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मथुरा के कलाकार करेंगे श्री रामलीला का मंचन
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रामलीला भवन
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। प्राचीन श्री रामलीला कमेटी द्वारा रामलीला भवन में आयोजित होने वाली रामलीला में मथुरा के कलाकार मंचन करेंगे। इसके साथ ही प्रभु श्रीराम का भव्य मंढ़ा आयोजित किया जाएगा। 150 वर्ष पुरानी इस रामलीला में सात्विक भाव के साथ नियमों के अनुसार लीला होगी।
प्राचीन रामलीला कमेटी रामलीला भवन वर्षों भारतीय संस्कृति के अनुसार लीला का मंचन करती आ रही है। अत्याधुनिक दौर में लीला का स्वरूप नहीं बदला गया। इस बार रामलीला बृहस्पतिवार से शुरू होगी। रामलीला भवन से अलग-अलग दिनों में प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, मां सीता सहित रावण की हाथी पर सवारी बैंडबाजों संग निकाली जाएगी। इसके साथ ही सीता स्वयंवर के अवसर पर श्रीराम भगवान का शहनाइयों के साथ मंढ़ा आयोजित किया जाएगा, जिसका भोज भी दिया जाएगा। इसमें मथुरा और वृंदावन के कलाकार ही मंचन करेंगे।
धोती-कुर्ता में ही प्रभु कक्ष में जा सकेंगे लोग
रामलीला भवन में बने प्रभु श्रीराम के कक्ष में बिना-धोती कुर्ता पहने कोई भी पदाधिकारी या आम नागरिक नहीं जा पाएगा। यहां पर मंचन के लिए महिला कलाकारों को नहीं बुलाया जाता है। प्रभु के कक्ष में महिलाओं के जाने पर रोक रहेगी।
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-- यह होंगे मुख्य आयोजन
-- भगवान शंकर की बरात
-- लंकापति रावण की सवारी
-- बैंडबाजों संग निकलेगी प्रभु श्रीराम की बरात
-- रोजाना निकलेगी श्रीराम-लक्ष्मण की हाथी सवारी
हमारे यहां नियमों और भारतीय संस्कृति के अनुसार लीला का मंचन वर्षों से कराया जा रहा है। महिला कलाकारों को नहीं बुलाया जाता है। मथुरा व वृंदावन के पुुरुष कलाकार ही मंचन करेंगे। --- माई दयाल मित्तल, मंत्री प्राचीन श्री रामलीला कमेटी
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प्राचीन रामलीला कमेटी रामलीला भवन वर्षों भारतीय संस्कृति के अनुसार लीला का मंचन करती आ रही है। अत्याधुनिक दौर में लीला का स्वरूप नहीं बदला गया। इस बार रामलीला बृहस्पतिवार से शुरू होगी। रामलीला भवन से अलग-अलग दिनों में प्रभु श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, मां सीता सहित रावण की हाथी पर सवारी बैंडबाजों संग निकाली जाएगी। इसके साथ ही सीता स्वयंवर के अवसर पर श्रीराम भगवान का शहनाइयों के साथ मंढ़ा आयोजित किया जाएगा, जिसका भोज भी दिया जाएगा। इसमें मथुरा और वृंदावन के कलाकार ही मंचन करेंगे।
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धोती-कुर्ता में ही प्रभु कक्ष में जा सकेंगे लोग
रामलीला भवन में बने प्रभु श्रीराम के कक्ष में बिना-धोती कुर्ता पहने कोई भी पदाधिकारी या आम नागरिक नहीं जा पाएगा। यहां पर मंचन के लिए महिला कलाकारों को नहीं बुलाया जाता है। प्रभु के कक्ष में महिलाओं के जाने पर रोक रहेगी।
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-- यह होंगे मुख्य आयोजन
-- भगवान शंकर की बरात
-- लंकापति रावण की सवारी
-- बैंडबाजों संग निकलेगी प्रभु श्रीराम की बरात
-- रोजाना निकलेगी श्रीराम-लक्ष्मण की हाथी सवारी
हमारे यहां नियमों और भारतीय संस्कृति के अनुसार लीला का मंचन वर्षों से कराया जा रहा है। महिला कलाकारों को नहीं बुलाया जाता है। मथुरा व वृंदावन के पुुरुष कलाकार ही मंचन करेंगे। --- माई दयाल मित्तल, मंत्री प्राचीन श्री रामलीला कमेटी