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बारिश के बाद बदहाल हो गई सड़कें, सफर हुआ दुश्वासर
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क्षतिग्रस्त पड़े तलहेड़ी शाहपुर मार्ग पर भरा बरसात का पानी
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। जिले में कई सड़कों का बुरा हाल है। बारिश के बाद सड़कों की परत उखड़ गई है और इनमें बने गड्ढों में गिर कर वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। जिन सड़कों पर निर्माण कार्य शुरू भी किए गए थे, वे भी अधर में लटके पड़े हैं। लोगों का कहना है कि वे बदहाल सड़कों की दशा सुधारने के लिए अफसरों और जन प्रतिनिधियों से गुहार लगा कर थक चुके हैं।
नानौता-गंगोह मार्ग टिकरौल तक है बदहाल
नानौता। नानौता से गंगोह जाने वाला सड़क मार्ग टिकरौल तक खस्ताहाल पड़ा है। इसमें जगह-जगह गड्ढे बने हैं। कई बार तो इन गड्ढों के कारण सवारी को लेकर जा रही ई-रिक्शा भी पलट जाती है जिससे सवारियां घायल हो जाती है। उक्त मार्ग पिछले काफी समय से क्षतिग्रस्त है। इस पर पूर्व में पीडब्ल्यूडी द्वारा गड्ढे भराई का कार्य कराया गया, लेकिन वह गड्ढे बारिश के बाद फिर ज्यो के त्यों बन गए हैं। गड्ढों के कारण क्षेत्र के गांव हिमामपुर, लंढोरा, बरसा, जानखेड़ी, नूरपुर आदि अनेक गांवों के ग्रामीणों और स्कूली छात्र-छात्राओं को दिक्कत होती है।
गड्ढों में तब्दील हुआ रामपुर मनिहारान बाईपास मार्ग
रामपुर मनिहारान। दो किमी लंबा रामपुर मनिहारान बाईपास रोड गड्ढों में तब्दील हो गया है। इससे इस पर सफर करने वालों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस बाईपास से गंगोह व नकुड़ के साथ ही गांव जानखेड़ा, सलेमपुर, सांचलू, कुंदनगढ़, मुकंदपुर, डकरावर, शेरपुर आदि दर्जन भर गांवों के लोग प्रतिदिन गुजरते हैं। इस पर बने गड्ढों में गिरकर बाइक सवार चोटिल हो रहे हैं। बारिश के बाद इनमें पानी भर जाता है। इससे परेशानी और बढ़ जाती है। यह पिछले छह माह से खराब पड़ा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद भी इसकी मरम्मत की सुध नहीं ली जा रही है।
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एक साल से अधर में लटका गंगोह-करनाल हाईवे का निर्माण
गंगोह। यूपी को हरियाणा से जोड़ने वाले गंगोह-करनाल हाईवे पर लखनौती से दौलतपुर पुल तक के मार्ग के चौडीकरण का पिछले वर्ष दिसंबर माह में सांसद प्रदीप चौधरी और विधायक कीरत सिह द्वारा शिलान्यास किया गया था। मार्ग को चौड़ा तो कर दिया गया, परंतु उस पर रोड़ी डालने के बाद सड़क निर्माण आज तक पूर्ण नहीं किया गया है। दोपहिया वाहन सवार अक्सर रोड़ी पर फिसलकर चोटिल हो जाते है। दिन भर सड़क पर धूल के गुबार उड़ते हैं। वाहनों के टायर पंचर होना तो आम बात है। गंगोह-गुड़छप्पर मार्ग का करीब 200 मीटर का टुकड़ा भी पिछले काफी समय से जर्जर हालत में है। इस सड़क पर स्थित चार विद्यालयों के पांच हजार से अधिक विद्यार्थी और कई गांवों के ग्रामीणों को कीचड़ भरी सड़क से होकर गुजरना पड़ता है।
दो साल से टूटा पड़ा पिलखनी-पटनी मार्ग
चिलकाना। गांव पटनी से पिलखनी तक तथा पटनी से डिंडोलीखेड़ा, कलसिया तक जाने वाली सड़क पिछले दो साल से टूटी है। इस सड़क में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हैं। इस कारण सड़क पर पैदल तथा वाहनों का चलना भी दूभर हो रहा है। हर समय दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। इसी तरह सुल्तानपुर से गुमटी जाने वाली निर्माणाधीन सड़क भी अधूरी पड़ी है। पांच किमी लंबी इस सड़क का निर्माण चार माह पहले शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक आधी सड़क भी पूरी नहीं हो पाई है। सड़क का निर्माण पूरा नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा। गांव पंचकुआ से टोडरपुर, भूखड़ी तथा आल्हणपुर जाने वाली सड़क की हालत भी बहुत अधिक खराब है।
बारिश से दयनीय हुई क्षतिग्रस्त सड़कों की हालत
देवबंद। तलहेड़ी-शाहपुर मार्ग गड्ढों में तब्दील है। लगातार हो रही बारिश से इस मार्ग पर चलना दूभर हो गया है। महज 500 मीटर सड़क टुकड़ा पिछले करीब डेढ़ साल से क्षतिग्रस्त है। तलहेड़ी बुजुर्ग के ग्रामीण मुकेश त्यागी, अशोक कुमार, मनोज कुमार, जैकी व अरुण शर्मा ने बताया कि जनप्रतिनिधि भी क्षतिग्रस्त पड़े इस मार्ग की कोई सुध नहीं ले रहे हैं। देवबंद-मकबरा मार्ग की हालत भी बदतर है। उत्तराखंड के झबरेड़ा तक जाने वाले इस मार्ग का तीन किमी का हिस्सा लंबे समय से गड्ढों में तब्दील पड़ा है।
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नानौता-गंगोह मार्ग टिकरौल तक है बदहाल
नानौता। नानौता से गंगोह जाने वाला सड़क मार्ग टिकरौल तक खस्ताहाल पड़ा है। इसमें जगह-जगह गड्ढे बने हैं। कई बार तो इन गड्ढों के कारण सवारी को लेकर जा रही ई-रिक्शा भी पलट जाती है जिससे सवारियां घायल हो जाती है। उक्त मार्ग पिछले काफी समय से क्षतिग्रस्त है। इस पर पूर्व में पीडब्ल्यूडी द्वारा गड्ढे भराई का कार्य कराया गया, लेकिन वह गड्ढे बारिश के बाद फिर ज्यो के त्यों बन गए हैं। गड्ढों के कारण क्षेत्र के गांव हिमामपुर, लंढोरा, बरसा, जानखेड़ी, नूरपुर आदि अनेक गांवों के ग्रामीणों और स्कूली छात्र-छात्राओं को दिक्कत होती है।
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गड्ढों में तब्दील हुआ रामपुर मनिहारान बाईपास मार्ग
रामपुर मनिहारान। दो किमी लंबा रामपुर मनिहारान बाईपास रोड गड्ढों में तब्दील हो गया है। इससे इस पर सफर करने वालों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस बाईपास से गंगोह व नकुड़ के साथ ही गांव जानखेड़ा, सलेमपुर, सांचलू, कुंदनगढ़, मुकंदपुर, डकरावर, शेरपुर आदि दर्जन भर गांवों के लोग प्रतिदिन गुजरते हैं। इस पर बने गड्ढों में गिरकर बाइक सवार चोटिल हो रहे हैं। बारिश के बाद इनमें पानी भर जाता है। इससे परेशानी और बढ़ जाती है। यह पिछले छह माह से खराब पड़ा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद भी इसकी मरम्मत की सुध नहीं ली जा रही है।
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एक साल से अधर में लटका गंगोह-करनाल हाईवे का निर्माण
गंगोह। यूपी को हरियाणा से जोड़ने वाले गंगोह-करनाल हाईवे पर लखनौती से दौलतपुर पुल तक के मार्ग के चौडीकरण का पिछले वर्ष दिसंबर माह में सांसद प्रदीप चौधरी और विधायक कीरत सिह द्वारा शिलान्यास किया गया था। मार्ग को चौड़ा तो कर दिया गया, परंतु उस पर रोड़ी डालने के बाद सड़क निर्माण आज तक पूर्ण नहीं किया गया है। दोपहिया वाहन सवार अक्सर रोड़ी पर फिसलकर चोटिल हो जाते है। दिन भर सड़क पर धूल के गुबार उड़ते हैं। वाहनों के टायर पंचर होना तो आम बात है। गंगोह-गुड़छप्पर मार्ग का करीब 200 मीटर का टुकड़ा भी पिछले काफी समय से जर्जर हालत में है। इस सड़क पर स्थित चार विद्यालयों के पांच हजार से अधिक विद्यार्थी और कई गांवों के ग्रामीणों को कीचड़ भरी सड़क से होकर गुजरना पड़ता है।
दो साल से टूटा पड़ा पिलखनी-पटनी मार्ग
चिलकाना। गांव पटनी से पिलखनी तक तथा पटनी से डिंडोलीखेड़ा, कलसिया तक जाने वाली सड़क पिछले दो साल से टूटी है। इस सड़क में जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हैं। इस कारण सड़क पर पैदल तथा वाहनों का चलना भी दूभर हो रहा है। हर समय दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। इसी तरह सुल्तानपुर से गुमटी जाने वाली निर्माणाधीन सड़क भी अधूरी पड़ी है। पांच किमी लंबी इस सड़क का निर्माण चार माह पहले शुरू हुआ था, लेकिन अभी तक आधी सड़क भी पूरी नहीं हो पाई है। सड़क का निर्माण पूरा नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा। गांव पंचकुआ से टोडरपुर, भूखड़ी तथा आल्हणपुर जाने वाली सड़क की हालत भी बहुत अधिक खराब है।
बारिश से दयनीय हुई क्षतिग्रस्त सड़कों की हालत
देवबंद। तलहेड़ी-शाहपुर मार्ग गड्ढों में तब्दील है। लगातार हो रही बारिश से इस मार्ग पर चलना दूभर हो गया है। महज 500 मीटर सड़क टुकड़ा पिछले करीब डेढ़ साल से क्षतिग्रस्त है। तलहेड़ी बुजुर्ग के ग्रामीण मुकेश त्यागी, अशोक कुमार, मनोज कुमार, जैकी व अरुण शर्मा ने बताया कि जनप्रतिनिधि भी क्षतिग्रस्त पड़े इस मार्ग की कोई सुध नहीं ले रहे हैं। देवबंद-मकबरा मार्ग की हालत भी बदतर है। उत्तराखंड के झबरेड़ा तक जाने वाले इस मार्ग का तीन किमी का हिस्सा लंबे समय से गड्ढों में तब्दील पड़ा है।

नानौता टिकरौल मार्ग पर सड़क में बने गड्ढे- फोटो : SAHARANPUR

रामपुर मनिहारान में गड्ढों में तब्दील हुआ बाईपास रोड- फोटो : SAHARANPUR

चिलकाना में खस्ताहाल पड़ा पटनी -पिलखनी मार्ग- फोटो : SAHARANPUR