नहर में धक्का देने का मामला: पिता-दादा ने पुलिस पर उठाए सवाल, दोनों भाइयों की तलाश के लिए चार टीमों का गठन
नहर में धक्का देने का मामला : पिता और दादा ने पुलिस पर सवाल उठाए हैं। वहीं, सीओ ने दोनों भाइयों की तलाश के लिए चार टीमों का गठन किया है।
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सहारनपुर में भगवानपुर मार्ग पर गंगनहर में शोएब पुलिस की लापरवाही की वजह से कूदा है। परिजनों ने यह आरोप लगाते हुए कहा कि जब उसने अपने भाई को नहर में धक्का देने का जुर्म स्वीकार किया तो पुलिस ने उसका हाथ क्यों नहीं पकड़ा हुआ था।
आवेश और शोएब के परिजनों ने पुलिस पर ही हत्या का आरोप लगाया और थाने पर भी हंगामा किया। पिता तौफीक ने कहा कि शोएब ने आवेश को नहर धक्का देने की बात स्वीकार की तो इसकी जानकारी परिजनों को क्यों नहीं दी गई। पुलिस परिजनों को बिना बताए ही शोएब को नहर पर ले गई। साथ में अगर कोई परिवार का सदस्य होता तो शायद ऐसी घटना नहीं होती। तौफीक का आरोप है कि पुलिस ने शोएब के साथ मारपीट की है। उस पर जबरदस्ती अपने भाई की हत्या करने की बात कहलवाई है। पुलिस की मारपीट के डर से शोएब की हालत खराब हो गई। आरोप है कि पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध है।
चार थाना प्रभारियों और पीएसी को लगाया
सीओ सदर रूचि गुप्ता ने बताया कि दोनों भाइयों की तलाश के लिए चार टीमों का गठन कर दिया है। इन टीमों में थाना प्रभारी चिलकाना, थाना प्रभारी फतेहपुर, थाना प्रभारी सरसावा और गागलहेड़ी प्रभारी को लगाया गया है। गोताखोरों की मदद से अलग-अलग जगहों पर दोनों भाइयों की तलाश किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, दोबारा हंगामे के संदेह के चलते थाने में पीएसी तैनात की गई है।
आवेश का स्वास्थ्य चल रहा था खराब, शोएब करता था नौकरी
गांव माली निवासी तौफीक ने बताया कि उसका पुत्र आवेश 12वीं पास है। उसका काफी समय से स्वास्थ्य खराब चल रहा था। आवेश घर में ही रहता था। शोएब ने इसी वर्ष 12वीं पास की। वह भगवानपुर में एक कंपनी में नौकरी कर रहा था। आवेश और शोएब का एक बड़ा भाई है, जो विवाहित है, जबकि आवेश और शोएब अविवाहित थे।
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सवालों के घेरे में पुलिस
आवेश और शोएब के दादा जब्बार का आरोप है कि पुलिस निजी कार से शोएब को लेकर गई। शोएब ने अपने भाई की हत्या करना स्वीकार किया तो परिजनों को क्यों नहीं बताया। शोएब ने आवेश की हत्या की है तो इसके पीछे क्या कारण रहा। पुलिस ने शोएब को आवेश की तलाश के लिए जाते समय गंग नहर पर वीडियो क्यों नहीं बनवाई। आरोप है कि शोएब की तलाश करने के बजाए पुलिस वहां से चली गई, जबकि तभी गोताखोर बुलाकर उत्तराखंड पुलिस की मदद से उसे तलाश कराया जा सकता था, लेकिन उत्तराखंड पुलिस ही घटनास्थल पर मौजूद रही। जब्बार ने कहा कि पुलिस सही से आवेश की तलाश कराती तो यह घटना नहीं होती।
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नेताओं ने दी सांत्वना और मदद का दिलाया भरोसा
गांव माली में दोनों भाइयों के घर पूरे दिन नेताओं का तांता लगा रहा। सबसे पहले बसपा नेता इमरान मसूद गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार को हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद बसपा सांसद हाजी फजलुरर्हमान ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना दी। इसके अलावा भी कई पार्टियों के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार को मदद का भरोसा दिलाया।