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अवैध खनन का आकलन किया

Fri, 16 Jun 2017 01:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Fri, 16 Jun 2017 01:19 AM IST
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अवैध खनन की जांच में जुटी सीबीआई की टीम ने चौथे दिन बृहस्पतिवार को बेहट के खनन क्षेत्र में पहुंचकर अवैध खनन का आकलन किया। सुबह करीब 10 बजे पहुंची सीबीआई की टीम ने कई घंटे तक मौका मुआयना कर रिकार्ड से मौके का सत्यापन किया।
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पट्टे और उसके आसपास के क्षेत्र के साथ ही यमुना पर भी अवैध खनन का आंकलन किया गया। इस दौरान अवैध खनन से बंजर हो चुकी जमीन और पट्टों के फोटोग्राफ भी लिए गए। सीबीआई ने जांच की कि पट्टे पर हुए खनन और आसपास हुए अवैध खनन को ले जाने का रुट अलग-अलग था या एक। इसके अलावा अन्य बारीकियों पर अफसरों ने मौके से तथ्यों जुटाएं।
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दरअसल, न्यायालय के आदेश पर अवैध खनन की जांच के लिए पहुंची सीबीआई की टीम पहली बार खनन क्षेत्र में पहुंची। सबसे पहले यमुना किनारे पहुंची टीम ने अवैध खनन के आंकलन के लिए नपाई भी कराई।
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इस दौरान सबसे महत्वपूर्ण इस बात की जांच की गई कि पट्टों पर हुए खनन और अवैध खनन का परिवहन एक ही रुट पर किया गया है या अलग-अलग। इसके बाद स्टोन क्रशर और अन्य पहलुओं पर का भौतिक सत्यापन किया गया। इससे पहले अवैध खनन पर अफसरों की भूमिका तय करने के लिए रिकार्ड खंगाल रही सीबीआई की टीम ने नजरअंदाज की गई अवैध खनन की शिकायतों के आधार पर भी मौके का सत्यापन किया।

इससे पहले सीबीआई की टीम ने बुधवार को पट्टाधारकों और स्टोन क्रशर संचालकों से लंबी पूछताछ की थी। इसमें खनन पट्टाधारक एमएलसी महमूद अली सहित 13 लोगों से लंबी पूछताछ में कई पहलुओं को चिन्हित करने की कोशिश की गई थी। इसमें जारी किए गए पट्टों की अवधि, कराए गए खनन, अवैध खनन पर शिकायत सहित कई सवालों के जवाब मांगे गए। इसके अलावा पांच स्टोन क्रशर संचालकों को बुलाकर उनका पक्ष जाना गया।

प्रशासन की ओर से चिन्हित किए गए 437 नोटिस और शिकायतों को आधार मानकर सीबीआई अपनी जांच आगे बढ़ा रही है। इससे पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और सुप्रीम कोर्ट की टीम भी अवैध खनन की जांच कर चुकी है। इसमें बड़े पैमाने पर अवैध खनन की शिकायत को सही पाया गया था। बावजूद इसके अफसरों ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। ऐसे में 2012 से लेकर 2017 तक के जिलाधिकारियों को भी जांच के दायरे में रखा जा सकता है। इसके अलावा सहारनपुर से निलंबित हुए खनन अधिकारी से पूछताछ की जाएगी।            


अवैध खनन वालों को जारी होंगे नोटिस
प्रशासन की ओर से चिन्हित 437 मामलों में प्रशासन अब नोटिस भेजने की कार्रवाई शुरू कर रहा है। इसमें नोटिस से संतुष्ट नहीं होने पर प्रशासन आरसी जारी करेगा। इसमें कई करोड़ रुपये की वसूली की संभावना है।
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