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भीम आर्मी करेगी भाजपा का खात्मा : चंद्रशेखर
Mon, 14 Jan 2019 12:07 AM IST
Prag Gupta
ब्यूरो, सहारनपुर
ब्यूरो, सहारनपुर
Published by: Prag Gupta
Updated Mon, 14 Jan 2019 12:07 AM IST
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सहारनपुर में सभा को संबोधित करते चंद्रशेखर आजाद।
- फोटो : अमर उजाला
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सहारनपुर में भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि भीम आर्मी ही भाजपा का खात्मा करने का काम करेगी। 2019 के लोकसभा चुनाव में गठबंधन को समर्थन कर भाजपा की राजनीतिक नसबंदी करने का काम करेंगे। बहुजन समाज के हाथ में ही इस बार सत्ता होगी और लाल किले पर नीला झंडा लहराएगा।
उन्हें नेता बनने की कोई चाहत नहीं है और न ही वह किसी पार्टी से टिकट चाहते हैं, लेकिन तीन माह में केंद्र की सरकार और तीन साल में प्रदेश की भाजपा से सत्ता वापस ले ली जाएगी। रविवार को भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने देहरादून रोड स्थित संत रविदास छात्रावास के मैदान में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में कहा कि 1993 में वैचारिक गठबंधन हुआ था, लेकिन इस बार समाज की जरूरत है।
अनुसूचित जाति- जनजाति, अल्पसंख्यक विरोधी भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए ही गठबंधन को समर्थन करेंगे। उन्हें कोई पार्टी टिकट भी दे तो भी वह राजनीति में नहीं आना चाहते हैं, लेकिन भाजपा को उखाड़ने के लिए गठबंधन को समर्थन करेंगे। 2019 का चुनाव संविधान विरोधी और संविधान समर्थकों के बीच है।
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कमंडल को सिर्फ मंडल से ही रोका जा सकता है। अब यह गठबंधन बन गया है तो दिलों का गठबंधन बने। जिस दिन सत्ता बहुजन लोगों के हाथ में आ जाएगी, गरीबों को पांच-पांच बीघा जमीन के पट्टे दिलवाए जाएंगे। चंद्रशेखर ने कहा कि संविधान को चाहने वालों को सरकार कुचलना चाहती है, लेकिन डायरी हमने भी बना ली है।
उन्हें एक-एक गाली, एक एक लाठी याद है। जिस दिन सत्ता हमारे हाथ आएगी तो जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भीम आर्मी के युवा भारत बंद करना भी जानते हैं और भारत चलाना भी जानते हैं। उन्होंने कहा कि 85 प्रतिशत लोगों पर 15 प्रतिशत लोग राज कर रहे हैं, अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने सवर्णों को आरक्षण दिए जाने को भी गलत बताया। कहा मात्र दो दिन में ही आरक्षण दे दिया, जबकि ओबीसी (जाट-गुर्जरों) को लंबा आंदोलन करना पड़ा था। मुख्यमंत्री का नाम लिए बगैर चंद्रशेखर ने कहा कि प्रदेश के मुखिया ट्वीट कर कहते हैं कि उनके दो साल के शासन में कोई भी दंगा नहीं हुआ, जबकि उन पर ही दंगे समेत 23 मुकदमे दर्ज हैं।
... तो बुआ नाराज हो जाएंगी
भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर ने कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ना चाहते, परंतु गठबंधन को समर्थन करेंगे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को समर्थन दिए जाने के सवाल पर कहा कि वह बुआ का नाम नहीं लेना चाहते, बुआ नाराज हो जाएंगी।
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उन्हें नेता बनने की कोई चाहत नहीं है और न ही वह किसी पार्टी से टिकट चाहते हैं, लेकिन तीन माह में केंद्र की सरकार और तीन साल में प्रदेश की भाजपा से सत्ता वापस ले ली जाएगी। रविवार को भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने देहरादून रोड स्थित संत रविदास छात्रावास के मैदान में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में कहा कि 1993 में वैचारिक गठबंधन हुआ था, लेकिन इस बार समाज की जरूरत है।
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अनुसूचित जाति- जनजाति, अल्पसंख्यक विरोधी भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए ही गठबंधन को समर्थन करेंगे। उन्हें कोई पार्टी टिकट भी दे तो भी वह राजनीति में नहीं आना चाहते हैं, लेकिन भाजपा को उखाड़ने के लिए गठबंधन को समर्थन करेंगे। 2019 का चुनाव संविधान विरोधी और संविधान समर्थकों के बीच है।
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कमंडल को सिर्फ मंडल से ही रोका जा सकता है। अब यह गठबंधन बन गया है तो दिलों का गठबंधन बने। जिस दिन सत्ता बहुजन लोगों के हाथ में आ जाएगी, गरीबों को पांच-पांच बीघा जमीन के पट्टे दिलवाए जाएंगे। चंद्रशेखर ने कहा कि संविधान को चाहने वालों को सरकार कुचलना चाहती है, लेकिन डायरी हमने भी बना ली है।
उन्हें एक-एक गाली, एक एक लाठी याद है। जिस दिन सत्ता हमारे हाथ आएगी तो जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भीम आर्मी के युवा भारत बंद करना भी जानते हैं और भारत चलाना भी जानते हैं। उन्होंने कहा कि 85 प्रतिशत लोगों पर 15 प्रतिशत लोग राज कर रहे हैं, अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने सवर्णों को आरक्षण दिए जाने को भी गलत बताया। कहा मात्र दो दिन में ही आरक्षण दे दिया, जबकि ओबीसी (जाट-गुर्जरों) को लंबा आंदोलन करना पड़ा था। मुख्यमंत्री का नाम लिए बगैर चंद्रशेखर ने कहा कि प्रदेश के मुखिया ट्वीट कर कहते हैं कि उनके दो साल के शासन में कोई भी दंगा नहीं हुआ, जबकि उन पर ही दंगे समेत 23 मुकदमे दर्ज हैं।
... तो बुआ नाराज हो जाएंगी
भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर ने कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ना चाहते, परंतु गठबंधन को समर्थन करेंगे। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को समर्थन दिए जाने के सवाल पर कहा कि वह बुआ का नाम नहीं लेना चाहते, बुआ नाराज हो जाएंगी।