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एक सरकारी स्कूल इंग्लिश मीडियम जैसा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Tue, 07 Mar 2017 12:15 AM IST
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छात्रा से लिखवाते बीएसए।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अभिनव प्रयोग के अंतर्गत सोमवार को सढ़ौली कदीम ब्लॉक के विद्यालयों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में विद्यालयों का रंग रूप देखकर अधिकारियों की टीम आश्चर्यजनक रह गई।
विद्यालयों को सीबीएसई की तर्ज पर आकर्षक रंग देकर सजाया गया है। हालांकि शैक्षिक गुणवत्ता में कमी मिलने के कारण शिक्षकों को सुधारने के निर्देश दिए गए।
अभिनव प्रयोग के अंतर्गत बेसिक शिक्षा अधिकारी बुद्घप्रिय सिंह की टीम सोमवार को सढ़ौली कदीम ब्लॉक पहुंची। टीम के सदस्यों ने पहले प्राथमिक विद्यालय मीरपुर गंदेवड़ का निरीक्षण किया।
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यहां विद्यालय को आकर्षक रंग देकर सजाया गया था। रंगाई पुताई से लेकर फर्नीचर, पानी, शौचालय आदि की व्यवस्थाओं को पूरी तरह दुरुस्थ किया गया था। अधिकारियों ने स्कूल स्टाफ के इस कदम की सराहना की।
तत्पश्चात विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता को परखा गया। कुछ विद्यार्थी बीएसए द्वारा पूछे गये प्रश्नों का सही उत्तर नहीं दे सके। ऐसे में शिक्षकों को सुधार के निर्देश दिये गए।
अधिकारियों की टीम यहां के बाद उच्च प्राथमिक विद्यालय कासमपुर खास पहुंची। यहां विद्यालय की स्थिति काफी संतोषजनक मिली। लेकिन शैक्षिक गुणवत्ता में कमी पायी गई। ऐसे में शिक्षकों को सुधार के निर्देश दिए।
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विद्यालयों को सीबीएसई की तर्ज पर आकर्षक रंग देकर सजाया गया है। हालांकि शैक्षिक गुणवत्ता में कमी मिलने के कारण शिक्षकों को सुधारने के निर्देश दिए गए।
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अभिनव प्रयोग के अंतर्गत बेसिक शिक्षा अधिकारी बुद्घप्रिय सिंह की टीम सोमवार को सढ़ौली कदीम ब्लॉक पहुंची। टीम के सदस्यों ने पहले प्राथमिक विद्यालय मीरपुर गंदेवड़ का निरीक्षण किया।
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यहां विद्यालय को आकर्षक रंग देकर सजाया गया था। रंगाई पुताई से लेकर फर्नीचर, पानी, शौचालय आदि की व्यवस्थाओं को पूरी तरह दुरुस्थ किया गया था। अधिकारियों ने स्कूल स्टाफ के इस कदम की सराहना की।
तत्पश्चात विद्यालय की शैक्षिक गुणवत्ता को परखा गया। कुछ विद्यार्थी बीएसए द्वारा पूछे गये प्रश्नों का सही उत्तर नहीं दे सके। ऐसे में शिक्षकों को सुधार के निर्देश दिये गए।
अधिकारियों की टीम यहां के बाद उच्च प्राथमिक विद्यालय कासमपुर खास पहुंची। यहां विद्यालय की स्थिति काफी संतोषजनक मिली। लेकिन शैक्षिक गुणवत्ता में कमी पायी गई। ऐसे में शिक्षकों को सुधार के निर्देश दिए।