फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   BJP's saffron saffron in Maya's stronghold

माया के गढ़ में फहरा भाजपा का भगवा

Sat, 11 Mar 2017 11:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Sat, 11 Mar 2017 11:25 PM IST
विज्ञापन
BJP's saffron saffron in Maya's stronghold
जीत की खुशी में उमड़े भाजपा कार्यकर्ता। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर में भी भगवा आंधी के बीच 24 साल बाद जबरदस्त वापसी करते हुए चार सीटों पर कब्जा जमाया। दलित-मुस्लिम गठजोड़ का समीकरण बैठाने में जुटी बसपा अपने गढ़ में खाता भी नहीं खोल पाई।
विज्ञापन


मतों के ध्रुवीकरण के चलते भाजपा देवबंद में बड़ी जीत हासिल कर 21 साल बाद इस सीट को अपने खाते में लाने में कामयाब हुई। पिछले चुनाव के मुकाबले भाजपा ने चार गुना बढ़त हासिल की तो वहीं कांग्रेस ने दो सीटों पर कब्जा जमाकर अपनी एक सीट का इजाफा किया।
विज्ञापन


सपा अपने पिछले प्रदर्शन पर ही कायम रही। मुस्लिम शिक्षा का सबसे बड़ा केन्द्र होने के चलते दुनिया भर के मुसलमानों की निगाहे सहारनपुर के परिणाम पर टिकी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर, केन्द्र सरकार के दो साल पूरे होने पर पीएम मोदी ने सहारनपुर में विकास पर्व रैली और चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने यहां से परिवर्तन रैली की शुरुआत कर पार्टी के लिए सहारनपुर की महत्ता को जता दिया था।

ऐसे में यहां के विधानसभा चुनाव के परिणामों पर पूरे देश के लोगों के रुझान से इनकार नहीं किया जा सकता। भाजपा ने इस्लामिक तालिम के केन्द्र देवबंद में 21 साल बाद फतह हासिल कर लोगों को चौंका दिया।

जबकि यहां लगातार पिछले चुनावों में बसपा, सपा और कांग्रेस ने जीत दर्ज करने में कामयाब रहीं थी। देवबंद के अलावा नकुड़, गंगोह और रामपुर मनिहारान में भाजपा को जीत मिली है।

सहारनपुर किसी दौर में बसपा का गढ़ रहा था और यही कारण रहा है कि बसपा सुप्रीमो मायावती भी दो बार यहां से चुनाव जीत कर विधानसभा पहुंची थी।

इसके अलावा बसपा के संस्थापक कांशीराम भी लोकसभा का चुनाव यहां से लड़ चुके हैं। मगर, इस बार बसपा सुप्रीमो के मोदी को रोकने के लिए मुस्लिमों को साथ आने की अपील भी बेेकार साबित हो गई। 

वर्ष 2012 के चुनाव में भाजपा केवल शहर सीट पर जीत दर्ज कर पाने में कायमाब हुई थी। इसके अलावा बाकी छह सीटों पर भाजपा चौथे नंबर की पार्टी बनकर रह गई थी। जबकि इस चुनाव में बसपा ने चार सीटों पर जीत दर्ज की थी।


इसके अलावा यहां एक सीट पर कांग्रेस और एक पर ही सपा को विजय मिली थी। देवबंद का महत्व इसी बात से समझा जा सकता है कि यहां से सपा के विधायक राजेन्द्र सिंह राणा को पार्टी ने हाथो-हाथ लिया था और सरकार गठन के बाद उन्हें मंत्री पद से नवाजा गया था। इससे पहले वर्ष 2007 में बसपा यहां पांच सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाब रही थी।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed