फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Blind Shiv Kumar has taken up the task of providing rights to the disabled

Saharanpur News: दिव्यांगों को हक दिलाने का बीड़ा उठाए हैं दृष्टिहीन शिव कुमार

Sat, 21 Jan 2023 11:37 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Sat, 21 Jan 2023 11:37 PM IST
विज्ञापन
Blind Shiv Kumar has taken up the task of providing rights to the disabled
शिव कुमार गुप्ता

सहारनपुर। 68 वर्षीय शिव कुमार गुप्ता दृष्टिहीन होने के बावजूद दिव्यांगजनों के लिए मार्गदर्शक और रक्षक बने हुए हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांगजनों को सक्षम बनाने के लिए उनको सरकारी योजनाओं का लाभ और उनके अधिकार दिलाने के लिए 19 साल से संघर्ष कर रहे हैं। इन 19 सालों में वह सैकड़ों दिव्यांगजनों की जिंदगी संवार चुके हैं।

विज्ञापन


शिव कुमार गुप्ता ने वर्ष 2003 में विकलांगों की सहायतार्थ एवं समर्पित संस्था भारतीय विकलांग विकास संस्था बनाई। संस्था का उद्देश्य दिव्यांगों को उनके अधिकार दिलाना है। शिवकुमार अभी तक जनपद के करीब एक हजार लोगों की पेंशन करा चुके हैं। इसके अलावा लाचार और बेरोजगार दिव्यांगों को रोजगार की भी व्यवस्था वह कराते हैं। कई दिव्यांग सड़कों किनारे सब्जी, पान आदि की दुकान लगा रहे हैं।
विज्ञापन


हकीकतनगर निवासी अंकुर जीपीओ रोड पर पान की दुकान चलाते हैं। अंकुर का कहना है कि शिवकुमार गुप्ता दिव्यांगों के मददगार हैं। दिव्यांगों की पेंशन से लेकर उनके पालन पोषण तक को लेकर वह चिंतित रहते हैं। खुद दिव्यांग होने के बावजूद वह 24 घंटे दिव्यांगों के लिए खड़े रहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

दोनों पैर से दिव्यांग फिरोज कुमार प्राइवेट नौकरी करते हैं। फिरोज का कहना है कि दृष्टि बाधित होने के बावजूद शिव कुमार गुप्ता मानसिक रूप से पूरी तरह मजबूत हैं। वह सभी के दुख सुख में साथ खड़े रहने वाले व्यक्ति हैं, जो सभी दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा भी हैं।

29 साल की उम्र में चली गई आंखों की रोशनी
शिवकुमार मूल रूप से शामली के गांव रसूलपुर के रहने वाले हैं, जिनके पिता सहारनपुर में रोडवेज में कंडक्टर थे। वर्तमान में शिव कुमार कांशीराम कॉलोनी में रह रहे हैं। शिव कुमार गुप्ता बचपन से दृष्टिहीन नहीं हैं। तेरह साल की उम्र में 1968 में उन्हें चेचक और टाइफाइड ऐसा हुआ कि आंखों की रोशनी कम हो गई। 1984 में उनको दिखना पूरी तरह बंद हो गया। शिव कुमार की शादी हुई और उनके चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां हैं।

दिव्यांगों को दया नहीं सहयोग की जरूरत
शिवकुमार गुप्ता का कहना है कि दिव्यांगों को समाज से दया नहीं चाहिए। यदि सरकार और समाज उनके लिए कुछ करना चाहता है तो उनको उनके पैरों पर खड़ा करने के लिए उनके रोजगार की व्यवस्था करे। उनको भी समाज में स्वाभिमान के साथ जीने का अधिकार है। क्योंकि दिव्यांग जब किसी की दया पर पलने लगता है तो वह और कमजोर हो जाता है। ऐसे में वह सभी दिव्यांगजनों को मेहनत करने के लिए प्रेरित करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed