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आक्रोश में अधिवक्ता, जुलूस निकाला
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Sat, 14 Oct 2017 12:09 AM IST
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प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर में मुकदमों की फीस एवं जमानत धनराशि को लेकर सामान्य नियमावली सिविल-1957 के नियम 585 में संशोधन को सरकार द्वारा अनुमति दिए जाने के विरोध में अधिवक्ताओं ने लगातार दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार किया।
अधिवक्ताओं ने जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने लगातार दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार किया। शुक्रवार को सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश चंद्र अग्रवाल की अध्यक्षता में पहले तो बार सभागार में सभी संघों की बैठक हुई।
जिसमें सामान्य नियमावली सिविल-1957 के नियम 585 में संशोधन को सरकार द्वारा अनुमति दिए जाने के विरोध में दूसरे दिन भी कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया।
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अधिवक्ताओं ने मुकदमों की कोई फीस, नाजिर की जमानत धनराशि बढ़ाने एवं अधीनस्थ न्यायालयों में वाद एवं अपील दाखिल करते समय अदा की जाने वाली कोर्ट फीस, अनुज्ञा फीस को बढ़ाने के लिए सामान्य नियमावली सिविल 1957 के नियम 585 में संशोधन के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार द्वारा संशोधन की अनुमति देने की निंदा की।
बैठक के बाद अधिवक्ता जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और रजिस्ट्री कार्यालय को बंद कराया। इसके बाद मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में सतेंद्र वर्मा, अरविंद शर्मा, मेघराज सैनी, अमरीश पुंडीर, राहुल त्यागी, तुषार अग्रवाल, अमित चौधरी, अभय सैनी, भरतेश जैन शामिल रहे।
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अधिवक्ताओं ने जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने लगातार दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार किया। शुक्रवार को सहारनपुर अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश चंद्र अग्रवाल की अध्यक्षता में पहले तो बार सभागार में सभी संघों की बैठक हुई।
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जिसमें सामान्य नियमावली सिविल-1957 के नियम 585 में संशोधन को सरकार द्वारा अनुमति दिए जाने के विरोध में दूसरे दिन भी कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया।
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अधिवक्ताओं ने मुकदमों की कोई फीस, नाजिर की जमानत धनराशि बढ़ाने एवं अधीनस्थ न्यायालयों में वाद एवं अपील दाखिल करते समय अदा की जाने वाली कोर्ट फीस, अनुज्ञा फीस को बढ़ाने के लिए सामान्य नियमावली सिविल 1957 के नियम 585 में संशोधन के प्रस्ताव को प्रदेश सरकार द्वारा संशोधन की अनुमति देने की निंदा की।
बैठक के बाद अधिवक्ता जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और रजिस्ट्री कार्यालय को बंद कराया। इसके बाद मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में सतेंद्र वर्मा, अरविंद शर्मा, मेघराज सैनी, अमरीश पुंडीर, राहुल त्यागी, तुषार अग्रवाल, अमित चौधरी, अभय सैनी, भरतेश जैन शामिल रहे।