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125 जर्जर सरकारी स्कूलों पर चलेगा बुलडोजर
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125 जर्जर सरकारी स्कूलों पर चलेगा बुलडोजर
सहारनपुर। जिले में करीब 277 जर्जर भवन हैं। पहले चरण में इनमें से 125 भवनों पर सरकारी बुलडोजर चलेगा। हालांकि अब तक नए भवन के निर्माण के लिए कोई बजट नहीं मिला है।
दरअसल, जर्जर स्कूल भवनों की सूची एक माह पूर्व शासन के निर्देश पर बनाई गई थी। सहारनपुर जिले में 11 ब्लॉक हैं। इनमें 277 जर्जर स्कूल के भवन हैं। सबसे ज्यादा हालत खराब मुजफ्फराबाद ब्लाक में हैं, जहां 40 भवन जर्जर हैं। इसके अलावा सरसावा क्षेत्र में 07, नांगल क्षेत्र में 18, गंगोह क्षेत्र में 30, साढ़ौली कदीम क्षेत्र में 21, रामपुर मनिहारान क्षेत्र में 08, बलियाखेड़ी ब्लाक क्षेत्र में 13, देवबंद क्षेत्र में 09 भवन चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 125 जर्जर भवनों को पहले चरण में ध्वस्त किया जाना है। इनमें कई विद्यालय भवन तो ऐसे हैं, जिनकी छतों पर छोटे छोटे पेड़ तक उग आए हैं। किसी भवन में लैंटर ही क्षतिग्रस्त है तो किसी की दीवारें टूट चुकी है।
- नहीं होगी जर्जर भवनों में पढ़ाई
मुरादनगर में श्मशान घाट के गिरने की घटना के बाद उच्चाधिकारियों द्वारा निर्देश दिया गया है कि जर्जर भवनों में पढ़ाई का कार्य नहीं होना चाहिए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जो भवन जर्जर चिह्नित किए हैं, उनमें पढ़ाई का कार्य पहले से बंद है। वैसे भी कोरोना काल में अभी परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को नहीं बुलाया जा रहा है।
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--- वर्जन
जिला समन्वयक (निर्माण) कृपाल मलिक ने बताया कि प्रथम चरण में 125 जर्जर विद्यालय भवनों को ध्वस्त कराया जाना है। पूर्व में 277 विद्यालय भवन चिह्नित करके शासन को रिपोर्ट भेजी थी। पिछले दिनों ही जिलाधिकारी अखिलेश सिंह की अध्यक्षता में मीटिंग भी हुई, जिसमें प्रथम चरण में 125 भवनों को ध्वस्त करने के बाद शासन से बजट की मांग के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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सहारनपुर। जिले में करीब 277 जर्जर भवन हैं। पहले चरण में इनमें से 125 भवनों पर सरकारी बुलडोजर चलेगा। हालांकि अब तक नए भवन के निर्माण के लिए कोई बजट नहीं मिला है।
दरअसल, जर्जर स्कूल भवनों की सूची एक माह पूर्व शासन के निर्देश पर बनाई गई थी। सहारनपुर जिले में 11 ब्लॉक हैं। इनमें 277 जर्जर स्कूल के भवन हैं। सबसे ज्यादा हालत खराब मुजफ्फराबाद ब्लाक में हैं, जहां 40 भवन जर्जर हैं। इसके अलावा सरसावा क्षेत्र में 07, नांगल क्षेत्र में 18, गंगोह क्षेत्र में 30, साढ़ौली कदीम क्षेत्र में 21, रामपुर मनिहारान क्षेत्र में 08, बलियाखेड़ी ब्लाक क्षेत्र में 13, देवबंद क्षेत्र में 09 भवन चिह्नित किए गए हैं। इनमें से 125 जर्जर भवनों को पहले चरण में ध्वस्त किया जाना है। इनमें कई विद्यालय भवन तो ऐसे हैं, जिनकी छतों पर छोटे छोटे पेड़ तक उग आए हैं। किसी भवन में लैंटर ही क्षतिग्रस्त है तो किसी की दीवारें टूट चुकी है।
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- नहीं होगी जर्जर भवनों में पढ़ाई
मुरादनगर में श्मशान घाट के गिरने की घटना के बाद उच्चाधिकारियों द्वारा निर्देश दिया गया है कि जर्जर भवनों में पढ़ाई का कार्य नहीं होना चाहिए। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जो भवन जर्जर चिह्नित किए हैं, उनमें पढ़ाई का कार्य पहले से बंद है। वैसे भी कोरोना काल में अभी परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को नहीं बुलाया जा रहा है।
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जिला समन्वयक (निर्माण) कृपाल मलिक ने बताया कि प्रथम चरण में 125 जर्जर विद्यालय भवनों को ध्वस्त कराया जाना है। पूर्व में 277 विद्यालय भवन चिह्नित करके शासन को रिपोर्ट भेजी थी। पिछले दिनों ही जिलाधिकारी अखिलेश सिंह की अध्यक्षता में मीटिंग भी हुई, जिसमें प्रथम चरण में 125 भवनों को ध्वस्त करने के बाद शासन से बजट की मांग के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।