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योगी सरकार का तो डर, मगर नहीं हो रहा अभियान का असर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Apr 2017 12:22 AM IST
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सहारनपुर में अंबाला रोड पर फिर से होने लगा अतिक्रमण।
- फोटो : सहारनपुर में अंबाला रोड पर फिर से होने लगा अतिक्रमण।
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सहारनपुर। सूबे में बदले निजाम के बाद से अधिकारी हरकत में आते नजर आ रहे हैं। मगर हकीकत यह है कि प्रशासन के कई काम केवल दिखावा ही साबित हो रहे हैं, जिनका असर पूरी तरह बेअसर है। इन दिनों शहर में चल रहा अतिक्रमण हटाओ अभियान इसका बेहतर उदाहरण है।
अतिक्रमण शहर की बड़ी समस्या है। पिछले करीब चार साल में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। मगर प्रदेश में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासन को अतिक्रमण याद आया। कमिश्नर एमपी अग्रवाल और उनके बाद डीएम शफकत कमाल ने अधिकारियों के साथ बैठक कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट की देखरेख में शहर में दो दिन यानी 30 मार्च और एक अप्रैल को अभियान चलाया गया।
पहले दिन घंटाघर से जनकपुरी चौक और चौधरी चरण सिंह चौक से अतिक्रमण हटाया गया, मगर अगले ही दिन फिर से दुकानें सड़कों पर सजी मिलीं। एक अप्रैल को प्रशासन ने घंटाघर से ईदगाह तक यानी अंबाला रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। हालांकि कई लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को छोड़ दिया गया, जबकि गरीबों का सामान जब्त कर लिया गया।
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जैसे ही टीम अभियान चलाकर लौटी उसके चंद घंटों बाद फिर से अतिक्रमण सड़कों पर आ गया। रविवार को अंबाला रोड पूरी तरह फिर से अतिक्रमण की जद में नजर आया। हैरत की बात यह है कि प्रशासन ने जिन भी मार्गों से अतिक्रमण हटाया है दोबारा उधर जाकर देखा तक नहीं है। यही वजह है कि अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं।
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अतिक्रमण शहर की बड़ी समस्या है। पिछले करीब चार साल में प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। मगर प्रदेश में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासन को अतिक्रमण याद आया। कमिश्नर एमपी अग्रवाल और उनके बाद डीएम शफकत कमाल ने अधिकारियों के साथ बैठक कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट की देखरेख में शहर में दो दिन यानी 30 मार्च और एक अप्रैल को अभियान चलाया गया।
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पहले दिन घंटाघर से जनकपुरी चौक और चौधरी चरण सिंह चौक से अतिक्रमण हटाया गया, मगर अगले ही दिन फिर से दुकानें सड़कों पर सजी मिलीं। एक अप्रैल को प्रशासन ने घंटाघर से ईदगाह तक यानी अंबाला रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। हालांकि कई लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को छोड़ दिया गया, जबकि गरीबों का सामान जब्त कर लिया गया।
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जैसे ही टीम अभियान चलाकर लौटी उसके चंद घंटों बाद फिर से अतिक्रमण सड़कों पर आ गया। रविवार को अंबाला रोड पूरी तरह फिर से अतिक्रमण की जद में नजर आया। हैरत की बात यह है कि प्रशासन ने जिन भी मार्गों से अतिक्रमण हटाया है दोबारा उधर जाकर देखा तक नहीं है। यही वजह है कि अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं।