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स्कूल फीस पर प्रशासन के कदम से अभिभावकों में बेचैनी

Tue, 23 Jun 2020 10:54 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jun 2020 10:54 PM IST
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Administration restriction on parents fees due to school fees
वैभव भाटिया - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। जिला विद्यालय निरीक्षक ने पत्र जारी किया। इसमें आर्थिक रूप से सक्षम अभिभावकों से पब्लिक स्कूलों में मासिक शुल्क जमा करानेे का अनुरोध किया। इसके लिए उन्होंने स्कूल संचालकों के उस पत्र का हवाला दिया, जो स्कूल संचालकों ने 21 जून को डीएम को सौंपा।
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21 जून को सहारनपुर सहोदय कांप्लेक्स से जुड़े स्कूल संचालकों ने डीएम को संबोधित ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में रिसीव कराया। इसमें स्कूलों में आर्थिक तंगी होने की बात कहते हुए फीस दिलाने की मांग की। स्कूल संचालकों ने कहा फीस नहीं आने से वित्त विहीन विद्यालयों के संचालकों, शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सामने भी आर्थिक संकट है। संगठन की मांग के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा मंगलवार को जारी पत्र से अभिभावकों में खलबली है। हालांकि इससे पहले वह एक पत्र जारी कर चुके हैं। इसमें स्कूल संचालकों से कहा गया था कि वह फीस के लिए दबाव ना बनाएं। अभिभावकों से भी स्कूल खुलने पर किश्तों में फीस जमा कराने को कहा। फीस को लेकर चल रही कशमकश को लेकर अमर उजाला ने कुछ अभिभावकों और स्कूल संचालकों से बात कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया।
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अभिभावकों का पक्ष
नुमाइश कैंप निवासी अनिल रसवंत ने कहा जब स्कूल खुला ही नहीं है। बच्चे स्कूल गए ही नहीं हैं तो फीस किस बात की। लॉकडाउन के चलते सभी कारोबार ठप है। लोगों के पास खाने तक को पैसा नहीं है। ऐसे में फीस की बात करना बेमानी है। जब स्कूल खुलेंगे तब से फीस दी जाएगी।
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मिशन कंपाउंड निवासी वैभव भाटिया ने कहा लोग परेशान हैं। सरकार को फीस माफ करनी चाहिए। स्कूल हर माह मोटी कमाई करते हैं। दो या चार माह की वेतन वह अपनी जेब शिक्षकों और कर्मचारियों को दे सकते हैं। उन्होंने सत्र को शून्य कर ग्रेड सिस्टम से सबको पास करने की मांग की।
अभिभावक गुरमेहर सिंह ने कहा प्रशासन अभिभावकों को सक्षम और अक्षम में ना तोले। इस समय सभी की हालत खराब है। ऐसे में सरकार को फीस माफी का आदेश जारी करना चाहिए। जब से स्कूल खुलेंगे अभिभावक तबसे फीस देगा।
स्कूलों की बात
स्कूल संचालक भी अभिभावकों की पीड़ा को समझते हैं, मगर आर्थिक रूप से सक्षम और सरकारी कर्मचारी अभिभावकों को भी स्कूलों की समस्या को समझना होगा, क्योंकि फीस नहीं आने की वजह से बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारियों का वेतन नहीं दिया जा सका है। इससे उनके परिवार टेंशन में हैं। ऐसे हालात में शिक्षक आगे ऑनलाइन भी नहीं पढ़ा पाएंगे।

सुरेंद्र चौहान, संयोजक, प्रोग्रेसि स्कूल फोरम, सहारनपुर।
भ्रांति फैलाई जा रही है कि लॉकडाउन अवधि की फीस माफ कर दी गई है, यह कोरी अफवाह है। सहारनपुर सहोदय कांप्लेक्स की मांग पर आर्थिक रूप से सक्षम अभिभावकों से मासिक शुल्क जमा कराने का अनुरोध किया गया है। - डॉ. अरुण कुमार दूबे, डीआईओएस, सहारनपुर।

सरदार गुरमेहर सिंह

सरदार गुरमेहर सिंह- फोटो : SAHARANPUR

अनिल रसवंत

अनिल रसवंत- फोटो : SAHARANPUR

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