{"_id":"62449889e399020c2f0c4cb5","slug":"bal-mitra-police-station-will-be-opened-in-the-district-too-saharanpur-news-mrt5824989101","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनपद में भी खोला जाएगा बाल मित्र थाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनपद में भी खोला जाएगा बाल मित्र थाना
विज्ञापन
सहारनपुर। महिला और साइबर थाने की तरह ही जिले में अब बाल मित्र थाना भी स्थापित होगा। इस थाने में पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में तैनात होंगे। आपराधिक प्रवृत्ति वाले बच्चों से नम्रतापूर्वक ही व्यवहार किया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों को हथकड़ी नहीं लगाई जाएगी और उनके जीवन में सुधार लाया जाएगा।
उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (यूपीएससीपीसीआर) ने बाल मित्र थाना खोलने के निर्देश जारी किए हैं। जिले में भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जब नाबालिगों ने अपराध की घटना को अंजाम दिया है। इसके साथ ही बच्चों के साथ भी आए दिन आपराधिक घटनाएं सामने आती रहती हैं। इन घटनाओं को रोकने और ऐसे बच्चों के जीवन को सुधारने की कवायद होगी।
ऐसा होगा थाना, सादे कपड़ों में इतने पुलिसकर्मी होंगे तैनात
बाल मित्र थाने में एक इंस्पेक्टर, छह से सात उपनिरीक्षक, इनमें महिला उपनिरीक्षक भी शामिल होंगी। से अधिक महिला और पुरुष कांस्टेबल भी तैनात किए जाएंगे। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में रहेंगे। आपराधिक प्रवृत्ति के बच्चों को उनको डराने के बजाए अपराध से दूर रखने की कवायद होगी। थाने में ऐसे बच्चों की काउंसलिंग की भी व्यवस्था की जाएगी। छोटे बच्चों के लिए खिलौने और पढ़ने के लिए किताबों का भी इंतजाम होगा। इसके साथ ही बाल कल्याण समिति का दफ्तर भी यहीं पर बनेगा।
विज्ञापन
13 बच्चे भेज चुके हैं नोएडा, हुईं 48 घटनाएं
जिले में बच्चों के एक वर्ष में 48 घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा ऐसी भी वारदातें हुईं, जब बच्चों ने ही कानून को हाथ में लिया। इसके तहत राजकीय संप्रेक्षण गृह नोएडा में भेजे गए हैं। महिला कल्याण सहारनपुर मंडल के उपनिदेशक पुष्पेंद्र और जिला प्रोबेशन अधिकारी मीनू सिंह ने बताया कि पॉक्सो एक्ट के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं।
प्रमुख वारदात
-- मोबाइल फोन न देने पर किशोर ने भाई की हत्या कर दी थी।
-- पुरानी मंडी में किशोर ने बच्ची के साथ दुराचार किया था।
-- देवबंद में किशोरों के बीच मारपीट हुई थी, जिसमें चार बच्चे घायल हुए थे।
-- खानआलमपुरा में नाबालिग लड़की के साथ किशोर ने दुराचार किया था।
बाल मित्र थाने खोले जाने का शासनादेश जारी होने का पता लगा है। अभी लिखित रूप से आदेश नहीं आया है। शासन के निर्देशानुसार ही थाना बनाया जाएगा।---------आकाश तोमर, एसएसपी
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (यूपीएससीपीसीआर) ने बाल मित्र थाना खोलने के निर्देश जारी किए हैं। जिले में भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जब नाबालिगों ने अपराध की घटना को अंजाम दिया है। इसके साथ ही बच्चों के साथ भी आए दिन आपराधिक घटनाएं सामने आती रहती हैं। इन घटनाओं को रोकने और ऐसे बच्चों के जीवन को सुधारने की कवायद होगी।
विज्ञापन
ऐसा होगा थाना, सादे कपड़ों में इतने पुलिसकर्मी होंगे तैनात
बाल मित्र थाने में एक इंस्पेक्टर, छह से सात उपनिरीक्षक, इनमें महिला उपनिरीक्षक भी शामिल होंगी। से अधिक महिला और पुरुष कांस्टेबल भी तैनात किए जाएंगे। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में रहेंगे। आपराधिक प्रवृत्ति के बच्चों को उनको डराने के बजाए अपराध से दूर रखने की कवायद होगी। थाने में ऐसे बच्चों की काउंसलिंग की भी व्यवस्था की जाएगी। छोटे बच्चों के लिए खिलौने और पढ़ने के लिए किताबों का भी इंतजाम होगा। इसके साथ ही बाल कल्याण समिति का दफ्तर भी यहीं पर बनेगा।
विज्ञापन
13 बच्चे भेज चुके हैं नोएडा, हुईं 48 घटनाएं
जिले में बच्चों के एक वर्ष में 48 घटनाएं हुई हैं। इसके अलावा ऐसी भी वारदातें हुईं, जब बच्चों ने ही कानून को हाथ में लिया। इसके तहत राजकीय संप्रेक्षण गृह नोएडा में भेजे गए हैं। महिला कल्याण सहारनपुर मंडल के उपनिदेशक पुष्पेंद्र और जिला प्रोबेशन अधिकारी मीनू सिंह ने बताया कि पॉक्सो एक्ट के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं।
प्रमुख वारदात
-- मोबाइल फोन न देने पर किशोर ने भाई की हत्या कर दी थी।
-- पुरानी मंडी में किशोर ने बच्ची के साथ दुराचार किया था।
-- देवबंद में किशोरों के बीच मारपीट हुई थी, जिसमें चार बच्चे घायल हुए थे।
-- खानआलमपुरा में नाबालिग लड़की के साथ किशोर ने दुराचार किया था।
बाल मित्र थाने खोले जाने का शासनादेश जारी होने का पता लगा है। अभी लिखित रूप से आदेश नहीं आया है। शासन के निर्देशानुसार ही थाना बनाया जाएगा।---------आकाश तोमर, एसएसपी