{"_id":"61896886453779080d484074","slug":"banks-arbitrariness-in-accepting-applications-for-setting-up-industries-saharanpur-news-mrt5639199115","type":"story","status":"publish","title_hn":"उद्योग लगाने के आवेदन स्वीकृत करने में बैंकों की मनमानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उद्योग लगाने के आवेदन स्वीकृत करने में बैंकों की मनमानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर। युवाओं को स्वरोजगार दिलाने के लिए शुरू की गई उद्योग विभाग की योजनाओं में बैंक कम रुचि दिखा रहे हैं। आलम यह है कि ओडीओपी (एक जनपद एक उत्पाद) के तहत उद्योग स्थापित करने के लिए 87 आवेदन आए। इनमें से सिर्फ 21 स्वीकृत हुए और ऋण सिर्फ 14 को ही मिला। इसके चलते उद्योग विभाग द्वारा स्वीकृत प्रोजेक्ट धरातल पर कम उतर रहे हैं।
बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार शुरू कराने के लिए उद्योग विभाग में आवेदन तो खूब हो रहे हैं। उद्योग विभाग एक जनपद एक उत्पाद, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना सहित अन्य कई योजनाएं चलाता है। सरकार की मंशा इन योजनाओं के माध्यम से न सिर्फ युवाओं को रोजगार देना है, बल्कि उन्हें इस काबिल भी बनाना है कि वे दूसरों को रोजगार दे सकें। एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत 100 उद्योग स्थापित कराने का लक्ष्य था। अब तक विभाग ने 87 प्रोजेक्ट बैंकों को प्रेषित किए हैं। इनमें से बैंकों ने 21 को ही स्वीकृति और सिर्फ 14 को ही ऋण दिया। यही स्थिति प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना आदि की भी हैं।
ऋण देने में कम रुचि दिखा रहे बैंक
ओडीओपी, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत स्वीकृत प्रोजेक्ट को वित्त पोषण करने में कम रुचि दिखा रहे हैं। इससे विभागीय योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। जल्द ही इसकी समीक्षा कराई जाएगी। - सिद्घार्थ यादव, उपायुक्त उद्योग।
विज्ञापन
उद्योग विभाग की योजनाओं की स्थिति
योजना का नाम - बैंकों को प्रेषित - बैंकों की स्वीकृति - ऋण वितरण
ओडीओपी - 87 - 21 - 14
पीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम - 205 - 61 - 52
सीएम युवा स्वरोजगार योजना - 139 - 23 - 17
नोट: उद्योग विभाग के आठ नवंबर के आंकड़ों के अनुसार।
विज्ञापन
बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार शुरू कराने के लिए उद्योग विभाग में आवेदन तो खूब हो रहे हैं। उद्योग विभाग एक जनपद एक उत्पाद, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और मुख्यमंत्री युवा रोजगार योजना सहित अन्य कई योजनाएं चलाता है। सरकार की मंशा इन योजनाओं के माध्यम से न सिर्फ युवाओं को रोजगार देना है, बल्कि उन्हें इस काबिल भी बनाना है कि वे दूसरों को रोजगार दे सकें। एक जनपद एक उत्पाद योजना के तहत 100 उद्योग स्थापित कराने का लक्ष्य था। अब तक विभाग ने 87 प्रोजेक्ट बैंकों को प्रेषित किए हैं। इनमें से बैंकों ने 21 को ही स्वीकृति और सिर्फ 14 को ही ऋण दिया। यही स्थिति प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना आदि की भी हैं।
विज्ञापन
ऋण देने में कम रुचि दिखा रहे बैंक
ओडीओपी, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत स्वीकृत प्रोजेक्ट को वित्त पोषण करने में कम रुचि दिखा रहे हैं। इससे विभागीय योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। जल्द ही इसकी समीक्षा कराई जाएगी। - सिद्घार्थ यादव, उपायुक्त उद्योग।
विज्ञापन
उद्योग विभाग की योजनाओं की स्थिति
योजना का नाम - बैंकों को प्रेषित - बैंकों की स्वीकृति - ऋण वितरण
ओडीओपी - 87 - 21 - 14
पीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम - 205 - 61 - 52
सीएम युवा स्वरोजगार योजना - 139 - 23 - 17
नोट: उद्योग विभाग के आठ नवंबर के आंकड़ों के अनुसार।