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UP: बयानबाजी से थे नाखुश, इसलिए हत्या करना चाहते थे, चंद्रशेखर पर हमला करने वाले आरोपियों के तीन बड़े खुलासे
Mon, 03 Jul 2023 11:47 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 03 Jul 2023 11:47 AM IST
सार
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर पर हमला करने वाले आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वे चंद्रशेखर की बयानबाजी से नाखुश थे। इसी के चलते हत्या के इरादे से चंद्रशेखर पर गोली चलाई। मेरठ से लौटते समय आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों के पास से दो तमंचे भी बरामद हुए हैं।
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अंबाला से गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सहारनपुर के देवबंद में आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर पर हमला करने वाले अंबाला से गिरफ्तार चारों आरोपियों को पुलिस ने अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वे चंद्रशेखर की बयानबाजी से नाखुश थे। इसी के चलते हत्या के इरादे से चंद्रशेखर पर गोली चलाई।
मेरठ से लौटते समय आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों के पास से दो तमंचे भी बरामद हुए हैं। रविवार को पत्रकार वार्ता के दौरान डीआईजी अजय कुमार साहनी ने वारदात का खुलासा किया। डीआईजी ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए सर्विलांस और स्वॉट सहित पुलिस की पांच टीमें काम कर रही थी।
आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम ने उत्तराखंड, हरियाणा और मुजफ्फरनगर में दबिश दी। शनिवार को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अंबाला की अदालत में आत्मसमर्पण की फिराक में है। पता लगते ही सहारनपुर पुलिस टीम सक्रिय हो गई। आरोपियों को अदालत में जाने से पूर्व हरियाणा एसटीएफ को साथ लेकर पुलिस ने कस्बा शहजादपुर जिला अंबाला हरियाणा में एक ढाबे से गिरफ्तार किया।
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आरोपियों में विकास उर्फ विक्की पुत्र प्रीतम, प्रशांत पुत्र विक्रम कुमार, लविश पुत्र विरेंद्र सिंह निवासी गांव रणखंडी कोतवाली देवबंद और विकास उर्फ विक्की पुत्र शिव कुमार निवासी गौंदर थाना निसिंग जिला करनाल हरियाणा शामिल हैं। आरोपियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से वह चंद्रशेखर की बयानबाजी से नाखुश थे। चंद्रशेखर ने दिल्ली सहित आसपास के इलाकों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान गलत बयानबाजी की थी, जिससे उन्हें ठेस पहुंची।
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मेरठ से लौटते समय आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों के पास से दो तमंचे भी बरामद हुए हैं। रविवार को पत्रकार वार्ता के दौरान डीआईजी अजय कुमार साहनी ने वारदात का खुलासा किया। डीआईजी ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए सर्विलांस और स्वॉट सहित पुलिस की पांच टीमें काम कर रही थी।
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आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम ने उत्तराखंड, हरियाणा और मुजफ्फरनगर में दबिश दी। शनिवार को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अंबाला की अदालत में आत्मसमर्पण की फिराक में है। पता लगते ही सहारनपुर पुलिस टीम सक्रिय हो गई। आरोपियों को अदालत में जाने से पूर्व हरियाणा एसटीएफ को साथ लेकर पुलिस ने कस्बा शहजादपुर जिला अंबाला हरियाणा में एक ढाबे से गिरफ्तार किया।
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आरोपियों में विकास उर्फ विक्की पुत्र प्रीतम, प्रशांत पुत्र विक्रम कुमार, लविश पुत्र विरेंद्र सिंह निवासी गांव रणखंडी कोतवाली देवबंद और विकास उर्फ विक्की पुत्र शिव कुमार निवासी गौंदर थाना निसिंग जिला करनाल हरियाणा शामिल हैं। आरोपियों ने बताया कि पिछले कई दिनों से वह चंद्रशेखर की बयानबाजी से नाखुश थे। चंद्रशेखर ने दिल्ली सहित आसपास के इलाकों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान गलत बयानबाजी की थी, जिससे उन्हें ठेस पहुंची।
डीआईजी ने बताया कि बुधवार को आरोपी मेरठ से विकास उर्फ विक्की निवासी करनाल को लेकर लौट रहे थे। रोहाना टोल प्लाजा के पास उन्होंने कारों का काफिला देखा। तब, उन्हें पता चला कि काफिला आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर का है।
इसके बाद वह काफिले के पीछे लग गए। उस समय दिल्ली से लौटते समय चंद्रशेखर देवबंद में अपने एक कार्यकर्ता घर गए थे। जैसे ही वह कार्यकर्ता के घर से निकले तो आरोपियों ने यूनियन तिराहे के पास चंद्रशेखर की कार के बराबर में आकर गोलियां चलाई और फरार हो गए।
तेल खत्म होने के बाद कार मिरगपुर में छोड़ी, रात भर खेतों में छिपे रहे
वारदात के बाद आरोपियों की कार का पेट्रोल खत्म हो गया था। इसीलिए उन्होंने देवबंद क्षेत्र के गांव मिरगपुर में कार को छोड़ दिया और खेतों जाकर छिप गए। अगले दिन ट्रेन के जरिए वह हरियाणा के जनपद अंबाला गए थे।
वारदात के बाद आरोपियों की कार का पेट्रोल खत्म हो गया था। इसीलिए उन्होंने देवबंद क्षेत्र के गांव मिरगपुर में कार को छोड़ दिया और खेतों जाकर छिप गए। अगले दिन ट्रेन के जरिए वह हरियाणा के जनपद अंबाला गए थे।
कार को चला रहा था विकास, पहली गोली प्रशांत ने चलाई
कार गौंदर थाना निसिंग जनपद करनाल की है। घटना वाले दिन विकास ही कार चला रहा था। उसके बराबर की सीट पर रणखंड़ी निवासी प्रशांत बैठा था। पिछली सीट पर लविश और विकास निवासी रणखंडी बैठे हुए थे। पहली गोली प्रशांत ने चलाई। इसके बाद दो राउंड फायरिंग लविश ने की, जिसमें चंद्रशेखर घायल हुए।
कार गौंदर थाना निसिंग जनपद करनाल की है। घटना वाले दिन विकास ही कार चला रहा था। उसके बराबर की सीट पर रणखंड़ी निवासी प्रशांत बैठा था। पिछली सीट पर लविश और विकास निवासी रणखंडी बैठे हुए थे। पहली गोली प्रशांत ने चलाई। इसके बाद दो राउंड फायरिंग लविश ने की, जिसमें चंद्रशेखर घायल हुए।
खुलासे से संतुष्ट नहीं चंद्रशेखर, सीबीआई जांच की मांग
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर खुद पर हुए हमले को लेकर पुलिस द्वारा किए गए खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्हें पिस्टल की गोली लगी है, जबकि तमंचा बरामद दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि हमले की जांच सीबीआई से कराई जाए ताकि यह साफ हो सके कि हमले की साजिश में कौन शामिल है। कहीं हमलावरों को सत्ता का संरक्षण तो प्राप्त नहीं है।
भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर खुद पर हुए हमले को लेकर पुलिस द्वारा किए गए खुलासे से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि उन्हें पिस्टल की गोली लगी है, जबकि तमंचा बरामद दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि हमले की जांच सीबीआई से कराई जाए ताकि यह साफ हो सके कि हमले की साजिश में कौन शामिल है। कहीं हमलावरों को सत्ता का संरक्षण तो प्राप्त नहीं है।
कस्बा स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर ने कहा कि वे पुलिस को सही खुलासे के लिए पर्याप्त समय दे रहे हैं। पुलिस ईमानदारी के साथ इस बात का पता लगाए कि हमलावरों को किसने फिरौती दी है।
उन्होंने कहा कि साजिश के तहत ही हमलावरों ने कार गुर्जर बहुल गांव मिरगपुर में खड़ी की थी ताकि जातीय टकराव हो जाए। कहा कि भीम आर्मी के कार्यकर्ता अपने स्तर से भी जानकारी जुटा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे पुलिस से अपील करते हैं हमलावरों के परिजनों को उनके कृत्य की सजा ना दी जाए। उन्होंने कहा कि वे इस हमले से डरे नहीं है बल्कि और ज्यादा मजबूत हुए हैं।
चंद्रशेखर ने कहा कि किसी भी समाज की महिलाओं के साथ अत्याचार होगा तो वे बोलेंगे। भले ही कोई कितनी भी गोलियां चलाए, वे डरने वाले नहीं हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक द्वारा मित्र बताने तथा सुरक्षा प्रदान करने के बयान पर उनका कहना था कि प्रदेश सरकार यदि इतनी चिंतित होती तो उन पर हमला ही नहीं होता। जबकि जिस जगह उन पर हमला हुआ है, वहां से चंद कदम की दूरी पर पुलिस पिकेट मौजूद थी।