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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Backward work of Center of Excellence for Fruit and Vegetable

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फार फ्रूट एंड वेजिटेबल का कार्य पिछड़ा

Fri, 12 Nov 2021 11:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Nov 2021 11:30 PM IST
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Backward work of Center of Excellence for Fruit and Vegetable
सहारनपुर। समय से बजट नहीं मिलने के कारण सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्रूट एंड वेजिटेबल का कार्य पिछड़ गया है। करीब 11 करोड़ रुपये की लागत वाले सेंटर के लिए 6.72 करोड़ रुपये पहली किस्त मिली, जबकि शुक्रवार को ही दो करोड़ रुपये की और स्वीकृति मिली।
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किसानों को सब्जियों की उन्नतशील एवं उच्च गुणवत्ता वाली पौध उपलब्ध कराने के लिए कंपनी बाग में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फार फ्रूट एंड वेजिटेबल बनाया जा रहा है। इस सेंटर के बनने से किसानों को सब्जियों की उच्च गुणवत्ता युक्त और अगेती पौध के साथ ही फलों के पौधे भी उपलब्ध कराए जाएंगे। जिससेे सब्जियों की अगेती खेती कर किसान बाजार से अच्छा भाव प्राप्त कर सकेंगे। जुलाई 2018 में स्वीकृत हुए इस प्रोजेक्ट को दो वर्ष में पूरा होना था, लेकिन अभी तक महिला कृषक छात्रावास, वाटर टैंक, बिक्री केंद्र, बाउंड्रीवाल, सडक और अंडरग्राउंड सिंचाई प्रणाली आदि का निर्माण ही हुआ है।
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सेंटर में यह निर्माण होने बाकी
एक्सीलेंस सेंटर में नियंत्रित तापमान वाली 1152 वर्ग मीटर में हाईटेक नर्सरी, 2016 वर्ग मीटर का पॉली हाउस, 2080 वर्ग मीटर का शेडनेट हाउस और 2080 वर्ग मीटर में कीट अवरोधी नेट हाउस बनाया जाना बाकी है।
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कोकोपिट में तैयार होगी पौध
सेंटर में बिना मिट्टी के सब्जियों की पौध तैयार की जाएगी। जिससे पौध उच्च गुणवत्ता वाली और रोग रहित हो। इसके लिए कोकोपिट, वर्मी कुलाइट और परलाइट का मिश्रण तैयार किया जाएगा। फलों के पौधों को भी पॉली बैग में तैयार किया जाएगा।
अगेती सब्जियों से बढे़गा किसानों का मुनाफा
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में किसानों के लिए सब्जियों की अगेती पौध तैयार की जाएगी। इससे किसान अगेती सब्जियों को बाजार में बेचकर अधिक मुनाफा कमा सकेंगे। सेंटर में गोभी, टमाटर, बैंगन, मिर्च, शिमला मिर्च, लौकी, कद्दू, करेला, खीरा आदि की पौध तैयार होगी। फलों में पपीता, आम, लीची और अमरूद आदि की पौध तैयार कर किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी।

कोरोना संक्रमण के प्रकोप ने निर्माण कार्य की गति को रोक दिया था। बजट का अभाव भी रहा है। 11.5 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में पहली किस्त वर्ष 2020-21 में 6.72 करोड़ रुपये की प्राप्त हुई थी। शुक्रवार (आज) ही दो करोड़ रुपये की ओर स्वीकृति प्राप्त हुई है। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा करा दिया जाएगा। -- डॉक्टर सुरेश कुमार, नोडल अधिकारी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर फ्रूट एंड वेजिटेबल।
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