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दलित मतों में सेंधमारी से मिली भाजपा को कामयाबी

Sun, 12 Mar 2017 11:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Sun, 12 Mar 2017 11:10 PM IST
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BJP gets success from Dalit votes
बीजेपी - फोटो : self
सहारनपुर जिले में भाजपा को मिली बड़ी जीत के पीछे बसपा के गढ़ में दलित मतदाताओं की सेंधमारी एक बड़ा कारण रही है। लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में बनी मोदी लहर को बनाए रखने के लिए यहां लगातार प्रयास होते रहे।
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हालांकि यहां उम्मीद से कम सफलता मिली है। मगर, जिले की सातों सीटों पर अच्छे प्रदर्शन को लेकर पार्टी में उत्साह का माहौल है। सात में तीन सीटों पर भाजपा को हार मिली है,
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यह माना जा रहा है कि इन सीटों पर दलित मतदाता उम्मीद से कम भाजपा के पाले में आए और यही कारण रहा कि यहां हार का सामना करना पड़ा। फिलहाल इस चुनाव में भले ही बसपा का सोशल इंजीनियरिंग  पूरी तरह फेल हो गया है, मगर उसकी तर्ज पर बनाया गया भाजपा का फार्मूला पूरी तरह से सफल रहा। 
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हरियाणा और उत्तराखंड की सीमा पर होने के कारण सहारनपुर का राजनीतिक कद काफी ज्यादा माना जाता है। लोकसभा चुनाव के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी वेस्ट यूपी को साधने के लिए सहारनपुर को केंद्र बनाने में जुटी थी।

यही कारण है कि केन्द्र सरकार के दो साल पूरे होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने सहारनपुर में ही विकास पर्व रैली की थी। इसके बाद चुनाव से ऐन पहले भाजपा ने सहारनपुर के शाकंभरी मंदिर से परिवर्तन रैली की शुरुआत की थी।

इतना ही नहीं, सहारनपुर के तीन मौजूदा और एक पूर्व विधायक चुनाव से ठीक पहले अपनी पार्टी छोड़ भाजपा के साथ खड़े हुए थे और भाजपा ने उन्हें हाथों-हाथ लिया।

इसमें दो मौजूदा विधायक डा. धर्म सिंह सैनी और गंगोह से प्रदीप चौधरी ही जीत दर्ज कर पाने में कामयाब हुए। महावीर सिंह राणा और मनोज चौधरी का प्रदर्शन भी पिछले चुनावों के मुकाबले बेहतर रहा मगर वे जीत न सके। 

बेहट में बसपा ने दलित-मुस्लिम गठजोड़ के चलते हाजी मोहम्मद इकबाल ने दलित-मतदाताओं पर मजबूत पकड़ रखी। यही कारण है कि महावीर सिंह राणा अगड़ी और पिछड़ी जातियों के मतों को एकजुट कर पाने में कामयाब रहे। दलित मतों में कम सेंधमारी उनकी हार का कारण बनी। 

ऐसे ही शहर सीट पर बसपा प्रत्याशी को भले ही कमजोर माना जा रहा था, मगर उन्हें करीब 17 हजार मत मिले। जबकि सियासी जानकार उन्हें 10 हजार तक सिमटने के कयास लगा रहे थे।


सहारनपुर  विधान सभा क्षेत्र बसपा का मजबूत गढ़ रहा है। पहले यह सीट हरोड़ा के नाम से थी, जिस पर मायावती चुनाव जीत चुकी हैं। यहां भाजपा के मजबूत चुनाव के चलते कांग्रेस गठबंधन मुस्लिम मतदाताओं का एकमुश्त मत हासिल कर जीतने में कामयाब हुई। 
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