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इलाज के नाम पर तीमारदार से पैसा मांगता युवक पकड़ा

Mon, 13 Jan 2020 11:27 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 13 Jan 2020 11:27 PM IST
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A young man was caught demanding money from the timber in the name of treatment
सहारनपुर। एसबीडी जिला अस्पताल में इलाज के नाम पर वसूली का धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। कर्मचारी तो दूर की बात, अब बाहरी लोग भी तीमारदारों से रुपये एेंठने में लगे हैं। सोमवार को एक बाहरी युवक तीमारदार से इलाज के नाम पर पैसे मांग रहा था, जिसे पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
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सोमवार को मोहल्ला नदीम कॉलोनी निवासी मरजीना को परिजन गंभीर हालत में लेकर इमरजेंसी पहुंचे थे। इमरजेंसी से मरजीना को ओपीडी में दिखाने को कहा गया। परिजनों का आरोप है कि ओपीडी में बैठे एक युवक ने उनसे चायपानी के पैसे मांगे। परिजनों ने इसकी शिकायत प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एसके वार्ष्णेय से की। उन्होंने तुरंत कर्मचारी भेजकर उक्त युवक को पकड़वाया। पूछताछ में उक्त युवक अस्पताल का कर्मचारी होने की बजाय बाहरी युवक निकला, जिसे पुलिस को सौंप दिया गया। बताया जाता है कि यह पहली घटना नहीं है। करीब पांच दिन पहले भी एक नर्स का तीमारदार से रुपये लेने का वीडियो वायरल हुआ था। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने नर्स का पटल बदलने के साथ ही तीन डॉक्टरों की जांच बैठाई हुई है। अप्रैल 2019 में इमरजेंसी वार्ड में एक नर्स का रुपये लेने का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह तीमारदार से रुपये मांग रही थी। बाद में तीमारदार मेज के दराज में रुपये डालता हुआ नजर आया था।
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आरोपियों पर नहीं होती कार्रवाई
अभी तक जितने भी कर्मचारी तीमारदारों से वसूली करते पकड़े गए हैं या वीडियो वायरल हुए हैं। उन कर्मचारियों पर अभी तक कोई ऐसी कार्रवाई नहीं हुई है, जो अन्य कर्मचारियों के लिए सबक हो। शायद यही वजह है कि जनता से इलाज के नाम पर वसूली का सिलसिला रुक नहीं रहा है।
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जितने भी वीडियो या शिकायत अवैध वसूली की आई हैं। सभी में जांच कराई जाती है। हैरत की बात यह है कि जांच में जब पैसे देने वाले व्यक्ति से पूछताछ की जाती है तो वह रुपये देने से मुकर जाते हैं। ऐसे में विभाग कार्रवाई किस आधार पर करे? यदि पीड़ित सामने आए तो निश्चित रूप से कार्रवाई होगी।
- डॉक्टर एसके वार्ष्णेय, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक।
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