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी
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आम का सीजन चल रहा है। फिलहाल लोकल आम नहीं आया है। ज्यादातर आम बाहर का बताया जा रहा है। यही बताकर दुकानदार बेच रहे हैं। इनमें से ज्यादातर आम कैल्शियम कार्बाइड से पका हुआ है, जो सेहत के लिए खतरनाक है। यदि ऐसे आम का ज्यादा सेवन किया जाए तो यह लिवर और गुर्दों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिसके कई गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर राठी बताते हैं कि कार्बाइड से पका आम खान से पेट में अल्सर, गैस, जलन, किडनी और लिवर पर दुष्प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि केमिकल से पकाए गए आम में नेचुरल मिठास और पोषण की मात्रा भी कम होती है। उधर, खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई कदम इस दिशा में नहीं उठाया गया है।
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प्राचार्य डॉ. सुधीर राठी ने कहा कि कार्बाइड व केमिकल से पकाए गए फलों की पहचान बेहद आसान है। केमिकल से पकाए गए फलों का रंग बेहद चटक होगा। इसे धुलकर ही खाना जरूरी है, क्योंकि धुलने से केमिकल का असर कुछ हद तक समाप्त हो जाता है।
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जिले में अभी आम का एक भी नमूना नहीं लिया जा सका है। बारिश हो रही है। कार्बाइड से आम पकाने की कोई शिकायत नहीं आई है। अगर ऐसा है तो टीम भेजकर नमूने लिए जाएंगे।
- धनंजय शुक्ला, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी