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Saharanpur News: आयकर टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने के फैसले को सराहा
Thu, 02 Feb 2023 09:32 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 02 Feb 2023 09:32 AM IST
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सहारनपुर। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2023-24 का बजट पेश कर दिया है। इस बजट को रेलवे कर्मचारियों ने मिला-जुला बताया है। उन्होंने आयकर टैक्स छूट की सीमा को पांच लाख से बढ़ाकर सात लाख रुपये करने के फैसले की सराहना की तो वहीं पुरानी पेंशन योजना की घोषणा न होने से रोष भी है।
रेलवे पेंशनर्स समाज संस्थापक रमेश चंद शर्मा का कहना है कि वेतन भोगी कर्मियों एवं पेंशन धारकों को आयकर छूट की सीमा पांच लाख से बढ़ाकर सात लाख रुपये करना स्वागत योग्य है। लेकिन, इस बार के बजट में वरिष्ठ नागरिकों एवं विशिष्ट वरिष्ठ नागरिकों को किसी प्रकार की अलग से सुविधा नहीं दी गई है, यह निराशाजनक है। नॉदर्न रेलवे मेन्स यूनियन के पूर्व सचिव अवतार सिंह ने कहा कि आयकर छूट की सीमा बढ़ाए जाने से कर्मचारियों को राहत मिली है, लेकिन कर्मचारियों की अभी कई मांगें लंबित हैं। उस पर भी सरकार को जल्द से जल्द कदम उठाना चाहिए, साथ ही 2004 के बाद हुए भर्ती कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना के विषय में कोई घोषणा नहीं की गई। इससे कर्मचारियों में रोष है।
नॉर्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन सचिव सुल्तान अहमद ने बताया कि बजट में सरकार द्वारा एनपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना को लागू करना चाहिए था, लेकिन उस पर कोई घोषणा नहीं की गई। न्यूनतम बेसिक को नहीं बढ़ाया गया। एनआरएमयू खानआलमपुरा यार्ड के शाखा सचिव लखपत सिंह ने कहा कि बजट में सरकार ने जहां सात लाख की छूट दी है, उससे निचले वर्ग के कर्मचारियों को फायदा हुआ है। इस बजट में रेलवे में निजीकरण को बढ़ावा मिला है। पुराने प्रोजेक्ट अभी लंबित पड़े हैं। महंगाई को देखते हुए कर्मचारियों की बेसिक को बढ़ाना चाहिए था।
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लोको पायलट अरविंद अटवाल का कहना है कि सात लाख की टैक्स छूट से कर्मचारी खुश हैं, लेकिन, पुरानी पेंशन योजना को लेकर निराश भी हुए हैं।
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रेलवे पेंशनर्स समाज संस्थापक रमेश चंद शर्मा का कहना है कि वेतन भोगी कर्मियों एवं पेंशन धारकों को आयकर छूट की सीमा पांच लाख से बढ़ाकर सात लाख रुपये करना स्वागत योग्य है। लेकिन, इस बार के बजट में वरिष्ठ नागरिकों एवं विशिष्ट वरिष्ठ नागरिकों को किसी प्रकार की अलग से सुविधा नहीं दी गई है, यह निराशाजनक है। नॉदर्न रेलवे मेन्स यूनियन के पूर्व सचिव अवतार सिंह ने कहा कि आयकर छूट की सीमा बढ़ाए जाने से कर्मचारियों को राहत मिली है, लेकिन कर्मचारियों की अभी कई मांगें लंबित हैं। उस पर भी सरकार को जल्द से जल्द कदम उठाना चाहिए, साथ ही 2004 के बाद हुए भर्ती कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना के विषय में कोई घोषणा नहीं की गई। इससे कर्मचारियों में रोष है।
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नॉर्दर्न रेलवे मेन्स यूनियन सचिव सुल्तान अहमद ने बताया कि बजट में सरकार द्वारा एनपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना को लागू करना चाहिए था, लेकिन उस पर कोई घोषणा नहीं की गई। न्यूनतम बेसिक को नहीं बढ़ाया गया। एनआरएमयू खानआलमपुरा यार्ड के शाखा सचिव लखपत सिंह ने कहा कि बजट में सरकार ने जहां सात लाख की छूट दी है, उससे निचले वर्ग के कर्मचारियों को फायदा हुआ है। इस बजट में रेलवे में निजीकरण को बढ़ावा मिला है। पुराने प्रोजेक्ट अभी लंबित पड़े हैं। महंगाई को देखते हुए कर्मचारियों की बेसिक को बढ़ाना चाहिए था।
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लोको पायलट अरविंद अटवाल का कहना है कि सात लाख की टैक्स छूट से कर्मचारी खुश हैं, लेकिन, पुरानी पेंशन योजना को लेकर निराश भी हुए हैं।